टोक्यो:
फुकुशिमा की अपनी परमाणु त्रासदी को नरजंदाज करते हुए जापान ने 5वीं द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता के दौरान भारत को असैन्य परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाने में मदद देने का आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान रक्षा तथा व्यापार क्षेत्र समेत प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने प्रतिबंधित सूची से सात भारतीय इकाइयों को हटाने के जापान के फैसले का स्वागत किया। इससे दोनों देशों के बीच उच्च प्रौद्योगिकी व्यापार का रास्ता साफ हो गया है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अपने जापानी समकक्ष कोईचिरो गेंबा के साथ बातचीत के बाद संवाददाताओं से कहा, मेरा लक्ष्य सहयोग को और ऊंचाई पर ले जाना है। उन्होंने कहा, मैंने विदेश मंत्री गेंबा के साथ दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की स्थिति पर चर्चा की...हमारी इस विषय पर तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। आज की चर्चा के बाद मैं इस क्षेत्र में सहयोग को लेकर काफी आशान्वित हूं। कृष्णा ने कहा कि जापान ने सात भारतीय इकाइयों को वैश्विक प्रतिबंधित सूची से हटा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच उच्च प्रौद्योगिकी में व्यापार को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सूची से जिन इकाइयों को हटाया गया है, उसमें इंडियन रेअर अर्थ्स लि. शामिल है। इससे इस क्षेत्र में जापानी कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ेगा।
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भारत-जापान, परमाणु सहयोग