ऊपर जो तस्वीर आप देख रहे हैं, वो वियतनाम से सामने आई है. तस्वीर में भारत के केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरने रिजिजू के साथ कई प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु नजर आ रहे हैं. तस्वीर के केंद्र में एक टेबल पर जो रखा है, वो भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष है. जो विशेष आयोजन के लिए भारत से वियतनाम भेजा गया है. भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष के वियतनाम पहुंचते ही वहां के लोगों का भाव ऐसा दिखा, जैसे उन्हें उनके भगवान मिल गए हो. लोगों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया, श्रद्धा से उनके सिर झुके थे. भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष वियतनाम पहुंचने के बाद वहां की कई तस्वीरें सामने आई है. जिन्हें देखकर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते थे कि वहां के लोगों में इस बात को लेकर कितनी खुशी है.
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के सारनाथ में एक विहार में रखे गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष वियतनाम द्वारा आयोजित संयुक्त राष्ट्र दिवस वेसाक के भव्य समारोह के दौरान एक प्रदर्शनी के लिए भारतीय वायुसेना के विमान से शुक्रवार को हो ची मिन्ह सिटी पहुंचे.
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सरकार ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, आंध्र प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री कंडुला दुर्गेश, भारत के प्रतिष्ठित भिक्षु और वरिष्ठ अधिकारी पवित्र अवशेषों के साथ थे, जिन्हें विशेष विमान से ले जाया गया. रिजिजू वियतनाम में सरकारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.
रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा, 'भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के साथ उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए वियतनाम पहुंचा. वियतनाम सरकार और वियतनाम बौद्ध संघों द्वारा भव्य औपचारिक स्वागत किया गया. पवित्र अवशेष संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस समारोह के लिए दो से 21 मई 2025 तक वियतनाम में रहेंगे.'

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह यात्रा छह से आठ मई तक वियतनाम द्वारा आयोजित किए जा रहे संयुक्त राष्ट्र (यूएन) वेसाक दिवस समारोह के तहत में हो रही है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर बेस से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान द्वारा वियतनाम पहुंचाया गया, जो इसे 'राज्य अतिथि' का दर्जा प्रदान करता है.
पवित्र अवशेषों को बुधवार को औपचारिक रूप से दिल्ली लाया गया और कुछ घंटों के लिए प्रार्थना के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय के 'विशेष संरक्षित क्षेत्र' में रखा गया. गुरुवार शाम को पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय से पूरे 'राजकीय सम्मान' के साथ एक 'विशेष बुलेटप्रूफ वाहन' में वियतनाम की आगे की यात्रा के लिए ले जाया गया. विमान शुक्रवार सुबह हो ची मिन्ह सिटी पहुंचा.

बयान में कहा गया कि पवित्र अवशेषों को वियतनाम के धार्मिक और जातीय मामलों के मंत्री दाओ नोक डुंग, हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी के स्थायी उपाध्यक्ष डुओंग नोक हाई, वियतनाम बौद्ध संघ के 'सुप्रीम पैट्रिआर्क' थिच त्रि क्वांग और वियतनाम बौद्ध संघ के आदरणीय भिक्षुओं ने प्राप्त किया.
इसमें कहा गया कि आगमन पर हवाई अड्डे पर विशेष औपचारिक प्रार्थनाएं आयोजित की गईं, जिसके बाद वियतनाम बौद्ध संघ के 'सुप्रीम पैट्रिआर्क' की अगुवाई में प्रार्थनाएं की गईं और हो ची मिन्ह शहर के थान टैम मठ में पवित्र अवशेषों को रखा गया.
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