- जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे एक चीनी नागरिक लुहाइताओ को 11 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया
- नेपाल की सेना और विदेशी बचावकर्मियों की संयुक्त टीम ने लुहाइताओ को सुरंग के अंदर 225 मीटर की दूरी से बचाया
- नुवाकोट जिले में भी रेस्क्यू टीमों ने एक महिला को सुरक्षित बचाने में सफलता हासिल की है
नेपाल की भीषण आपदा के बीच राहत और उम्मीद की दो बड़ी खबरें सामने आई हैं. रसुवा जिले में एक सुरंग में फंसे चीनी नागरिक को 11 दिन बाद जीवित और सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. वहीं, नुवाकोट में भी रेस्क्यू टीमों ने एक महिला को सुरक्षित बचा लिया. तबाही और निराशा के माहौल में ये दोनों सफल बचाव अभियान लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे.
भाषा के मुताबिक, बचाए गए चीनी नागरिक की पहचान लुहाइताओ के तौर पर की गई है और वह बाढ़ से प्रभावित ऊपरी त्रिशूली-एक जलविद्युत परियोजना की ऑडिट सुरंग-चार में बाढ़ के बाद फंस गया था.
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— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) September 5, 2026

नेपाल की सेना ने बताया कि लुहाइताओ को शनिवार स्थानीय समयानुसार अपराह्न डेढ़ बजे नुवाकोट जिले में उस जगह से बचाया गया.
इस बीच, नेपाल पुलिस ने बताया कि नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स नेपाल की एक संयुक्त टीम ने नुवाकोट ज़िले के विदुर स्थित बेत्रावती-10 से एक महिला को भी सफलतापूर्वक बचाया है.

ताजा बचाव अभियान के साथ, त्रिशूली जलविद्युत परियोजना से जिंदा निकाले गए कर्मचारियों की कुल संख्या तीन हो गई है. शुक्रवार को त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से नेपाल के दो कर्मचारियों को बचाया गया था.
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को बचाए गए कर्मचारियों की पहचान 45 वर्षीय कबीर महर्जन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में की गई है.
नेपाल की सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, महर्जन इस परियोजना पर मैकेनिकल पर्यवेक्षक के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि साह ‘फोरमैन' थे.
नेपाल की सेना के नेतृत्व में सुरक्षा कमान विशेष उपकरणों का इस्तेमाल करके खोज और बचाव अभियान चला रहा है.

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमनद और चट्टानों के टूटने से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिसमें 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 4,900 लोग अब भी लापता हैं.
अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में लगभग 12 जल विद्युत परियोजनाओं के कम से कम 900 कर्मचारी लापता हैं, जिनमें से लगभग 500 के सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका है.
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