नेपाल में 26 अगस्त को जो बाढ़ आई थी, उसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 पहुंच गई है. रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. लेकिन खराब मौसम और मलबा इसे मुश्किल बना रहा है. जो लोग इस बाढ़ में बच गए हैं, वे राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. नेपाल के लोगों की मदद के लिए दुनिया आगे आ रही है.
मदद करने वालों में हेमकुंड फाउंडेशन नाम की संस्था के 20 सदस्य भी नुवाकोट पहुंचे हैं. नुवाकोट वही जगह है, जहां नेपाल की बाढ़ में अच्छी-खासी तबाही मचाई है.
दो दिन पहले ही आई है टीम
हेमकुंड फाउंडेशन की टीम मकानों में बचा-खुसा सामान निकालकर लोगों की मदद कर रही है. इस संस्था के लोग राहत का सामान फ्लाइट से भेजने के बाद खुद फ्लाइट से नेपाल आए और अब ट्रक लेकर लोगों की मदद कर रहे हैं.
जहां जहां घरों में मलबा है, वहां-वहां जाकर घरों में बचा हुआ सामान निकालने और लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की कोशिश इनकी तरफ से की जा रही है.
टीम के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें दो दिन हो गए हैं. उन्होंने बताया कि हमने राहत सामग्री का काम देखा. एक सदस्य ने बताया कि खाने-पीने के सामान के हम ऐसे बॉक्स बना रहे हैं, जिन्हें हेलीकॉप्टर से नीचे गिराया जा सकता है.
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मुंबई से नेपाल आई लड़की
हेमकुंड फाउंडेशन से जो 20 लोग नुवाकोट पहुंचे हैं, उनमें मुंबई की फार्मा कंपनी में काम करने वाली एक लड़की भी है. जैसे ही उसे पता चला कि हेमकुंड फाउंडेशन के लोग मदद के लिए नेपाल जा रहे हैं, उसने कंपनी से छुट्टी ली और फ्लाइट लेकर नेपाल आ गईं. मुंबई और नेपाल के बीच लगभग डेढ़ हजार किलोमीटर की दूरी है.
टीम के एक सदस्य ने बताया कि उन्होंने एक पोस्ट डाली थी- 'I Need Volunteer' तो उसे देखते ही उस लड़की ने मैसेज किया कि कब निकल रहे हैं और वह सीधे मुंबई से नेपाल आ गई.
उस लड़की ने बताया कि शनिवार को उन्होंने ऑफिस में बताया कि वह नेपाल जा रही हैं और आ गईं. उन्होंने कहा कि हमारी मुश्किल लोगों की मुश्किलों से बहुत कम है.
नेपाल में लगातार मिलते जा रहे शव
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद 26 अगस्त को देश में अचानक बाढ़ आ गई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और पावर प्लांट को भी बहा दिया.
अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या और शव मिलने के बाद सोमवार को बढ़कर 939 हो गई जबकि 4,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं.
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, चितवन जिले में 279, नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 168, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनाहुन में 38 और रसुवा में 23 शव बरामद किए गए हैं.
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