- डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया और राजकीय भोज आयोजित हुआ
- शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों महान राष्ट्र हैं और सहयोग से विश्व कल्याण बढ़ सकता है
- ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों का जिक्र करते हुए द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दोनों देशों के सहयोग को याद किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं. चीन में उनका भव्य स्वागत किया गया. साथ ही चीन ने अमेरिका के सामने एक ताइवान वाली लक्ष्मण रेखा भी खींच दी. आज जब ट्रंप के स्वागत में चीन ने राजकीय भोज का आयोजन किया तो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप ने वहां लोगों को संबोधित किया. इस दौरान ट्रंप ने शी के सामने वर्ल्ड वॉर 2 का जिक्र कर एक बेहद महत्वपूर्ण बात याद की.
शी जिनपिंग ने कहा-चीन-अमेरिका दोनों महान
भोज में ट्रंप से पहले बोलते हुए चीन के शी जिनपिंग ने कहा: “चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों ही महान राष्ट्र हैं, और चीन के महान पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर से महान बनाने के लक्ष्य एक साथ हासिल किए जा सकते हैं. हम एक-दूसरे की सफलता में सहयोग कर सकते हैं और पूरे विश्व के कल्याण को आगे बढ़ा सकते हैं.”
ट्रंप ने किया वर्ल्ड वॉर 2 का जिक्र
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विस्तार से अमेरिका-चीन संबंधों पर बात की. उन्होंने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आने का न्योता दिया. ट्रंप ने आगे कह, "आज सुबह चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ हमारी बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत और बैठकें हुईं," ट्रंप ने बताया कि चीन और अमेरिका के संबंध बहुत पुराने हैं. वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान भी चीन और अमेरिका का सहयोग रहा था. दोनों देश उस समय भी एक-दूसरे की मदद कर रहे थे. अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंध हमेशा से रहे हैं.
अपनी बात समाप्त करते हुए ट्रंप ने कहा, “इस खूबसूरत स्वागत के लिए राष्ट्रपति शी को एक बार फिर धन्यवाद, और आज रात, मुझे आपको, मैडम पेंग, 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आने का निमंत्रण देने का सम्मान प्राप्त हो रहा है और हम इसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं, और अब मैं आपका ग्लास उठाकर अमेरिकी और चीनी लोगों के बीच समृद्ध और स्थायी संबंधों के लिए टोस्ट प्रस्तावित करना चाहूंगा.”
ईरान मामले पर क्या हुआ
कुल मिलाकर कहें तो ट्रंप पूरी तरह से शी जिनपिंग और चीन की तारीफ करते आए. वहीं शी जिनपिंग ने कूटनीतिक तरीके से अपनी बात साफ-साफ अमेरिका को कह दी. ईरान के मामले पर यह पता नहीं है कि ट्रंप ने शी जिनपिंग को अपना प्रभाव इस्तेमाल करने के लिए राजी किया या नहीं. व्हाइट हाउस ने कहा कि शी जिनपिंग जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाजों पर टोल लगाने के खिलाफ हैं और उन्होंने भविष्य में खाड़ी देशों के तेल पर चीन की निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से अधिक तेल खरीदने में रुचि व्यक्त की है.
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