- अमेरिका और इजरायल ने करीब दो सौ लड़ाकू विमानों से ईरान पर दिन के उजाले में हमला किया जिससे भारी नुकसान हुआ
- ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत की पुष्टि की, देश में 40 दिन का शोक घोषित किया
- खामेनेई ने अंतिम भाषण में ईरानी जनता को अपने इस्लामी और शिया समुदाय की समझ और इतिहास का परिचय दिया था
Ayatollah Ali Khamenei Last Speech:अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अटैक ने ईरान को लहूलुहान कर दिया है. करीब 200 लड़ाकू विमानों के साथ दोनों देशों ने शनिवार को दिन के उजाले में जो हमला किया,उसने दुनिया के बाकी देशों को भी हैरत में डाल दिया है. इस खतरनाक हमले में ईरान ने अब अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को भी खो दिया है. अमेरिका के बाद ईरान ने भी उनके मौत की पुष्टि कर दी है. देश में 40 दिन का शोक है तो वहीं 7 दिनों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. अब खामेनेई की अंतिम स्पीच वायरल हो रही है.
खामेनेई का ईरान के नाम अंतिम संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने ईरान के नाम संबोधन में कहा था कि ईरानी राष्ट्र अपने इस्लामी और शिया दोनों समुदायों को अच्छी तरह जानता है; उसे पता है कि क्या करना है. इमाम हुसैन ने कहा था कि मुझ जैसा कोई भी, यजीद जैसे किसी व्यक्ति के प्रति वफादारी की शपथ नहीं लेगा. ईरानी राष्ट्र जैसा राष्ट्र, जिसकी अपनी एक संस्कृति है, जिसका अपना इतिहास है और जो इतना उच्च शिक्षित है, वह उन भ्रष्ट नेताओं के प्रति वफादारी की शपथ कभी नहीं लेगा, जो आज अमेरिका की सत्ता में बैठे हैं.
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ट्रंप ने सबसे पहले कर दी थी पुष्टि
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले पुष्टि करते हुए कहा था कि खामेनेई, जो इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक था, अब मर चुका है. यह न सिर्फ ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि अमेरिका के लोगों और दुनिया के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिन्हें खामेनेई और उसके खूनी गुंडों ने मार दिया या घायल कर दिया था. वह हमारी खुफिया एजेंसियों और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से नहीं बच सका.इजरायल के साथ मिलकर की गई कार्रवाई में वह और उसके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ नहीं कर पाए. यह ईरान के लोगों के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा मौका है. हमें खबर मिल रही है कि उनके कई आईआरजीसी, सेना और सुरक्षा बल अब लड़ना नहीं चाहते और हमसे सुरक्षा (इम्युनिटी) मांग रहे हैं.
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