- सऊदी अरब ने फ्लाईदुबई विमान हाईजैक करने वाले को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया है.
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने को-पायलट के ईरानी एजेंट होने की आशंका जताई है और जांच जारी है.
- हमला दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुआ, जिसमें भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया गया.
फ्लाईदुबई फ्लाइट को हाईजैक करने की साजिश रचने वाले को-पायलट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. सऊदी अरब ने कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर प्लेन हाईजैक करने वाले को-पायलट को को यूएई को सौंप दिया है. अब संयुक्त अरब अमीरात में हमलावर को-पायलट से पूछताछ कर इस साजिश के कारणों को समझने की कोशिश की जाएगी. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियां इस भयावह घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं.
ट्रंप ने जताई ईरानी एजेंट होने की आशंका
दूसरी ओर इस को-पायलट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा सामने आया है. ट्रंप ने इस हमलावर के ईरानी एजेंट होने की आशंका जताई है. ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि हमलावर को-पायलट का संबंध ईरान से हो सकता है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है.
VIDEO | US President Donald Trump says, 'Based on what I'm hearing, Iran may be linked to FlyDubai copilot as investigators try to establish motive'.
— Press Trust of India (@PTI_News) October 1, 2026
(Source: RAPID RESPONSE/ X)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/iHU7gSRZ6n
दरअसल ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें सह-पायलट के संभावित ईरानी संबंधों के बारे में जानकारी दी गई है. इस पर उन्होंने कहा, "जो जानकारी मुझे मिल रही है, उसके आधार पर जवाब हां हो सकता है, लेकिन हम अभी इसकी जांच कर रहे हैं." जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सह-पायलट को वहां तैनात किया था या वह किसी अन्य माध्यम से कट्टरपंथी बना, तो ट्रंप ने कहा, "ऐसा हो सकता है."
हवा में हमले के बाद हजारों फीट नीचे आया था प्लेन
मालूम हो कि यह घटना उस समय हुई जब विमान इजराइल जा रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट में आरोपी हमलावर ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला किया. जिसके बाद विमान हजारों फीट नीचे गिरा, लेकिन यात्रियों ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को काबू कर लिया. इसके बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने स्थिति संभालते हुए विमान को नियंत्रित किया.
नेतन्याहू ने कहा- ईरान से संबंध पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी
ट्रंप के इस बयान से पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि अभी यह निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि सह-पायलट का ईरान से संबंध था या नहीं. इससे पहले इज़राइल के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिशल मायान ने कहा कि जांचकर्ता सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, लेकिन जांच अभी शुरुआती चरण में है.
इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था आरोपी को-पायलट
इससे पहले नेतन्याहू ने पुष्टि की थी कि फ्लाईदुबई के कप्तान पर हमला करने वाला सह-पायलट कट्टर इस्लामी विचारधारा से प्रभावित हुआ था. नेतन्याहू ने कहा, "हम अब तक जो जानते हैं, उसके अनुसार सह-पायलट कट्टर इस्लामी विचारधारा से प्रभावित हुआ था." उन्होंने आगे बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि सह-पायलट आत्मघाती प्रवृत्ति का था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था.

आत्मघाती था आरोपी, खुद कह रहा था- मुझे मार डालो
नेतन्याहू के अनुसार, "उसे काबू में करने के लिए उसके हाथ पहले ईयरफोन की तारों से बांधे गए और बाद में प्लास्टिक कफ लगाए गए. वह फर्श पर पड़ा हुआ बार-बार क्रू से कह रहा था, 'मुझे मार डालो, मुझे मार डालो.' इससे स्पष्ट है कि वह आत्मघाती था और विमान को गिराना चाहता था."
दुबई से तेल अवीव जाते समय हुआ हमला
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जब यह घटना हुई. विमान के कप्तान स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने चाकू से हमला कर विमान का नियंत्रण संभालने की कोशिश की. घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला.
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक शहर की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. कप्तान अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और अबू धाबी में इलाज जारी हैं.
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