- यूरोपीय संघ ने यूक्रेन में शांति स्थापना के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है
- यूरोपीय संघ ने अपनी सुरक्षा से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की स्पष्ट स्थिति व्यक्त की है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के साथ एक व्यापक समझौते का सुझाव दिया जिसमें पूरे यूरोप को शामिल किया जाएगा
शुक्रवार को यूरोपीय संघ ने कहा कि यूक्रेन में शांति लाने के लिए हम सब काम कर रहे हैं. साथ ही, यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया कि वह अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों पर खुद फैसला लेगा. यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ एक ऐसे समझौते की बात कही है, जिसमें "पूरा यूरोप" शामिल होगा.
गुरुवार को ट्रंप ने रूस के साथ एक "बहुत बड़े" समझौते का संकेत दिया, जिसमें न केवल यूक्रेन युद्ध, बल्कि "पूरे यूरोप" को शामिल करने की बात कही गई है. उनके इस बयान से यूरोप में इस बात को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गईं कि कहीं अमेरिका का झुकाव क्रेमलिन (रूस) की ओर तो नहीं हो रहा है. ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वाशिंगटन ने एक समझौते के हिस्से के रूप में यूरोप के सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह से फिर से तैयार करने का प्रस्ताव रखा है.
यूरोप का रुख
यूरोपीय संघ की प्रवक्ता पाउला पिनहो ने कहा, "हम सभी चाहते हैं कि जल्द ही शांति समझौता हो जाए. हम सब इसी दिशा में काम कर रहे हैं. लेकिन इसमें अभी बहुत काम करने की जरूरत है, और सबसे बड़ी बात यह है कि जिसने सबसे पहले युद्ध शुरू किया था, उसकी तरफ से भी इसे खत्म करने की इच्छा होनी चाहिए. यह पूरी तरह से यूरोपीय संघ पर निर्भर है कि वह अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों पर क्या फैसला लेता है."
नाटो का रुख
इससे पहले, नाटो की एक प्रवक्ता ने बताया कि अगले हफ्ते अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली बातचीत से पहले, यूक्रेन के सहयोगी देश इस युद्ध को न्यायपूर्ण और स्थायी तरीके से खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गुरुवार को ब्रुसेल्स में अमेरिका, यूक्रेन, यूरोपीय देशों और नाटो के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई. यह बातचीत मियामी और ओस्लो में हुई सार्थक चर्चाओं को आगे बढ़ाने वाली थी, जिसका मकसद यूक्रेन में चल रहे युद्ध को न्यायपूर्ण और स्थायी तरीके से खत्म करना था.
अमेरिका क्या चाहता है?
राष्ट्रपति के दूत और उनके दामाद, जेरेड कुशनर ने वीडियो लिंक के जरिए इस बातचीत में हिस्सा लेने के बाद लिखा कि अमेरिका "यूरोप के लिए एक व्यापक सुरक्षा ढांचा" तैयार करने पर काम कर रहा है, जो "लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए जरूरी हालात" बनाने में मदद कर सके. कुशनर ने कहा कि वाशिंगटन का "उद्देश्य ऐसी व्यावहारिक व्यवस्थाएं विकसित करना है, जो सभी पक्षों की सुरक्षा चिंताओं को दूर कर सकें". उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यवस्था में हर देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के अधिकार का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि "यूरोपीय सामूहिक सुरक्षा" के मामले में नाटो की भूमिका केंद्रीय बनी रहेगी.
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