- मैकेंजी ने अपने अनुयायियों को भूखे रहकर ईसा मसीह से मिलने के लिए अपनी जान देने का आदेश दिया था
- 2023 में किलिफी काउंटी के चकामा रेंच से 400 से अधिक शव बरामद हुए, जिनमें 183 की मौत भूखमरी से हुई थी
- मैकेंजी के 28 अनुयायी और गार्ड भी हत्याओं में शामिल पाए गए, जिनमें से अधिकांश आरोपों से इनकार करते रहे
एक पादरी को प्रलय की भविष्यवाणी करने के कारण 200 साल जेल की सजा सुनाई गई है. शुक्रवार को 191 लोगों की हत्या के मामले में उन्हें यह सजा सुनाई गई. यह मामला केन्या के तटीय शहर मोम्बासा का है, जहां की हाई कोर्ट ने पास्टर पॉल मैकेंजी को यह सजा सुनाई. उन्हें 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या का दोषी पाया गया. उन्होंने अपने अनुयायियों को आदेश दिया था कि वे ईसा मसीह से मिलने के लिए भूखे रहकर अपनी जान दे दें.
कैसे कर दी हत्या
जस्टिस डायना कावेद्ज़ा ने कहा कि 'गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च' के नेता मैकेंजी की मुख्य आपराधिक जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि उन्होंने अपने अनुयायियों को एक दूर-दराज इलाके में ले जाकर उन्हें भूखे रहकर जान देने का आदेश दिया था. मैकेंजी और उसके 28 अनुयायियों पर हत्याओं का आरोप लगाया गया था. इनमें वे गार्ड भी शामिल थे, जो उसके उपवास के आदेशों का पालन करवाते थे, और वे लोग भी थे जिन्होंने सामूहिक कब्रों को छिपाने में मदद की थी. एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी सभी ने आरोपों से इनकार कर दिया; उस एक व्यक्ति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और नरमी बरतने की अपील की. 19 अक्टूबर को, अदालत ने सभी 29 आरोपियों को 191 लोगों की हत्या का दोषी ठहराया.
सीधे तौर पर हत्या फिर कैसे
साल 2023 में, तटीय किलिफी काउंटी में 800 एकड़ (320 हेक्टेयर) में फैले 'चकामा रेंच' से 400 से ज्यादा शव निकाले गए. यहां मैकेंजी के अनुयायी स्थानीय समुदायों और अधिकारियों की नजरों से दूर, मिट्टी की झोपड़ियों में रहते थे. 60 से ज्यादा शवों की पहचान हो गई और उनके रिश्तेदारों ने उन्हें फिर से दफना दिया, जबकि कई अन्य शवों की पहचान नहीं हो सकी और उन पर किसी ने अपना दावा भी नहीं जताया. सजा सुनाते समय, कावेद्ज़ा ने बताया कि 183 पीड़ितों की मौत भुखमरी (यानी भोजन का पूरी तरह से नहीं मिलने) के कारण हुई, जबकि बाकी आठ लोगों की मौत को सीधे तौर पर हत्या माना गया.
कोर्ट में मुस्कुराते रहे पादरी
कावेद्ज़ा ने कहा कि ये हत्याएं ठंडे दिमाग से और सोची-समझी साजिश के तहत की गई थीं. उन्होंने कुछ आरोपियों के इस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्होंने भी अपने खुद के बच्चों को खोया है. कोर्ट ने कहा कि इससे कई अन्य बच्चों की हत्या में उनकी भागीदारी का तथ्य बदल नहीं जाता. न्यायाधीश ने कहा कि दोषियों को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद भी आमरण अनशन (भूख हड़ताल) करने के लिए तैयार हैं. सजा सुनाए जाने के दौरान, मैकेंजी अक्सर मुस्कुराते रहे और अपने सहायक पादरी स्मार्ट म्वाकालामा से बातचीत करते रहे. म्वाकालामा को 160 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. अभियोजन पक्ष ने मैकेंजी के लिए मौत की सजा और उसके साथियों के लिए आजीवन कारावास की मांग की थी. मैकेंजी पर दो अन्य अदालतों में आतंकवाद, बच्चों के शोषण और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप भी चल रहे हैं.
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