- बुधवार को सोमालिया से शारजाह जा रहे भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमला हुआ और वह ओमान के तट पर डूब गया है
- ओमान के तटरक्षक बल ने जहाज के 14 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया और वे सभी सुरक्षित हैं
- भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अस्वीकार्य बताया और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है
ब्रिटिश सेना ने दावा किया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्वी तट पर लंगर डाले एक जहाज को जब्त कर लिया गया है और वह ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि उसे सूचना मिली है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास, संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से 38 समुद्री मील (70 किलोमीटर, 44 मील) उत्तर-पूर्व में लंगर डाले हुए जहाज को कुछ लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया. इससे पहल भारतीय अधिकारियों ने आज ही बताया कि बुधवार को सोमालिया से शारजाह जा रहे एक भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमले के बाद आग लग गई और वह ओमान के तट पर डूब गया. ये भी तट होर्मुज के ही इलाके में आता है. हालांकि, हमलावरों की पहचान नहीं बताई गई है.
अब तक किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने गुरुवार को जब्त किए गए जहाज का नाम नहीं बताया और कहा कि वह मामले की जांच कर रहा है. इस घटना की जिम्मेदारी तत्काल किसी ने नहीं ली है. फुजैराह तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और फारस की खाड़ी के बाहर संयुक्त अरब अमीरात का मुख्य बंदरगाह है. ईरान के साथ युद्ध के दौरान इस पर बार-बार हमले हुए हैं. भारत के जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी मुकेश मंगल के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज हाजी अली पर हमला बुधवार को हुआ. उन्होंने बताया कि ओमान के तटरक्षक बल ने जहाज के सभी 14 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया और वे सुरक्षित हैं.
भारत ने जताई कड़ी नाराजगी
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को "अस्वीकार्य" बताया और वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा की. मंत्रालय ने हमलावर की पहचान नहीं बताई. यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग की अपनी बहुप्रतीक्षित यात्रा पर चीनी नेता शी जिनपिंग से मिले. नेताओं की बातचीत में ईरान के साथ युद्ध पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद थी.
ईरानी अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि नए ईरानी प्रोटोकॉल के तहत बुधवार रात को चीनी जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू कर दिया. रिपोर्टों के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री और ईरान में बीजिंग के राजदूत के अनुरोध के बाद तेहरान ने कई चीनी जहाजों के मार्ग को सुगम बनाने पर सहमति जताई. बुधवार शाम को ट्रंप के चीन पहुंचने के साथ ही जहाजों ने अपनी यात्रा शुरू कर दी.
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