- घायल हाथ के बावजूद डटे रहे भारतीय कप्तान, बचीं 174 जानें
- घायल पायलट स्मित मच्छार का वीडियो सामने आया
- ‘उसने मुझे कई बार मारा’... ‘मेरा हाथ काम नहीं कर रहा....' प्लेन में कहते सुनाई दिए पायलट
फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में कथित हमले के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बताते सुनाई दे रहे हैं कि हमलावर ने उन पर कई बार हमला किया था. गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने धैर्य और साहस का परिचय दिया तथा विमान में सवार 174 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. घटना के बाद उनकी बहादुरी की सराहना भारत समेत कई देशों में हो रही है. वीडियो में वह अपने घायल हाथ के बारे में बताते हुए दिखाई देते हैं, जिससे पूरी घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
वीडियो में दर्द बयां करते दिखे पायलट
घटना के बाद सामने आए वीडियो में विमान के भीतर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है. यात्री हमलावर को नियंत्रित करने और स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं. इसी दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल अवस्था में कहते सुनाई देते हैं, 'उसने मुझे बहुत बार मारा.' इसके बाद वह अपने हाथ की ओर इशारा करते हुए बताते हैं कि वह हाथ को हिला तो सकते हैं, लेकिन उसकी पकड़ बनाने या दबाव डालने में सक्षम नहीं हैं. वीडियो में वह कहते हैं, 'मैं अपना हाथ हिला सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता... मैं अपनी मुट्ठी नहीं बांध पा रहा हूं.'
⭕️ FlyDubai New Footage Released
— DEFENDERS OF ISRAEL (@Israeli_Sniper) October 1, 2026
The video shows the terrorist takedown by parents and the struggle that followed as well as the desperate search for qualified pilots onboard.@N12News https://t.co/dTyCY8o6Zw
ये रहा पूरा घटनाक्रम
00:04: बाहर जाओ! बाहर जाओ! उसे बाहर ले जाओ!
00:09: बैठ जाओ! नहीं, नहीं.
00:11: क्या यहां कोई डॉक्टर है? हमारे पास एक डॉक्टर है.
00:23: डॉक्टर, क्या कोई डॉक्टर है?
00:27: बैठ जाओ! बैठ जाओ!
00:36: हमें एक पायलट चाहिए!
00:41: उसने अभी... उसने मुझे मारा... (He just... he hit me like...)
00:43: नहीं, नहीं, नहीं, नहीं.
00:44 (स्मित मच्छार): ...बहुत बार मारा है. (so many times)
00:46 (स्मित मच्छार): मेरा हाथ... मैं... मैं इसे हिला सकता हूं... लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता... मैं अपना हाथ दबा नहीं सकता... मैं मुट्ठी नहीं बना सकता. (My hand... I can... I can move... but I can't do this... I can't, I can't squeeze my hand.)
01:01: पुलिस यहां है, पुलिस आ रही है.
01:02: आ रही है?
01:03: पुलिस कहां है?
01:04: पुलिस कौन है?
01:05: नहीं, नहीं, पुलिस बाहर है. वे बाहर खड़े हैं.
01:08: उसे छोड़ना नहीं है?
01:10: हां, मैं समझता हूं... वह आतंकवादी है, समझ रहे हैं? हां.
01:13: हमें पुलिस चाहिए. यहां सिर्फ पुलिस चाहिए.
01:16: ठीक है.
01:17: वह बाहर नहीं जा सकता.
01:18: नहीं, वह कहीं नहीं जा सकता.
01:21: वह हमारे पास ही है. लगभग एक घंटा 40 मिनट हो गए हैं... बस पांच मिनट और, ठीक है.
01:30: ओह... मेरा हाथ... ओह....
174 यात्रियों की जान बचाने का श्रेय
कैप्टन स्मित मच्छार पिछले चार वर्षों से अधिक समय से फ्लाईदुबई के साथ कार्यरत हैं. रिपोर्टों के अनुसार, जब सह-पायलट पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का संदेह हुआ और उसने कथित तौर पर कप्तान पर हमला किया, तब भी स्मित मच्छार ने असाधारण साहस दिखाया. गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी और विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
यात्रियों ने भी निभाई अहम भूमिका
घटना के दौरान यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य लोगों ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी. बताया गया है कि हमलावर को काबू करने के लिए कई लोगों ने मिलकर प्रयास किया, जिसके बाद उसे सीट से हटाकर नियंत्रित किया गया. इसी बीच विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित कर्मी और अधिकारी भी स्थिति संभालने के लिए आगे आए.
दुनियाभर में हो रही सराहना
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को भारत समेत कई देशों में सराहा जा रहा है. उन्हें ‘सच्चा हीरो' बताया जा रहा है, क्योंकि जानलेवा परिस्थितियों में भी उन्होंने अपना धैर्य बनाए रखा और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. जांच एजेंसियां अभी भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी.
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