- हंपबैक व्हेल ने ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील के बीच रिकॉर्ड तोड़ समुद्री यात्रा कर वैज्ञानिकों को चौंका दिया है
- एक व्हेल ने साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया और 2019 में ब्राजील में नजर आकर लगभग चौदह हजार किलोमीटर की दूरी तय की
- दूसरी व्हेल ने ब्राजील से ऑस्ट्रेलिया तक करीब पंद्रह हजार किलोमीटर की दूरी तैरकर अपनी लंबी यात्रा साबित की
समंदर की गहराइयों में रहने वाली विशालकाय हंपबैक व्हेल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया. एक व्हेल सालों का वक्त लेकर ऑस्ट्रेलिया से हजारों किलोमीटर दूर ब्राजील पहुंच गई, जबकि दूसरी ब्राजील से ऑस्ट्रेलिया तक तैरती हुई मिली. यह दूरी इतनी ज्यादा है कि इंसान हवाई जहाज से भी तय करने में घंटों लगा दे. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अब तक की सबसे लंबी दर्ज की गई व्हेल यात्रा है. रिसर्च से यह भी पता चला कि ये विशाल जीव सिर्फ सफर ही नहीं करते, बल्कि अपने गानों और जीन के जरिए दूसरे व्हेल समूहों को भी प्रभावित कर सकते हैं.
रिसर्च में क्या पता चला?
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को पब्लिश हुए एक रिसर्च में बताया गया कि दो हंपबैक व्हेल ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट और ब्राजील के प्रजनन क्षेत्रों के बीच रिकॉर्ड तोड़ यात्रा की है. दुनिया भर के वैज्ञानिकों की एक टीम ने व्हेल की पूंछ की हजारों तस्वीरों का इस्तेमाल किया. इन तस्वीरों की मदद से उन्होंने पहचान की कि दोनों विशाल व्हेल दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में देखी गई थीं.
- एक व्हेल साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में देखी गई थी. इसके बाद वही व्हेल साल 2019 में ब्राज़ील के साओ पाउलो के पास दिखाई दी. दोनों जगहों के बीच समुद्र के रास्ते करीब 14,200 किलोमीटर की दूरी है.
- एक दूसरी व्हेल पहले ब्राजील के बाहिया तट के पास देखी गई थी. इसके 22 साल बाद वही व्हेल ऑस्ट्रेलिया के हर्वे बे में दिखाई दी. इस यात्रा की दूरी करीब 15,100 किलोमीटर थी.
वैज्ञानिकों ने कहा कि यह पहली बार है, जब एक ही हंपबैक व्हेल की दो तस्वीरों के बीच इतनी लंबी दूरी दर्ज की गई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इतनी लंबी यात्रा करना हंपबैक व्हेल के लिए बहुत ही दुर्लभ बात है. ये व्हेल 17 मीटर यानी करीब 55 फीट तक लंबी हो सकती हैं.
दूसरे क्षेत्र का गाना भी सीख जाती है ये व्हेल
स्टेफनी स्टैक ने कहा, “ऐसी यात्राएं बहुत कम होती हैं, लेकिन ये व्हेल की आबादी के लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.” उन्होंने कहा कि जब कुछ व्हेल दूर-दूर के प्रजनन क्षेत्रों के बीच जाती हैं, तो इससे अलग-अलग समूहों में जेनेटिक विविधता बनी रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि ये व्हेल एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक नए गानों की शैली भी लेकर जा सकती हैं. हंपबैक व्हेल के गाने इंसानों के म्यूजिक ट्रेंड की तरह एक महासागर से दूसरे महासागर तक फैलते हैं.
वैज्ञानिकों ने कहा कि यह रिसर्च “सदर्न ओशन एक्सचेंज” नाम की एक थ्योरी को और मजबूत करती है. इस थ्योरी के मुताबिक हंपबैक व्हेल कभी-कभी अंटार्कटिका में खाने की जगह तक जाती हैं, लेकिन वापस लौटते समय अलग रास्ता अपनाती हैं और किसी नए प्रजनन क्षेत्र में पहुंच जाती हैं. Griffith University ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दक्षिणी महासागर में बर्फ और अंटार्कटिक क्रिल के फैलाव में बदलाव हो रहा है. क्रिल व्हेल का मुख्य भोजन होता है. इन बदलावों की वजह से ऐसी लंबी यात्राएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं.
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