- ईरान में बढ़ती महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के कारण शुरू जनता का विरोध प्रदर्शन और फैलता जा रहा है
- ईरान सरकार ने इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन सेवाएं बंद कर देश में संचार व्यवस्था बाधित कर दी है
- हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हुई और हजारों को हिरासत में लिया गया है
ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अली होसैनी खामेनेई की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही. ईरान के इस्लामी शासन के खिलाफ जनता का विरोध प्रदर्शन रुकना तो दूर और तेज होता जा रहा है. बागी जनता ने राजधानी तेहरान की हर सड़क को पाट दिया है. खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई से नाराज ईरानी लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सत्तारूढ़ लोकतांत्रिक इस्लामिक शासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. ईरान के मध्य जिले इस्फ़हान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) भवन को आग के हवाले कर दिया. कई गाड़ियों को भी आग के हवाले किया गया है.
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व में ईरान की सरकार ने रात के समय प्रदर्शन तेज होने के कारण देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल सर्विस ही काट दी है. वहीं आजादी के नारे लगाते लोगों को देश की न्यायपालिका के प्रमुख और उसके सुरक्षा बलों ने कठोर प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है.
तेहरान में क्या हो रहा?
निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने तेहरान के अंदर रात को विरोध प्रदर्शन करने को कहा था. पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे प्रदर्शन का आह्वान किया था. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही रात के 8 बजे, तेहरान के आसपास के इलाकों में नारे गूंजने लगे. लोग "तानाशाह मुर्दाबाद" और "इस्लामी गणतंत्र मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे. कुछ अन्य लोगों ने शाह के लिए नारे लगाए की, "यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस आएगा!"
ईरान से इंटरनेट और सभी तरह के संचार बंद होने से पहले हजारों लोग सड़कों पर देखे जा सकते थे. क्राउन प्रिंस पहलवी ने कहा है, "ईरानियों ने आज रात अपनी आजादी की मांग की. जवाब में, ईरान में शासन ने संचार की सभी लाइनें काट दी हैं... इसने इंटरनेट बंद कर दिया है. इसने लैंडलाइन काट दी है. सैटेलाइट सिग्नलों को जाम करने का भी प्रयास किया जा सकता है."
Iranians have had enough.
— Visegrád 24 (@visegrad24) January 9, 2026
They want the regime to fall pic.twitter.com/31pKHpNZD2
Another video from Dolat Street in #Tehran, capital city of #Iran, shows protesters chanting slogans against the Islamic regime and expressing support for #RezaPahlavi, the leader of Iran's revolution. #IranProtests pic.twitter.com/AO1SmFq9DT
— Babak Taghvaee - The Crisis Watch (@BabakTaghvaee1) January 9, 2026
उन्होंने यूरोपीय नेताओं से भी कहा कि वो ट्रंप की तरह ईरान के शासन को जिम्मेदार ठहराने की घोषणा करें. पहलवी ने कहा था कि जैसी लोग उनके कॉल के जवाब में प्रतिक्रिया देंगे, उसी आधार पर वो आगे की योजना पेश करेंगे. इजरायल के प्रति और उसकी ओर से उनके समर्थन की अतीत में आलोचना हुई है - विशेष रूप से जून में इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए 12-दिवसीय युद्ध के बाद. कुछ प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों ने शाह के समर्थन में नारे लगाए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह खुद पहलवी के लिए समर्थन है या 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले के राजतंत्र में लौटने की इच्छा है.
This footage shows a large crowd of anti-regime protesters on Bahar Shiraz Street in #Tehran, capital city of #Iran. They can be seen marching toward Haft-e Tir and Sohrevardi streets and chanting “#JavidShah” (Long Live the Shah). #IranProtests pic.twitter.com/P13DYHWiDx
— Babak Taghvaee - The Crisis Watch (@BabakTaghvaee1) January 9, 2026
पूरे ईरान में फैला विद्रोह
जनता हिंसा का सहारा भी ले रही है. गुरुवार देर रात बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ राजधानी तेहरान समेत देश के करीब 50 शहरों में उमड़ पड़ी. हजारों प्रदर्शनकारियों की ये भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उनको संभालना मुश्किल था. जगह-जगह आगजनी और नारेबाजी हो रही थी.कई जगहों पर हिंसक झड़पें भी हुईं.
रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया कि हिंसक प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ईरान के मध्य जिले इस्फ़हान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) भवन को आग के हवाले कर दिया. कई गाड़ियों को भी आग के हवाले किया गया है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने कहा कि अब तक, प्रदर्शनों के आसपास हुई हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
BREAKING:
— 𝐍𝐢𝐨𝐡 𝐁𝐞𝐫𝐠 ♛ ✡︎ (@NiohBerg) January 8, 2026
The people of Tehran are burning down regime buildings right now. The crowd is MASSIVE.
pic.twitter.com/V5j6nwbLb4
क्यों हो रहा विरोध- प्रदर्शन
वर्तमान विरोध प्रदर्शन तीन वर्षों में असंतोष की सबसे बड़ी लहर है. यह पिछले महीने तेहरान के ग्रांड बाज़ार में दुकानदारों द्वारा ईरानी करेंसी (रूबल) की कीमत में तेजी से गिरावट की निंदा करते हुए शुरू हुई थी. कुप्रबंधन और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण बढ़ती महंगाई और राजनीतिक और सामाजिक स्वतंत्रता पर अंकुश सहित आर्थिक कठिनाइयों पर गहराते संकट के बीच देश भर में अब यह अशांति फैल गई है. ईरान में दिसंबर में महंगाई दर साल-दर-साल की तुलना में 52 प्रतिशत थी.
ईरानी अधिकारियों ने ईरान की जनता के सामने आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को तो स्वीकार किया है, लेकिन विरोध को भड़काने के लिए विदेशी शक्तियों से जुड़े नेटवर्क पर आरोप लगाया है. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि यदि ईरान की सरकार "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से मारता है," तो अमेरिका उनके बचाव में आएगा." ट्रंप ने बार-बार अपनी यह प्रतिज्ञा दोहराई है और कहा है कि अमेरिका के मिसाइल लॉक एंड रेडी हैं.
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