क्या इजरायल के संसदीय चुनाव में लोगों ने पैसे ले कर वोट कर दिया? जिस देश के सुरक्षा एजेंसियों के बारे में पूरी दुनिया में बात की जाती हो उस देश में विदेशी फंडिंग का बड़ा मामला सामने आने की बात हो रही है. इजरायल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव संपन्न हुए हैं जिस दिन वोट डाले जा रहे थे. उसके ठीक एक महीना पहले से इजरायल के लोगों को लिफाफे में पैसे दिया जा रहा था. ऐसी रिपोर्ट इजरायल की मीडिया हाउस वाला ने दी है. जैसे ही खबर बाहर आई तुरंत चुनाव आयोग ने शिन बेट को जांच करने का आदेश जारी कर दिया है.
वाला की रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने पहले एजेंसियों को आशंका बढ़ गई थी कि अरब पार्टीज का वोट बढ़ाने के लिए ईरान तुर्किए और कतर से पैसा बड़ी मात्रा में ट्रांसफर किए जा रहे हैं जिसकी जानकारी मिलने के बाद आईडीएफ शिन बेट और मोसाद के अधिकारियों की एक जांच कमेटी बनाई गई थी साथ ही इस मामले को नेसेट की विदेश और रक्षा समिति के सामने भी रखा गया था.
वाला की रिपोर्ट के मुताबिक, संदेह इस संभावना पर था कि इस बड़ी रकम को सिविलियन लॉन्ड्रिज यानी पैसे को सही दिखाने के लिए किसी संस्था का उपयोग करके भेजा गया था, यानी अरब पार्टीज के लिए जो गैर सरकारी संस्था और संगठन एनजीओ काम कर रहे उनको पाइपलाइन बनाकर ये पैसे ट्रांसफर किए गए थे लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हो पाया है कि क्या पैसे का इस्तेमाल मतदान को प्रभावित करने के लिए किया गया या नहीं.
गुरुवार को पुलिस ने अरब 'राअम' पार्टी की ओर से कथित तौर पर वोट खरीदने के मामले की जांच के सिलसिले में चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इनमें दक्षिणी इजरायल के बेदौइन समुदायों के तीन स्कूल प्रिंसिपल भी शामिल हैं. मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के बाद से इस जांच में अब तक कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है. हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों में से तीन को बाद में उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया.
लिफाफे को बनाया बड़ा नेटवर्क
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में बड़ा खुलासा वोटिंग के दिन हुआ जब तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. इनके घर से तलाशी के दौरान राअम पार्टी के मत-पत्रों के हजारों शेकेल नकद से भरे लिफाफे बरामद हुए और गिरफ्तार हुए लोगों में से एक पार्टी का कार्यकर्ता भी था.
जांच के दौरान पता चला कि यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि एक बड़ा व्यापक अभियान था जिसमें एजेंसी को शक है इसमें अरब पार्टीज के स्कूल के प्रिंसिपल भी शामिल हो सकते हैं.
मीडिया हाउस वाला के अनुसार, अरब पार्टीज को वोट देने के लिए 1000 शेकेल नकद ईधन बाउचर और कई लालच की पेशकश हुई थी. एक अनुमान के मुताबिक, शेकेल का वितरण लाखों तक पहुंच सकता है. केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोल्बर्ग ने शिन बेट के निदेशक डेविड जिनी को जांच करने का निर्देश दिया और एक हफ्ते जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है. चुनाव के दिन ही नेसेट के सदस्य अमित हालेवी और अरब पार्टीज के मतदान पर निगरानी करने वालों अन्य लोगों ने भी मतदान केंद्रों के पास नकदी देने की सूचना दी थी.
تنفي دولة قطر نفياً قاطعاً المزاعم بشأن تدخلها في الانتخابات الإسرائيلية أو تمويل أي أنشطة تستهدف التأثير في نتائجها، وترفض الاتهامات التي يروج لها بعض السياسيين الإسرائيليين وأطراف إعلامية مرتبطة بهم، في إطار حملة تضليل جديدة تستهدف الزج باسمها في التجاذبات السياسية الداخلية في إسرائيل، على خلفية الانتخابات التي جرت هذا الأسبوع. ونشير إلى تناقض هذه الاتهامات، التي تتراوح بين الزعم بشراء ولاء بنيامين نتنياهو، وتمويل اليسار الإسرائيلي، وصولاً إلى التأثير في أصوات الناخبين العرب، وكأننا، وفقاً لهذه المزاعم، نتحكم في المشهد السياسي الإسرائيلي بأكمله. ونؤكد أن هذه الاتهامات الباطلة تجمع بين العبثية والخطورة، وأن الإصرار على الزج باسمنا في الخطاب الانتخابي بهذه الطريقة يعكس هوساً مفرطاً بقطر لدى بعض الأوساط السياسية والإعلامية الإسرائيلية يتجاوز المنطق. ونشدد على أننا لسنا كبش فداء للإخفاقات السياسية لبعض السياسيين الإسرائيليين، وأن الأجدى بهم، بدلاً من محاولة صرف الأنظار نحونا، هو الاستجابة لتطلعات ناخبيهم، ومعالجة تداعيات سياساتهم الكارثية على المنطقة. ونجدد التأكيد على أن أننا غير معنيين بالتنافس السياسي والانتخابي في إسرائيل فهو شأن داخلي لا نتدخل فيه، ولن نقبل الزج بنا في خلافاته. ونؤكد أن أي حكومة تفرزها الانتخابات مطالبة بالالتزام بالقانون الدولي وقرارات الشرعية الدولية، والتعامل بجدية وصدق مع القضية الفلسطينية، واحترام حقوق الشعب الفلسطيني الشقيق غير القابلة للتصرف، وفي مقدمتها حقه في تقرير المصير وإقامة دولته المستقلة على حدود عام 1967 وعاصمتها القدس الشرقية. ونشدد على أن هذه الحملات لن تثنينا عن مواصلة دورنا في الوساطة، وجهودنا الدبلوماسية والإنسانية، ودعم الشعب الفلسطيني الشقيق، والتزامنا بالعمل لتحقيق سلام عادل وشامل يعزز الأمن والاستقرار في المنطقة. ونؤكد مواصلة العمل الوثيق مع شركائنا الإقليميين والدوليين لتسوية النزاعات بالوسائل الدبلوماسية، وأن الصمت لن يكون استراتيجيتنا إزاء توظيف اسمنا لخدمة أجندات انتخابية أو مكاسب سياسية ضيقة.
