मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के 12 दिन बीत चुके हैं. ईरान पर 5500 से ज्यादा लोकेशन पर बमबारी का दावा कर चुके अमेरिका के खजाने को बड़ा चूना लगा है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की रिपोर्ट में ही खुलासा हुआ है कि छह दिनों में 11.3 अरब डॉलर (94 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा रकम फूंक चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों को मंगलवार को ये जानकारी दी. पाकिस्तान का रक्षा बजट 2025-26 में भारतीय रुपये के हिसाब से 84 हजार करोड़ रुपये के करीब है.
अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में गोपनीय चर्चा के दौरान सीनेटरों को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 28 फरवरी के बाद एयरक्रॉफ्ट करियर, मिसाइल अटैक और अन्य हथियारों पर कितना खर्च किया गया है. 28 फरवरी को Operation Epic Fury के तहत अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की थी और तेहरान, कोम, इस्फहान जैसे शहरों को निशाना बनाया था.
ईरान-इजरायल युद्ध के पहले दिन ही तेहरान पर हुए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी मारे गए थे.हालांकि पेंटागन ने सांसदों को दी गई इस जानकारी पर कुछ कहने से इनकार किया है. लेकिन यह दावा किया है कि मिशन पूरा होने तक ऑपरेशन एरिक फ्यूरी जारी रहेगा. इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऐसे ही आंकड़े जारी किए थे.
अमेरिकी सांसद ईरान के खिलाफ इस युद्ध के उद्देश्य और दायरे को लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं. अतिरिक्त रक्षा बजट की मंजूरी को लेकर हुई बहस में कई सवाल अमेरिकी सीनेटरों ने उठाए हैं. 13वें दिन में ये महायुद्ध प्रवेश कर चुका है. खासकर विपक्षी सीनेटरों का कहना है कि युद्ध में खर्च के तौरतरीकों और उद्देश्यों को लेकर सरकार की ओर से ठोस जानकारी मिलनी चाहिए.
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द सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट की मानें तो ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के शुरुआती 100 घंटों में ही अमेरिका ने 3.7 अरब डॉलर ( करीब 34 हजार डॉलर) की रकम फूंक दी थी. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने अनुमानों में कहा है कि पेंटागन 5.6 अरब डॉलर (51 हजार 700 करोड़) रुपये से अधिक ईरान से दो दिन के युद्ध के दौरान सिर्फ हथियारों पर खर्च कर चुका है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के एडमिरल ब्रैड कूपर का कहना है कि ईरान में युद्ध के बाद से 5500 ठिकानों पर बमबारी की गई है. ईरान के 60 से ज्यादा युद्धपोत या छोटे जहाज डुबोए जा चुके हैं.
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