काहिरा/वाशिंगटन:
अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना ने लीबिया के रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं और बमबारी की। हमले से बौखलाए लीबियाई नेता मुअम्मर गद्दाफी ने बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी सेना का कहना है कि अमेरिका और ब्रिटेन के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों से लीबिया के 20 से अधिक तटीय ठिकानों पर 112 टोमाहॉक मिसाइलें दागी गईं। फ्रांस के विमानों ने भी विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी लीबिया में कई स्थानों पर बमबारी की। गठबंधन सेना की इस कार्रवाई को ऑपरेशन ओडिसी डॉन नाम दिया गया है। अल जजीरा के मुताबिक हवाई हमले में लीबिया के कई टैंक और सैन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पेंटागन में ज्वांइट स्टाफ के निदेशक वाइस एडमिरल विलियम गोर्टनी ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों से लीबिया के लगभग 20 हवाई एवं मिसाइल रक्षा प्रतिष्ठानों पर 110 से अधिक टोमहॉक मिसाइलें दागी गईं। मिसाइलें लीबिया की राजधानी त्रिपोली और मिसराता के आसपास दागी गईं। गठबंधन सेना की इस हमले में लीबिया की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, राडार और संचार व्यवस्था को निशाना बनाया गया। गोर्टनी ने कहा, इस कार्रवाई के दो मकसद हैं। पहला यह कि लीबियाई सुरक्षाबल आम लोगों और विपक्षी दलों पर आगे हमला न कर सकें। दूसरा यह कि मुअम्मर गद्दाफी प्रशासन की ताकत को कमजोर किया जाए ताकि उड़ान निषिद्ध क्षेत्र को कायम रखा जा सके।
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