नेपाल में अचानक आए बाढ़ की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई है. इसमें सैकेड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस सैलाब की वजह से नेपाल में भारी तबाही हुई है. हजारों घर इस आपदा में बह गए. वहीं करीब 14 बिजली परियोजनाओं की नुकसान पहुंचा है. नेपाल की स्थानीय मीडिया ने बताया है कि इस बाढ़ में कई गाड़ियां तो बह ही गई है लेकिन इसमें 200 से ज्यादा ट्रक भी शामिल हैं.
आपदा की शुरूआत तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगात्से जिले के ग्यिरोंग काउंटी में हुई. दरअसल भूस्खलन की वजह से ग्लेशियर फट गया और फिर झील का पानी नीचे की ओर तेजी से आ गया और तबाही मच गई है.
17 चीनी नागरिक लापता
चीन में भी प्राकृतिक आपदाओं का असर देखने को मिल रहा है. ग्यिरोंग बंदरगाह के पास हुए भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और संचार एवं बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीनी मीडिया ने यह भी बताया है कि अब तक 17 चीनी नागरिक लापता हो चुके हैं.
ग्यिरोंग या केरंग क्षेत्र नेपाल-चीन सीमा पार व्यापार और आवागमन के लिए अहम है, इसलिए चीनी क्षेत्र में हुए नुकसान से केरंग सीमा चौकी के जरिए से सीमा आवागमन और व्यापार प्रभावित होने की संभावना है.
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए निर्देश
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह भूस्खलन बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगात्से जिले के ग्यिरोंग काउंटी में ग्यिरोंग बंदरगाह के पास हुआ. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन के कारण बंदरगाह की ओर जाने वाली सड़क अवरुद्ध हो गई और संचार एवं बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल में हुए भूस्खलन के बाद लापता लोगों की खोज और बचाव के लिए हर संभव प्रयास करने का आदेश दिया है.
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