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Israel Election: क्या नेतन्याहू को हराने के लिए ईरान, तुर्किए और कतर ने लिफाफे में बांटे पैसे?

इजरायल के 27 अक्टूबर के संसदीय चुनाव के दौरान कथित वोट खरीद और विदेशी फंडिंग का मामला सामने आया है. इजरायली मीडिया हाउस वाला की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव से पहले अरब पार्टियों के समर्थन में कथित तौर पर नकदी और अन्य प्रलोभन बांटे गए.

Israel Election: क्या नेतन्याहू को हराने के लिए ईरान, तुर्किए और कतर ने लिफाफे में बांटे पैसे?
फाइल फोटो
NDTV

क्या इजरायल के संसदीय चुनाव में लोगों ने पैसे ले कर वोट कर दिया? जिस देश के सुरक्षा एजेंसियों के बारे में पूरी दुनिया में बात की जाती हो उस देश में विदेशी फंडिंग का बड़ा मामला सामने आने की बात हो रही है. इजरायल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव संपन्न हुए हैं जिस दिन वोट डाले जा रहे थे. उसके ठीक एक महीना पहले से इजरायल के लोगों को लिफाफे में पैसे दिया जा रहा था. ऐसी रिपोर्ट इजरायल की मीडिया हाउस वाला ने दी है. जैसे ही खबर बाहर आई तुरंत चुनाव आयोग ने शिन बेट को जांच करने का आदेश जारी कर दिया है. 

वाला की रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने पहले एजेंसियों को आशंका बढ़ गई थी कि अरब पार्टीज का वोट बढ़ाने के लिए ईरान तुर्किए और कतर से पैसा बड़ी मात्रा में ट्रांसफर किए जा रहे हैं जिसकी जानकारी मिलने के बाद आईडीएफ शिन बेट और मोसाद के अधिकारियों की एक जांच कमेटी बनाई गई थी साथ ही इस मामले को नेसेट की विदेश और रक्षा समिति के सामने भी रखा गया था. 

वाला की रिपोर्ट के मुताबिक, संदेह इस संभावना पर था कि इस बड़ी रकम को सिविलियन लॉन्ड्रिज यानी पैसे को सही दिखाने के लिए किसी संस्था का उपयोग करके भेजा गया था, यानी अरब पार्टीज के लिए जो गैर सरकारी संस्था और संगठन एनजीओ काम कर रहे उनको पाइपलाइन बनाकर ये पैसे ट्रांसफर किए गए थे लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हो पाया है कि क्या पैसे का इस्तेमाल मतदान को प्रभावित करने के लिए किया गया या नहीं. 

गुरुवार को पुलिस ने अरब 'राअम' पार्टी की ओर से कथित तौर पर वोट खरीदने के मामले की जांच के सिलसिले में चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इनमें दक्षिणी इजरायल के बेदौइन समुदायों के तीन स्कूल प्रिंसिपल भी शामिल हैं.  मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के बाद से इस जांच में अब तक कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है. हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों में से तीन को बाद में उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया.

लिफाफे को बनाया बड़ा नेटवर्क 

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में बड़ा खुलासा वोटिंग के दिन हुआ जब तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. इनके घर से तलाशी के दौरान राअम पार्टी के मत-पत्रों के हजारों शेकेल नकद से भरे लिफाफे बरामद हुए और गिरफ्तार हुए लोगों में से एक पार्टी का कार्यकर्ता भी था. 

जांच के दौरान पता चला कि यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि एक बड़ा व्यापक अभियान था जिसमें एजेंसी को शक है इसमें अरब पार्टीज के स्कूल के प्रिंसिपल भी शामिल हो सकते हैं. 

मीडिया हाउस वाला के अनुसार, अरब पार्टीज को वोट देने के लिए 1000 शेकेल नकद ईधन बाउचर और कई लालच की पेशकश हुई थी. एक अनुमान के मुताबिक,  शेकेल का वितरण लाखों तक पहुंच सकता है. केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोल्बर्ग ने शिन बेट के निदेशक डेविड जिनी को जांच करने का निर्देश दिया और एक हफ्ते जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है. चुनाव के दिन ही नेसेट के सदस्य अमित हालेवी और अरब पार्टीज के मतदान पर निगरानी करने वालों अन्य लोगों ने भी मतदान केंद्रों के पास नकदी देने की सूचना दी थी. 

कतर ने चुनावों में दखल से किया इनकार 

कतर ने इजरायल के चुनावों में दखल देने और वोट बढ़ाने के लिए पैसे बांटने के आरोपों को खारिज कर दिया है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मजीद अल अंसारी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि हम इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते हैं कि कतर ने इजरायली चुनावों में दखल दिया है या चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि के लिए फंड दिया है. हम कुछ इजरायली राजनेताओं और मीडिया में उनके संपर्कों की ओर से लगाए गए उन आरोपों को खारिज करते हैं, जिन्होंने इस हफ्ते हुए चुनावों के बाद कतर को इजरायल के राजनीतिक विवादों में घसीटने के लिए एक और दुष्प्रचार अभियान शुरू किया है. अगर इन दावों पर यकीन कर लिया जाए, तो ऐसा लगेगा मानो पूरा इजरायल ही कतर का है. ये आरोप बेतुके होने के साथ-साथ खतरनाक भी हैं.

आइजेनकोट बोले विदेशी दखलंदाजी बेहद खतरनाक 

इजरायल में विपक्ष के उम्मीदवार गादी आइजेनकोट ने कहा, "मैं नेतन्याहू की सराहना करता हूं कि उन्होंने इजरायल के मामलों में कतर की दखलंदाजी की निंदा की है. इजरायल में विदेशी दखलंदाजी एक अस्वीकार्य और बेहद गंभीर मामला है खासकर तब जब एक ऐसा देश शामिल हो जो हमास को फंड देता हो और उसका समर्थन कार्य है यह और गंभीर हो जाता है जब यह चुनावी प्रक्रिया में देखने को मिले, शिन बेट (Shin Bet) को इन संदेहों की निष्पक्ष, गहन और तत्काल जांच करनी चाहिए. जो कोई भी चुनावों की अखंडता को नुकसान पहुंचाते हुए या ऐसा करने की कोशिश करते हुए पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए."

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने गिरफ्तारी की मांग 

कतर से जुड़े इजरायली चुनावी धांधली के आरोपों पर राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने चुनाव में कथित हस्तक्षेप की पूरी जांच की मांग की है. हर्जोग ने कहा, "हमारे चुनावों की शुचिता एक सर्वोच्च लोकतांत्रिक मूल्य है. उन्होंने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए  और कानून के तहत उन्हें पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाए हर्ज़ोग ने बताया कि उन्होंने शिन बेट के प्रमुख डेविड ज़िनी और चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोहलबर्ग के साथ इस मामले पर चर्चा की है. वहीं इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच और राष्टीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ने अरब पार्टीज के नेताओं से पूछताछ और गिरफ्तारी की माँग कर की है स्मोट्रिच ने आरोप लगाया है कि इस्लामी सगठनों के पैसे से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई है. 

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