- अयातुल्ला खामेनेई इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए हैं, जिससे पूरे देश में शोक व्याप्त है
- ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी की एंकर खबर पढ़ते हुए भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़ीं, माहौल गमगीन हो गया
- ईरान कैबिनेट ने खामेनेई की मौत पर सात दिन का अवकाश और चालीस दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई है. ये खबर जब ईरान के न्यूज चैनल्स पर चली, तो माहौल काफी गमगीन नजर आया. ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी की एंकर खबर पढ़ते-पढ़ते सुबक-सुबककर रो पड़ीं. पहले उसकी आवाज भारी हुई, फिर वह फूट-फूटकर रोने लगीं. बता दें कि ईरान कैबिनेट ने खामेनेई की मौत पर 7 दिन के अवकाश और 40 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती की भी मौत की मौत की खबर है.
ईरानी सेना ने खामेनेई की मौत पर क्या कहा
खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए ईरानी सेना इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा, 'हमने एक महान नेता खो दिया है. और हम उनके शोक में बैठे हैं, जो अपनी रूह की पवित्रता, ईमान की ताकत, मामलों में दूरदर्शिता, अत्याचारियों के सामने साहस और अल्लाह की राह में जिहाद के मामले में अपने युग में अद्वितीय थे. हालांकि, उनकी शहादत हमें और ताकतवर बनाएगी. हम खामेनेई की मौत का बदला लेंगे. जो अल्लाह की राह में मारे गए हों, उन्हें मुर्दा न समझो, बल्कि वे अपने रब के पास जीवित हैं.
खामेनेई की मौत पर ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की बमबारी पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी. ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर चुके हैं.' उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत 'ईरान की जनता के लिए न्याय' है. उन्होंने यह भी कहा कि यह उन सभी अमेरिकी नागरिकों और दुनिया के कई अन्य देशों के लोगों के लिए न्याय है, जो खामेनेई और उनके साथियों की वजह से मारे गए या घायल हुए. हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर काम किया और खामेनेई या उनके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ भी नहीं कर सके.
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खामेनेई का 36 साल का शासनकाल
अयातुल्ला अली खामेनेई के 36 वर्षों के शासनकाल में ईरान एक शक्तिशाली अमेरिका-विरोधी ताकत के रूप में उभरा, जिसने मध्य पूर्व में अपना सैन्य दबदबा कायम किया और देश में बार-बार होने वाली अशांति को कुचलने के लिए कठोर नीति अपनाई. ईरानी सरकारी मीडिया ने घोषणा की कि शनिवार को 86 वर्ष की आयु में इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में उनकी मृत्यु हो गई. इन हमलों में तेहरान स्थित उनका परिसर पूरी तरह से नष्ट हो गया. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद को कूटनीतिक रूप से सुलझाने के दशकों के प्रयास विफल रहे थे.
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