विज्ञापन

वेरुल की गुफाओं में अद्भुत किरणोत्सव, साल में सिर्फ दो दिन सूर्य की किरणों से जगमगाता है भगवान बुद्ध का चेहरा

Lord Buddha Caves: विश्वप्रसिद्ध वेरुल गुफा में, वास्तुकला की अद्भुत कृति 'विश्वकर्मा' गुफा संख्या 10 में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सूर्य की किरणों से अभिषेक किया गया.

वेरुल की गुफाओं में अद्भुत किरणोत्सव, साल में सिर्फ दो दिन सूर्य की किरणों से जगमगाता है भगवान बुद्ध का चेहरा
वेरुल की गुफाओं में अद्भुत किरणोत्सव
file photo

Lord Buddha Caves: विश्वप्रसिद्ध वेरुल गुफा में, वास्तुकला की अद्भुत कृति 'विश्वकर्मा' गुफा संख्या 10 में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सूर्य की किरणों से अभिषेक किया गया. जिससे सैकड़ों पर्यटक और इतिहास प्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए. "किरणोत्सव" के नाम से प्रसिद्ध यह दृश्य प्रतिवर्ष तब देखने को मिलता है. जब सूर्य की किरणें बुद्ध के चेहरे पर पड़ती हैं, जिससे एक अद्भुत चमक उत्पन्न होती है. यह दुर्लभ खगोलीय घटना केवल 10 और 11 मार्च को होती है. इस दौरान डूबते सूरज की किरणें सीधे गर्भगृह में बुद्ध मूर्ति के चेहरे को प्रकाशित करती हैं.

वेरुल एक अद्वितीय स्थापत्य कला का नमूना है, जिसमें कुल 34 गुफाएं हैं, जिनमें से 12 बौद्ध गुफाएं हैं. गुफा संख्या 10 एक 'चैत्य' है और इसे 'सुतार की झोपड़ी' या 'विश्वकर्मा मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है. हर साल लगभग 10 मार्च को सूर्य की किरणें भगवान बुद्ध की प्रतिमा के मुख पर सीधी पड़ती हैं.

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

इस गुफा में भगवान बुद्ध बोधि वृक्ष के नीचे धम्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा में बैठे हुए दिखाई देते हैं. उनके दाहिनी ओर बोधिसत्व पद्मपाणि की प्रतिमाएं हैं और बाईं ओर बोधिसत्व वज्रपाणि की प्रतिमाएं हैं. पिछले छह-सात वर्षों में इस किरणोत्सव का महत्व बढ़ गया है और इतिहास प्रेमी और फोटोग्राफर इस दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए बड़ी संख्या में वेरुल आ रहे हैं. इस वर्ष उपस्थित लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, गुफा के अंदर और बाहर दोनों जगह भारी भीड़ थी.

कहां है वेरुल गुफा

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा संभाग के औरंगाबाद शहर से 30 किलोमीटर दूरी पर प्राचीन काल की वेरुल गुफाएं हैं. यहां पर 17 हिंदू, 12 बौद्ध और पांच जैन आदि कुल मिलाकर 34 गुफाएं हैं. शिवाजी महाराज के भोसले घराने का गांव भी वेरुल ही था. बताया जाता है कि वेरुल की गुफाएं इसवी सन पांच से दसवें शतक के काल में बनाई गई है. यह गुफाएं प्राचीन भारत के हिंदू, बौद्ध, जैन धर्म में आपसी सहिष्णुता को दर्शाती हैं.

लेखक के बारे में
img
नवीन  प्रजापत‍ि
सीनियर सब एडिटर
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ellora Caves, Ellora Caves Lord Buddha, Lord Buddha
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com