- केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
- मंत्री का कहना है कि होर्मुज बंद होने के बाद भी देश में कच्चे तेल की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है.
- एलपीजी की खरीदी भी अमेरिका से बढ़ाई गई है. जिससे भारत में ईंधन की समस्या नहीं है.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा 'इस साल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. क्योंकि भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात की खरीदी को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है. जिससे तेल की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है. इसी तरह से LPG की सप्लाई को खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करते हुए अमेरिका वर्तमान में भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है, जो कुल आयात का लगभग 67 प्रतिशत है. सीआईआई (CII) के एक कार्यक्रम उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि संकट के इस दौर में देश के एक भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं हुई है.
41 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा भारत
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात की खरीदी को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है. जिससे तेल की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है. देश में पेट्रोल पंपों की संख्या 2014 के लगभग 52000 से बढ़कर अब 1.07 लाख हो गई है. पेट्रोल पंपों का नेटवर्क बढ़ने से भी तेल सप्लाई सही रही है. इसी तरह से एलपीजी (LPG) की खरीदी को भी बढ़ाया है. शहरी गैस वितरण का दायरा 55 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़कर 309 क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. अमेरिका से एलपीजी की सप्लाई हो रही है.
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होर्मुज बंद होने का असर नहीं
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा होर्मुज बंद रहने का असर दुनियाभर पर पड़ा था. भारत का भी कुल कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा इसी मार्ग से जुड़े देशों से आयात करता था. देश का 90 प्रतिशत एलपीजी और 60 प्रतिशत गैस आयात भी इसी रास्ते से होता था. लेकिन रास्ता बंद होने से कई समस्याएं आई थी. ऐसे में तुरंत वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की और घरेलू उत्पादन को बढ़ाया गया था. जिससे देश में तेल सप्लाई में कमी नहीं आई थी.
84000 करोड़ की योजना मंजूर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गहरे समुद्र में तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देने के लिए 84000 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी दी गई है. इसमें निजी क्षेत्र को शामिल किया जाएगा, जहां सरकार ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत या प्रति कुआं 650 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी. इसी तरह देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस नऔर एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है. एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि 1.07 लाख पेट्रोल पंपों में से केवल 4 स्थानों पर मामूली गड़बड़ी पाई गई थी, जिसे व्यापक समस्या नहीं माना जा सकता. देश में सप्लाई की कमी नहीं है.
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