— د. ماجد محمد الأنصاري Dr. Majed Al Ansari (@majedalansari) October 29, 2026
कतर ने चुनावों में दखल से किया इनकार
कतर ने इजरायल के चुनावों में दखल देने और वोट बढ़ाने के लिए पैसे बांटने के आरोपों को खारिज कर दिया है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मजीद अल अंसारी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि हम इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते हैं कि कतर ने इजरायली चुनावों में दखल दिया है या चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि के लिए फंड दिया है. हम कुछ इजरायली राजनेताओं और मीडिया में उनके संपर्कों की ओर से लगाए गए उन आरोपों को खारिज करते हैं, जिन्होंने इस हफ्ते हुए चुनावों के बाद कतर को इजरायल के राजनीतिक विवादों में घसीटने के लिए एक और दुष्प्रचार अभियान शुरू किया है. अगर इन दावों पर यकीन कर लिया जाए, तो ऐसा लगेगा मानो पूरा इजरायल ही कतर का है. ये आरोप बेतुके होने के साथ-साथ खतरनाक भी हैं.
आइजेनकोट बोले विदेशी दखलंदाजी बेहद खतरनाक
इजरायल में विपक्ष के उम्मीदवार गादी आइजेनकोट ने कहा, "मैं नेतन्याहू की सराहना करता हूं कि उन्होंने इजरायल के मामलों में कतर की दखलंदाजी की निंदा की है. इजरायल में विदेशी दखलंदाजी एक अस्वीकार्य और बेहद गंभीर मामला है खासकर तब जब एक ऐसा देश शामिल हो जो हमास को फंड देता हो और उसका समर्थन कार्य है यह और गंभीर हो जाता है जब यह चुनावी प्रक्रिया में देखने को मिले, शिन बेट (Shin Bet) को इन संदेहों की निष्पक्ष, गहन और तत्काल जांच करनी चाहिए. जो कोई भी चुनावों की अखंडता को नुकसान पहुंचाते हुए या ऐसा करने की कोशिश करते हुए पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए."
מברך על כך שנתניהו מגנה סוף סוף מעורבות קטארית במדינת ישראל. מעורבות זרה במדינת ישראל היא דבר פסול וחמור מאין כמוהו, במיוחד כשמדובר במדינה שמממנת ותומכת בארגון חמאס. זה חמור כשזה קורה בלשכת רה״מ וזה חמור אם זה קורה במערכת הבחירות. שב״כ חייב לחקור ללא משוא פנים את החשדות באופן מלא ומידי. יש לנקוט באגרוף ברזל כלפי כל מי שיתברר שפגע או שניסה לפגוע בטוהר הבחירות. כל החלטה הנוגעת לבחירות צריכה להתקבל בחרדת קודש קיצונית ומתוך הבנה שהשבעת הכנסת ה-26 חייבת להתקיים במועדה. מימוש רצון הבוחר בבחירות דמוקרטיות הוא רכיב יסוד בדמוקרטיה הישראלית ובחוסן הלאומי. נתניהו, שהתרגל להתמודד עם המציאות באמצעות שקרים, הנדסת תודעה והפצת כאוס, מוביל יחד עם שותפיו מבצע השפעה פסול על הציבור הישראלי במטרה לעכב את פרסום תוצאות הבחירות במועדן ולייצר דה לגיטימציה פיקטיבית לפעילות הכנסת ה-26. הניסיון לנצל מידע (שטרם נחקר) שפרטיו והיקף חשדותיו טרם התבררו כדי לערער על תוצאות הבחירות הרשמיות- שבהן הציבור הישראלי הצביע נגד ממשלת המחדל, אינו מתקבל על הדעת ויש לדחות אותו מכל וכל.
— Gadi Eisenkot - גדי איזנקוט (@gadi_eisenkot) October 29, 2026
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने गिरफ्तारी की मांग
कतर से जुड़े इजरायली चुनावी धांधली के आरोपों पर राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने चुनाव में कथित हस्तक्षेप की पूरी जांच की मांग की है. हर्जोग ने कहा, "हमारे चुनावों की शुचिता एक सर्वोच्च लोकतांत्रिक मूल्य है. उन्होंने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए और कानून के तहत उन्हें पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाए हर्ज़ोग ने बताया कि उन्होंने शिन बेट के प्रमुख डेविड ज़िनी और चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोहलबर्ग के साथ इस मामले पर चर्चा की है. वहीं इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच और राष्टीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ने अरब पार्टीज के नेताओं से पूछताछ और गिरफ्तारी की माँग कर की है स्मोट्रिच ने आरोप लगाया है कि इस्लामी सगठनों के पैसे से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई है.
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