उत्तर प्रदेश में भाजपा ने विधानपरिषद की स्नातक और शिक्षक सीटों के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह और मेरठ से दिनेश गोयल को उम्मीदवार बनाया गया है. वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा को प्रत्याशी बनाया गया है. आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है. खास बात है कि पांच सीटों में तीन पर ब्राह्मण प्रत्याशियों को टिकट मिला है. बीजेपी ने बिहार से भी MLC चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है.पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव चुनाव लड़ेंगे.कोसी स्नातक सीट से एनके यादव प्रत्याशी बनाए गए हैं. दरभंगा स्नातक सीट से डॉक्टर सर्वेश कुमार चुनाव लड़ेंगे.तिरहुत निर्वाचन शिक्षक क्षेत्र से नरेंद्र प्रताप सिंह चुनाव लड़ेंगे.
यूपी में विधानपरिषद चुनाव के साथ राज्यसभा चुनाव भी हो रहे हैं. यूपी में 10 राज्यसभा सीटों पर लड़ाई है. इसमें सात से आठ सीटें बीजेपी जीत सकती है. जबकि समाजवादी पार्टी भी तीन प्रत्याशी उतार सकती है. इससे एक सीट पर दिलचस्प मुकाबला हो सकता है.
भाजपा के पहली शिक्षक एलएलसी उम्मीदवारों की लिस्ट
- वाराणसी स्नातक क्षेत्र से केदारनाथ सिंह उम्मीदवार
- मेरठ स्नातक क्षेत्र से दिनेश गोयल उम्मीदवार
- इलाहाबाद झांसी स्नातक क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर
- वाराणसी शिक्षक से प्रमोद मिश्रा उम्मीदवार
- आगरा शिक्षक से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी
- गोरखपुर फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी उम्मीदवार
- पहली सूची में 6 उम्मीदवारों का नाम घोषित
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा नेतैयारी पहले ही तेज कर दी है. पन्ना प्रमुख से लेकर बूथ प्रबंधन तक रणनीति बनी है. उत्तर प्रदेश में शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी ने संगठनात्मक तैयारियों को परखा है. लखनऊ में शनिवार को अवध क्षेत्र के पार्टी नेताओं की बैठक में मतदाता संपर्क से लेकर बूथ प्रबंधन तक चर्चा की गई. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से योग्य शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने को कहा.
पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बैठक में चुनाव की अंतिम मोर्चेबंदी, मतदाता सूची की समीक्षा, पन्ना प्रमुख व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारियों, संपर्क अभियान और मतदान फीसदी बढ़ाने पर जोर दिया गया. भाजपा ने प्रत्येक जिले में चुनाव कार्यालय और कॉल सेंटर सक्रिय के निर्देश भी दिए. शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं बल्कि शिक्षित, बुद्धिजीवी और स्नातक मतदाताओं के साथ संवाद का अवसर है. अब चुनाव की अंतिम तैयारियों का समय है और पूरे जीजान से जुट जाना है.
नामांकन से एक दिन पहले तक मतदाता फॉर्म जमा कराए जाते हैं. जिन वर्करों के पास भरे फॉर्म हैं और उन्हें तत्काल जमा कराया जाए. अब संगठन का लक्ष्य हर मतदाता तक निजी तौर पर पहुंचने, संवाद और मतदान के दिन उसका वोटिंग सुनिश्चित करने का हो.

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