- मैट रैटली नकली स्तन, मेकअप और गहरे गले वाली ड्रेस पहनकर पढ़ाते हैं, जिससे कई लोग असहज महसूस कर रहे हैं
- यूनिवर्सिटी प्रशासन आलोचनाओं के बावजूद मैट रैटली के पहनावे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है
- सेंट हिल्डा कॉलेज की पूर्व छात्राओं ने इस असामान्य और यौन उकसाने वाले पहनावे पर चिंता जताई है
ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का बड़ा नाम है. यहां से एक से बढ़कर एक स्टूडेंट निकले हैं. लेक्चरर्स का तो कहना ही क्या? दुनिया के एक से बढ़कर एक विद्वानों को यहां पढ़ाने का मौका मिलता है. मगर, अब यहां एक लेक्चरर को उनके पहनावे के कारण हर तरफ से विरोध झेलना पड़ रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी इस विरोध की आवाज को नहीं सुन रही और लेक्चरर पर कोई ऐक्शन नहीं ले रही.
लेक्चरर का क्यों हो रहा विरोध
शायद एक कारण ये भी है केवल ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में ही ऐसी चीजों को स्वीकार कर लिया जाता है, जिन्हें कहीं और बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सेंट हिल्डा कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री के लेक्चरर मैट रैटली इसका एक सटीक उदाहरण हैं. रैटली हाल ही में चर्चा में आए हैं. वे एक दाढ़ी वाले व्यक्ति हैं, जो पढ़ाने के लिए बड़े-बड़े नकली स्तन लगाते हैं. इसके साथ ही, वे पूरा मेकअप करते हैं और गहरे गले (जिसमें उनका सीना दिखे) वाले टॉप या ड्रेस पहनते हैं. 36 वर्षीय इस लेक्चरर की तस्वीरें (जिनमें से कुछ ऑक्सफोर्ड के लेक्चर थिएटर के अंदर ली गई हैं) सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भारी विरोध शुरू हो गया है. पूर्व छात्रों और अभिभावकों ने शिकायतें की हैं. महिला अधिकार समूहों ने भी इस पर अपनी आवाज उठाई है. सोशल मीडिया पर खुद को ट्रांसजेंडर बताने वाले लोगों ने भी उनकी आलोचना की है.
यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य शिक्षक ने लिखित में सवाल पूछा कि अगर कोई महिला लेक्चरर पुरुषों के अंगों जैसे दिखने वाले बड़े नकली अंग पहनकर आए, तो इस पर क्या प्रतिक्रिया होगी? इसके बावजूद, ऑक्सफ़ोर्ड प्रशासन ने आलोचनाओं के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया है. एक तरह से, उन्होंने मिस्टर रैटली के इस अजीबोगरीब और कामुक रूप को सामान्य मान लिया है. ऐसा लगता है कि यूनिवर्सिटी का आधिकारिक रुख यही है कि 'यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है.' एक पूर्व छात्रा ने 'डेली मेल' को बताया, 'मैट रैटली के नकली स्तनों को देखकर मुझे असहजता महसूस हुई. लेकिन ऑक्सफोर्ड में, मुझे लगा कि महिलाओं की असहजता कोई मायने नहीं रखती.'
एक महिला एकेडमिक ने (जिन्होंने अपनी पहचान उजागर होने के डर से एक फर्जी ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल किया) बताया कि उन्होंने स्टाफ ट्रेनिंग सेशन में जाना लगभग बंद कर दिया था, क्योंकि मिस्टर रैटली के आस-पास रहना उन्हें बहुत परेशान करने वाला लगता था. एक सेशन के दौरान, जब मिस्टर रैटली प्रेजेंटेशन दे रहे थे, तब वह और उनके पास बैठी एक अन्य महिला इतनी असहज हो गईं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि 'वे कहां देखें'. एक अन्य मौके पर, जब काफी गर्मी थी, उन्होंने बताया कि मिस्टर रैटली ने इतनी छोटी स्कर्ट पहनी थी कि उनके अंडरवियर साफ दिख रहे थे. उनके अनुसार, वह अपने पैर फैलाकर बैठे थे और उनके दोनों तरफ ड्रेस पहनी हुई दो महिलाएं बैठी थीं. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह थी कि बाकी लोग उनके प्रेजेंटेशन को बिल्कुल सामान्य मान रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि महिला सहकर्मी उनके प्रति बहुत 'चापलूसी' भरा व्यवहार कर रही थीं, जिससे उन्हें यह पक्का यकीन हो गया कि उनके पहनावे पर सवाल उठाना किसी को भी पसंद नहीं आएगा.
