- नेपाल में भड़की ताजा हिंसा की शुरुआत सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके से हुई थी.
- जहां बीते रविवार को दो धार्मिक समुदायों के बीच उत्सव को लेकर हुए विवाद के बाद झड़पें हुई थीं.
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे माहौल और बिगड़ा.
नेपाल के कोशी और मधेश प्रांतों में बीते एक सप्ताह से जारी सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है. दोनों प्रांत भारत के बिहार राज्य से लगते हैं. हिंसा के कारण मधेश प्रांत के धनुषा, सिराहा और बीरगंज जिलों के कुछ हिस्सों में गुरुवार को अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया. वहीं सुनसरी जिले में (जहां सोमवार को पहली बार कर्फ्यू लगाया गया था) भी यह अनिश्चितकाल के लिए जारी रहा. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सीमावर्ती जिलों में सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत के बीच लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की. शाह ने टीवी पर राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन में कहा कि सरकार हालिया हिंसा की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि काठमांडू में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है और तनाव कम करने के लिए बातचीत जारी है. शाह ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य मंचों के जरिये अफवाहें, गलत जानकारी या नफरत फैलाने वाली बातें न प्रसारित करें.
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाहले देशबासीलाई सम्बोधन गर्दै शांति, सदभाव, भाईचारा र राष्ट्रीय एकता कायम राख्न अपील गरेका छन्। @ShahBalen pic.twitter.com/6FdwzgbhMj
— Pankaj Das (@pankajj_das) July 30, 2026
सुनसरी जिले के देवानगंज से रविवार को शुरू हुई झड़प
नेपाल में भड़की ताजा हिंसा की शुरुआत सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके से हुई थी. जहां बीते रविवार को दो धार्मिक समुदायों के बीच उत्सव को लेकर हुए विवाद के बाद झड़पें हुई थीं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और सुरक्षा कर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे.
पुलिस के अनुसार, सिरहा जिले के गोलबाजार के पास तुलसीपुर निवासी 15-वर्षीय गणेश यादव को बृहस्पतिवार को दो समूहों के बीच हुई झड़प में गंभीर चोटें आईं. इलाज के दौरान स्थानीय अस्पताल में उसकी मौत हो गई. जिला प्रशासन के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गोलबाजार क्षेत्र में लगाया गया अनिश्चितकालीन कर्फ्यू गुरुवार को लहान नगरपालिका तक बढ़ा दिया गया.
सिरहा र जनकपुरधामको अवस्था
— Pankaj Das (@pankajj_das) July 30, 2026
सिंहदरबारमा बैठक गर्दै विज्ञप्ति निकालेर समस्याको समाधान हुनेवाला छैन। ठोस एक्शन हुनु पर्यो। सुनसरीमा हिन्दू समुदाय माथि हमला गर्ने कप्तानगन्ज स्थित दारुल उलुम अल सुफा मदरसामा रहेकाहरुलाई तत्काल गिरफ्तार गरियोस्। pic.twitter.com/hBZ9SPENR5
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो बता रहे भयावहता
यह घटना गोलबाजार इलाके में विभिन्न समूहों द्वारा किए जा रहे हिंसक प्रदर्शनों के दौरान हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने एक शॉपिंग मॉल में भी आग लगा दी. सोशल मीडिया पर नेपाल में भड़की हिंसा की कई तस्वीरें और वीडियो हैं. जो वहां की स्थिति को बता रहे हैं. ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष बेचन मेहता के मुताबिक, सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका में सांप्रदायिक झड़पों के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए जय प्रकाश मेहता की भी बृहस्पतिवार को बिराटनगर के एक न्यूरो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
हिंसा में मारे गए लोगों को 10-10 रुपए का मुआवजा
बेचन मेहता ने रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए दोनों लोगों के परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. परसा जिला प्रशासन की ओर से जारी एक नोटिस के अनुसार, बिहार के रक्सौल से सटे बीरगंज में पूर्व में प्रतिमा चौक, पश्चिम में तिलाबे पुल, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट के बीच के इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी. बीरगंज, बिहार के रक्सौल से सटा हुआ है.
5 से ज्यादा लोगों के एक साथ जमा होने पर लगी रोक
निषेधाज्ञा के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक सभा या बैठक करने पर रोक लगाई गई है. यह आदेश बृहस्पतिवार शाम पांच बजे से शुक्रवार सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा. सुनसरी जिले में सोमवार से लागू कर्फ्यू को भी अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है, हालांकि वहां स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है.

बोलबम यात्रा के दौरान कहासुनी से शुरू हुई हिंसक झड़प
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धार्मिक जुलूस के मार्ग और धार्मिक प्रतीकों को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई. उग्र भीड़ ने दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया. कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और अंततः भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
हिंसा के बाद पूरा सुनसरी जिला हाई अलर्ट पर है. नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है.
विराटनगर सहित कई जगहों पर प्रदर्शन
नेपाल के सुनसरी जिला में बोलबम यात्रा के दौरान हुए सामुदायिक हमले से भड़की सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ नेपाल की औद्योगिक राजधानी कही जाने वाली कोशी प्रदेश के विराटनगर में गुरुवार को विभिन्न हिन्दू संगठनों के द्वारा प्रदर्शन किया गया. पूरे शहर में मार्च करते हुए विभिन्न हिन्दू संगठन की ओर से घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग नेपाल सरकार से की.विराटनगर स्थित जिला प्रशासन के कार्यालय के सामने हिन्दू धर्म के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया.
सुनसरी के देवानगंज में हुई घटना के विरोध में मोरंग के विराटनगर सहित अन्य इलाकों में भी हिन्दू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठन, नागरिक एवं स्थानीय निवासी मोरंग जिला प्रशासन कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं.

नेपाली पुलिस के साथ-साथ सेना के जवान भी सड़कों पर
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से घटना की सच्चाई सार्वजनिक करने, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. इधर विराटनगर में प्रदर्शन को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई.नेपाल पुलिस के अलावे नेपाली सेना को सड़क पर विधि व्यवस्था संधारण को लेकर लगाया गया है.
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