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भारत ने रोकी चीनी तो नेपाल का बिगड़ा स्वाद, एक महीने में कीमत 15 रुपए बढ़ी

जब से भारत ने चीनी के निर्यात पर रोक लगाई है, नेपाल में व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. नेपाल चीनी की अपनी कुल मांग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बाहर से मंगाता है.

भारत ने रोकी चीनी तो नेपाल का बिगड़ा स्वाद, एक महीने में कीमत 15 रुपए बढ़ी
India Sugar Export Ban: भारत के चीनी निर्यात पर बैन का असर नेपाल में (फोटो- NDTV)
  • भारत ने चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रोक लगाई है और इसका असर नेपाल में दिखने लगा है
  • एक महीने के भीतर ही नेपाल में चीनी की कीमतें लगभग 15 नेपाली रुपए तक बढ़ गई हैं
  • हालांकि नेपाल सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, अभी चिंता की कोई बात नहीं है

भारत के चीनी निर्यात पर बैन का असर अब पड़ोसी देश नेपाल में दिखने लगा है. एक महीने के भीतर ही नेपाल में चीनी की कीमतें लगभग 15 नेपाली रुपए तक बढ़ गई हैं. वहां के दुकानों में चीनी महंगी बिकने से लोग परेशान हैं और उपभोक्ता संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो त्योहारों के मौसम में कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं. हालांकि इस सबके बीच नेपाल सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और तत्काल चिंता की कोई बात नहीं है.

नेपाल में हो रहा असर

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एक महीने पहले नेपाल में जो चीनी लगभग 95 नेपाली रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब देश की ज्यादातर खुदरा दुकानों में 110 नेपाली रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है. इस रिपोर्ट के अनुसार कीमत बढ़ने के बावजूद नेपाल सरकार फिलहाल भारत से चीनी मंगाने की योजना नहीं बना रही है. सरकार का कहना है कि देश में चीनी का भंडार कम से कम अगले छह महीने तक मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है.

हालांकि, दूसरी तरफ उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पहले से तैयारी नहीं की, तो त्योहारों के मौसम में कीमतें और तेजी से बढ़ सकती हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता अधिकार जांच मंच के अध्यक्ष माधव तिमल्सिना ने कहा कि सरकार को सरकार-से-सरकार समझौते के जरिए चीनी आयात करने के लिए बातचीत शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि व्यापारियों ने पहले ही कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं.

तिमल्सिना ने कहा कि चीनी एक जरूरी वस्तु है और आने वाले त्योहारों के मौसम में इसकी मांग बढ़ेगी. अगर सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो इसका बोझ आम लोगों को उठाना पड़ेगा.

इस रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में हर साल लगभग 1,55,000 टन चीनी का उत्पादन होता था लेकिन चीनी मिलों से पेमेंट में देरी के कारण किसानों ने गन्ने की खेती छोड़ दी. इससे उत्पादन घटकर लगभग 1,20,000 टन रह गया है. वहीं नेपाल में चीनी की सालाना मांग लगभग 3,00,000 टन है. यानी कुल मांग का लगभग 2/3 चीनी उसे आयात करना पड़ता है.

भारत ने क्यों लगाया है बैन?

भारत ने 30 सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाई है. भारत सरकार की तरफ से चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है. बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है और यहां सरकार मिलों को आनुपातिक रूप से कोटा वितरित करके निर्यात को नियंत्रण में रखती है. अभी अल नीनो की वजह से खराब मौसम और खाड़ी देश की लड़ाई के बीच अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने देश के बाहर चीनी के निर्यात पर बैन लगाया है.

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