- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हवाई हमले में घायल हुए, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं.
- उसी हमले में उनके पिता अली खामेनेई, मां और पत्नी की मौत हो गई थी.
- सुरक्षा खतरे के कारण मोजतबा फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे और संभवतः सुरक्षित बंकर में रह रहे हैं.
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं. ईरानी अधिकारियों ने बुधवार (11 मार्च 2026) को यह जानकारी दी. 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन तेहरान में दिन के समय हुए एक हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसी हमले में उनकी मां और पत्नी भी मारे गए थे. मोजतबा खामेनेई को सप्ताहांत में ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था, लेकिन नियुक्ति के बाद से वे न तो सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं और न ही उन्होंने कोई बयान दिया है.
अब बुधवार को ईरानी राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ पेजेश्कियन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि उन्हें खबर मिली थी कि मोजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं. उन्होंने लिखा, “मैंने कुछ ऐसे दोस्तों से बात की जिनके उनसे संपर्क हैं. उन्होंने बताया कि अल्लाह का शुक्र है, वे बिल्कुल सुरक्षित हैं.” यूसुफ पेजेश्कियन सरकार के सलाहकार भी हैं.
मोजतबा खामेनेई को रविवार (8 मार्च 2026) को ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था. उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की जगह ली, जिनकी 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत में हुए हवाई हमले में हत्या कर दी गई थी. साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सालारियन ने भी बताया कि उस बमबारी के समय मोजतबा खामेनेई वहीं मौजूद थे और उसी हमले में वे घायल हो गए थे. उन्होंने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से कहा, “वे भी उस समय वहां थे और उस बमबारी में घायल हुए, लेकिन विदेशी मीडिया में यह बात ज्यादा सामने नहीं आई.”
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक तेहरान के मध्य इलाके में जिस परिसर पर हमला हुआ, उसमें खामेनेई परिवार के कई सदस्य मौजूद थे. इस हमले में मोजतबा खामेनेई की पत्नी और मां की भी मौत हो गई. पिछले कुछ दिनों से मोजतबा खामेनेई की तबीयत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. सोशल मीडिया पर तो यहां तक अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे भी अपने रिश्तेदारों के साथ उस हमले में मारे गए हैं. हालांकि सरकारी टीवी पर उन्हें रमजान युद्ध का घायल बताया गया लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई. चूंकि यह युद्ध मुसलमानों के पवित्र महीने रमजान में शुरू हुआ है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है.
तेहरान में लगे विशाल पोस्टर
इस बीच तेहरान में मोजतबा खामेनेई के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं. एक पोस्टर में उन्हें प्रतीकात्मक रूप से अपने पिता अली खामेनेई से राष्ट्रीय झंडा लेते हुए दिखाया गया है, जबकि इस्लामिक रिपब्लिक के संस्थापक रुहोल्लाह खुमैनी पीछे खड़े नजर आते हैं. सोमवार (9 मार्च 2026) को तेहरान के मध्य इलाके में हुई एक बड़ी रैली में हजारों सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने उनके पोस्टर भी लहराए. हालांकि राजधानी में रात के समय मोजतबा मुर्दाबाद के नारे भी सुनाई दिए, जिससे यह साफ हुआ कि उनके खिलाफ विरोध भी मौजूद है. कई लोग मानते हैं कि 2009 से अब तक हुए कई सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने में मोजतबा खामेनेई की बड़ी भूमिका रही है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट
न्यूयॉर्क टाइम्स ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि मोजतबा खामेनेई को चोटें आई हैं, खासकर उनके पैरों में. रिपोर्ट के मुताबिक वे पूरी तरह होश में हैं और फिलहाल एक बेहद सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं जहां से उनका संपर्क सीमित है. इजरायली सेना के दो अधिकारियों ने भी इस अखबार को बताया कि उनकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मोजतबा के पैरों में चोट लगी है.
फिलहाल सार्वजनिक रूप से नहीं आएंगे
जानकारों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित हमले के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई कुछ समय तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आएंगे. उनके लंबे समय तक किसी सुरक्षित बंकर में रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि वो सरकार चलाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी को सौंप सकते हैं. जबकि युद्ध से जुड़े फैसलों की कमान संसद के शक्तिशाली स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है. जानकार यह भी कहते हैं कि ईरान की सेना और शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स दोनों ने मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी जताई है. इसके अलावा यमन के हूती विद्रोहियों और लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन ने भी उनका समर्थन किया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ईरान को समर्थन देने का वादा किया है.
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि वे इस पद के लिए कबूल नहीं होंगे. उन्होंने एबीसी न्यूज से कहा था, “अगर उन्हें हमारी मंजूरी नहीं मिलती, तो वे ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे.”
बता दें कि खामेनेई परिवार पर पहले भी हमला हो रखा है. मोजतबा के पिता अली खामेनेई की 1981 में हत्या की कोशिश की गई थी जिसमें वो घायल हो गए थे. उस हमले के बाद उनकी एक बांह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गई थी और उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा उसी हालत में बिताया.
कैसे चुना जाता है सुप्रीम लीडर
ईरान में सुप्रीम लीडर का चुनाव 88 धर्मगुरुओं की एक समिति करती है. यह पद आजीवन होता है और सुप्रीम लीडर शिया मुसलमानों के लिए धार्मिक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाते हैं.
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