- शी जिनपिंग ने ट्रंप की हैंडशेक में खींचने की कोशिश का मजबूती से विरोध किया और खुद को ट्रंप से बचाए रखा
- ट्रंप ने शी जिनपिंग के इस जवाब के बाद आगे किसी भी तरह की दबाव वाली हैंडशेक की कोशिश नहीं की
- शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर अपनी सीमा स्पष्ट कर दी, जबकि ट्रंप ने चीन-अमेरिका संबंधों पर दोस्ताना रुख अपनाया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा पर हैं. 13 की रात वो चीन पहुंचे और आज उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले. पहली मुलाकात में ही ट्रंप ने शी को कंट्रोल या यूं कहें कि दबाने की कोशिश की, लेकिन शी जिनपिंग सतर्क थे. उन्होंने ट्रंप को उल्टा कंट्रोल कर लिया. इसके बाद ट्रंप ने फिर ऐसी कोई कोशिश नहीं की. मगर ये बताता है कि अगर आप किसी से मिलते वक्त सतर्क नहीं हों तो वो व्यक्ति आप पर पहली मुलाकात में ही हावी हो सकता है.
दरअसल, हुआ ये कि ट्रंप जब जिनपिंग से मिले तो दोनों ने हाथ मिलाया. इस दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग को अपनी ओर खींचने की कोशिश की. मगर शी जिनपिंग ट्रंप की इस आदत को जानते थे. उन्होंने ट्रंप के खींचने पर अपने हाथों को मजबूती से पीछे की ओर खींचा. इससे वो ट्रंप की ओर नहीं झुके और ट्रंप मुस्कुराते रह गए.
देखिए ट्रंप-शी हैंडशेक वीडियो
🚨⚡️ HANDSHAKE WAR:
— RussiaNews 🇷🇺 (@mog_russEN) May 14, 2026
Trump tried his signature move to seize control, but Xi stood like a fortress, forcing a desperate double-hand pivot. pic.twitter.com/CNxq82VA8n
ट्रंप ने ऐसा पहली बार नहीं किया. वो सभी नेताओं से ऐसा ही करते हैं. यहां तक कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी ऐसा कर चुके हैं. इससे ज्यादातर नेता असहज हो जाते हैं. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के अलावा शी जिनपिंग ने ट्रंप के इस हैंडशेक का बड़े ही तरीके से जवाब दिया. इसके बाद ट्रंप ने शी से इस तरीके से हैंडशेक की कोशिश नहीं की. वहीं अगर शी जिनपिंग के बॉडी लैंग्वेज पर नजर डालें तो साफ जाहिर होता है कि वो ट्रंप को लेकर बहुत ज्यादा सजग हैं. वो तय कर चुके हैं कि उन्हें कहां तक ट्रंप से रिश्ते निभाने हैं और कहां तक अपनी बात रखनी है.
हैंडशेक का असर बातचीत में भी नजर आया
इस हैंडशेक का असर दोनों नेताओं की बातचीत में भी नजर आया. ट्रंप इसके बाद शी जिनपिंग से बहुत ज्यादा नजदीकी जताने से बचे. वहीं शी जिनपिंग ने भी उनके साथ वैसा ही रवैया अपनाया. हां, ट्रंप थोड़े ज्यादा शी जिनपिंग से प्रभावित नजर आए और उन्हें मेरे दोस्त कहकर राजकीय भोज में संबोधित किया. इसके अलावा वो चीन-अमेरिका संबंधों की दुहाई देते नजर आए. वहीं शी जिनपिंग ने ट्रंप को पार्टनर के रूप में संबोधित किया. ट्रंप के शी जिनपिंग के साथ अंतिम निजी बैठक के बाद शुक्रवार दोपहर के ठीक बाद रवाना होने की उम्मीद है, लेकिन ईरान युद्ध, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ताइवान जैसे विवादास्पद मुद्दों पर शायद ही कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है. हालांकि, शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर अपनी सीमा साफ-साफ ट्रंप को बता दी.
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