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This Article is From Jun 15, 2016

मलेशिया के एक विश्वविद्यालय में भारत में हिंदुओं को अस्वच्छ के रूप में पेश किया गया

मलेशिया के एक विश्वविद्यालय में भारत में हिंदुओं को अस्वच्छ के रूप में पेश किया गया
कुआवालांलपुर: मलेशिया के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने अपने एक अध्यापन मोड्यूल में भारत में हिंदुओं को 'अस्वच्छ एवं गंदे'  के रूप में पेश किया है जिसके बाद इस मुस्लिम बहुल देश में विवाद खड़ा हो गया है और अल्पसंख्यक समुदाय में आक्रोश फैल गया है। यूनिवर्सिटी टेक्नोलोजी मलेशिया (यूटीएम) के इस मोड्यूल के स्लाइडों को ऑनलाइन पोस्ट करने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इन स्लाइडों में दावा किया गया है कि हिंदू अपने शरीर के मैल को निर्वाण प्राप्त करने के अपने धार्मिक कर्म का हिस्सा मानते हैं।

उपशिक्षा मंत्री पी कमलनाथन द्वारा इस मुद्दे को उठाये जाने के बाद विश्वविद्यालय ने कहा कि वह इस मोड्यूल की समीक्षा करेगा। भारतीय मूल के कमलनाथन ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘‘मैंने यूटीएम के कुलपति से बात की है और उन्होंने इस भूल को स्वीकार कर लिया है।’’ मलय मेल ऑनलाइन ने आज खबर दी कि इस मोड्यूल में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। अधिकारी इस सुझाव से पूरी तरह सहमत थे कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी भूल दोबारा न हो।

मुस्लिम बहुल मलेशिया की 2.8 करोड़ की जनसंख्या में 60 फीसदी मलय हैं जो पूरी तरह मुसलमान हैं। पच्चीस फीसदी चीनी हैं जो ईसाई और बौद्ध हैं । आठ फीसदी जातीय भारतीय हैं जिनमें ज्यादातर हिंदू हैं।

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