कौन हैं मैट रैटली?
शिकायतें लगातार आती रहीं. 1 मई को, सेंट हिल्डा कॉलेज की तीन पूर्व छात्राओं ने प्रिंसिपल प्रोफेसर डेम सारा स्प्रिंगमैन को पत्र लिखा. उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बने कॉलेज में, उनके अनुसार, 'अत्यधिक यौन रूप से उकसाने वाले' पहनावे की अनुमति कैसे दी जा सकती है. पत्र में लिखा था, 'जैसा कि आप जानती होंगी, उनके [रैटली के] अत्यधिक यौन रूप से उकसाने वाले पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर सही मायने में काफी हंगामा हुआ है.हमें इस बात से निराशा है कि जो कॉलेज कभी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और केवल महिलाओं वाला माहौल देने के लिए जाना जाता था, वह अब इस तरह के पूरी तरह से अस्वीकार्य व्यवहार को बढ़ावा दे रहा है.इस तरह का पहनावा किसी भी कार्यस्थल पर अनुचित होगा.'
Oxford University lecturer Matt Rattley (male tutor in Modern England) sits in class wearing a low-cut dress, full makeup, red lipstick and a beard. £10,000 a year tuition… and this is what parents are paying for? https://t.co/NeD6dCoV9c
— Asiatic (@asiatic118) April 29, 2026
इसमें कोई शक नहीं कि मिस्टर रैटली एक प्रतिभाशाली शिक्षाविद हैं. उनके पास फर्स्ट-क्लास डिग्री है और उन्हें एक बार प्रतिष्ठित 'बेस्ट ट्यूटर' पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था. साथ ही, सभी के अनुसार, वे एक 'अच्छे इंसान' भी हैं. तीन साल पहले जब मिस्टर रैटली ने अपना अजीबोगरीब बदलाव शुरू किया, तो उनके कुछ साथियों को शुरुआत में लगा कि यह कोई मजाक है या लोगों के बर्दाश्त करने की क्षमता को परखने के लिए किया गया कोई सामाजिक प्रयोग है. इसकी तुलना अमेरिका के एक रियलिटी टीवी शो के प्रतियोगी से भी की गई, जिसने दावा किया था कि उसने सिर्फ एक 'ट्रांस महिला' होने का नाटक किया था. लेकिन ऐसा होने का कोई सबूत नहीं है, और यह शिक्षाविद आज भी इसी तरह के कपड़े पहनते हैं. भले ही मिस्टर रैटली डीप नेक वाले टॉप और ड्रेस पहनते हैं, चटक लाल लिपस्टिक और नेल पॉलिश लगाते हैं, और हाई हील्स पहनते हैं, फिर भी वे साफ तौर पर एक पुरुष हैं और इस बात को छिपाने की कोशिश भी नहीं करते.
रेटली को 2012 में समरविले कॉलेज से फर्स्ट-क्लास ऑनर्स (MChem) के साथ ग्रेजुएशन किया था, और अपनी परीक्षा के नतीजों के लिए उन्हें 'मैरी समरविले प्राइज़' भी मिला था. वे एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी हैं, जो समरविले ऑर्केस्ट्रा के साथ कॉन्सर्ट में 'बैसून' पर बीथोवेन और बाख की धुनें बजाते हैं. उनका बचपन ब्राइटन में बीता था. उनके माता-पिता कंपनियों में डायरेक्टर थे मगर रेटली के कम उम्र में ही गुजर गए. उनके पिता का 2007 में 44 साल की उम्र में निधन हो गया, और उनकी मां, जो रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम करती थीं, 2017 में 58 साल की उम्र में चल बसीं. कुछ साल पहले एक वैज्ञानिक पत्रिका को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने याद करते हुए बताया, "शायद इसमें थोड़ा विद्रोह भी शामिल था, क्योंकि मेरे माता-पिता ने जन्मदिन और क्रिसमस पर केमिस्ट्री सेट दिलाने की मेरी बार-बार की गई मांगों को ठुकरा दिया था." मिस्टर रैटली पिछले 13 वर्षों से ऑक्सफोर्ड के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि लेक्चरर शायद ये जेंडर इक्विलिटी के लिए कर रहे हैं. हालांकि, असली बात तो वही बता सकते हैं.
यह भी पढ़ें | माथे पर तिलक लगाने से रोका तो लंदन में 9 साल के लड़के के पिता ने ठोंका 31 लाख रुपये मुआवजे का दावा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं