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ईरान में प्रदर्शन के बीच खामेनेई समर्थकों की विशाल रैली, जानें भारतीय स्कॉलर की ग्राउंड जीरो की आंखों देखी

ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच कुम में खामेनेई समर्थकों की ऐतिहासिक रैली निकली है. भारतीय स्कॉलर जमीर जाफरी ने NDTV को बताया कि यहां पर लाखों लोग एकजुट होकर पश्चिमी नैरेटिव को चुनौती दे रहे हैं.

  • कुम शहर में लाखों लोगों ने खामेनेई के समर्थन में रैली निकाली, जिसमें एकजुटता और राष्ट्रीयता का संदेश दिया गया
  • रैली में "लब्बैक या खामेनेई" और अमेरिका, इसराइल मुर्दाबाद जैसे नारे लगाकर पश्चिमी एजेंडे को चुनौती दी
  • विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ नेता सरकार के समर्थन में रैलियों में शामिल हो रहे हैं
कुम:

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और पश्चिमी मीडिया के नैरेटिव के बीच शहर मुकद्दस कुम में एक ऐतिहासिक रैली निकली है. अल मुस्तफा यूनिवर्सिटी के स्कॉलर जमीर जाफरी एनडीटीवी के लिए ग्राउंड जीरो पर थे. उन्होंने बताया इस रैली में हजारों ही नहीं बल्कि लाखों लोग शामिल हुए, जिनका एक ही पैगाम था, “लब्बैक या खामेनेई.” लब्बैक ईरान का मतलब "मैं हाजिर हूं, ईरान" या "ईरान, मैं तुम्हारे लिए हूं" (ईरान के समर्थन में) हो सकता है, जो अक्सर ईरान के राजनीतिक या धार्मिक संदर्भ में इस्तेमाल होता है.

ईरान में रैली, पश्चिमी एजेंडे को चुनौती

जाफरी ने बताया कि यह रैली पश्चिमी प्रोपेगेंडा को सीधी चुनौती है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि ईरान की जनता सरकार के खिलाफ है. लेकिन क़ुम की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि लोग रहबर मुअज्जम आयतुल्लाह खामेनेई के साथ खड़े हैं. इस रैली में मुर्दाबाद अमेरिका, मुर्दाबाद इसराइल के नारे लग रहे थे. लोगों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि ईरान को टुकड़ों में बांटने की कोशिश करने वालों को करारा जवाब मिलेगा.

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रैली अमेरिका, इसराइल के लिए संदेश

इस विशाल रैली में जहां तक नजर जाती है, सिर्फ लोग ही लोग दिखाई दे रहे थे. रैली में एक और अहम नारा पूरे जोर से लग रहा था “हैदर हैदर”. इसका मतलब है कि इसराइलियों को इतिहास में अगर किसी ने हराया था तो वह अमीरुल मोमिनीन अली इब्ने अबी तालिब थे. आज भी अगर इसराइल और अमेरिका को चुनौती दी जा रही है तो वह अली के अनुयायी कर रहे हैं. जाफरी ने कहा कि यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं बल्कि एक संदेश है कि ईरान की जनता रहबर मुअज्जम के सिपाही हैं और किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं.

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ईरान में भारी तनाव का माहौल

ईरान में अभी भारी तनाव का माहौल है, एक तरफ देश की आम जनता खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. दूसरी ओर, तेहरान में सरकार के समर्थन में रैली निकाली जा रही है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस समर्थन रैली में शामिल हुए. रैली के दौरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "लोगों की मौजूदगी से हमें हिम्मत मिलती है, लोगों को मौके पर ताकतवर होना चाहिए; हम भी मौके पर हैं." इसके अलावा, ईरान के मसूद पेजेशकियन भी खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के खिलाफ ताकत दिखाने के लिए सरकार के समर्थन में रैलियों में शामिल हुए.

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ईरानी जनता का प्रदर्शन

ईरान में जनता का ये विरोध प्रदर्शन अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. ईरान में अमेरिकी ह्यूमन राइट्स समूह के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार अब तक इस विरोध प्रदर्शन में करीब 544 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन सबके बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि इस विरोध प्रदर्शन को भड़काने में अमेरिका और इजरायल का बड़ा हाथ है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके सबूत भी हैं.

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