Nepal Tax on Indian Goods: भारत और नेपाल के बीच का रिश्ता 'रोटी-बेटी' का माना जाता है, लेकिन अब इस रिश्ते की मिठास पर टैक्स का साया मंडरा रहा है. नेपाल की बालेन शाह सरकार की ओर से सीमा पर भंसार (कस्टम) नियमों को बेहद कड़ा किए जाने से अब आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. स्थिति यह है कि अगर भारत से नेपाल लोग अपने ससुराल जा रहे हैं, तो मिठाई का डिब्बा, नए कपड़े या शगुन का कोई सामान है, तो सीमा पर टैक्स चुकाना होगा.
काठमांडू के मेयर बालेन शाह के इस फैसले ने सदियों पुराने पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को दांव पर लगा दिया है. अब नेपाल की सीमा में कदम रखते ही आपकी जेब पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे सरहद के दोनों तरफ रहने वाले लोग परेशान और आक्रोशित हैं.
100 रुपये से ज्यादा की शॉपिंग पर देना होगा टैक्स
नियम तो पहले भी थे, लेकिन उन्हें लागू करने में थोड़ी ढील दी जाती थी. अब नियम यह है कि यदि कोई नेपाली नागरिक भारत से 100 भारतीय रुपये (लगभग 160 नेपाली रुपये) से ज्यादा का सामान लेकर आता है, तो उसे अनिवार्य रूप से भंसार शुल्क देना होगा. शादी-ब्याह के इस सीजन में यह नियम लोगों के लिए गले की फांस बन गया है. रक्सौल-बीरगंज बॉर्डर पर स्थिति काफी तनावपूर्ण है, क्योंकि वहां हर रोज हजारों लोग पारिवारिक कामों से सीमा पार करते हैं.
सीमा पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी बहन-बेटियों की शादी सीमा पार हुई है. ऐसे में शगुन के सामान या तोहफों पर कस्टम की कड़ी नजर होना न केवल आर्थिक बोझ है, बल्कि यह उनके पारिवारिक सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहा है. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब अपनों से मिलने जाने के लिए भी सरकार को टैक्स देना होगा?
रक्सौल का बाजार हुआ सूना, व्यापारियों में मायूसी
इस कड़े फैसले का सबसे ज्यादा असर बिहार के रक्सौल बाजार पर पड़ा है. रक्सौल का व्यापार पूरी तरह से नेपाली ग्राहकों पर निर्भर था. वहां के दुकानदारों के मुताबिक, उनका 90% कारोबार नेपाल से आने वाले ग्राहकों से चलता था, लेकिन अब वहां सन्नाटा पसरा है.
दूसरी ओर, नेपाल के बीरगंज के दुकानदारों की स्थिति भी कोई बहुत अच्छी नहीं है. उन्हें उम्मीद थी कि भारतीय बाजार बंद होने से उनका धंधा चमकेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. बालेन सरकार की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के तहत बीरगंज में हजारों दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया है, जिससे वहां का स्थानीय बाजार खुद संकट में है.
शादी-ब्याह के मौके पर जब भारतीय पक्ष से लोग फल, मिठाई और कपड़े लेकर नेपाल जाते हैं, तो उन्हें सीमा पर लंबी जांच और टैक्स की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.
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