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'सभ्यता के खात्मे' से 'शांति के संदेश तक'... उन 10 घंटे 26 मिनट की कहानी, जिसमें हुआ अमेरिका-ईरान में सीजफायर

US-Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान में दो हफ्ते का अस्थायी सीजफायर हो गया है. लेकिन जंग और तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. जानते हैं ट्रंप की धमकी से लेकर सीजफायर की घोषणा तक और फिर सीजफायर टूटने की पूरी कहानी.

'सभ्यता के खात्मे' से 'शांति के संदेश तक'... उन 10 घंटे 26 मिनट की कहानी, जिसमें हुआ अमेरिका-ईरान में सीजफायर
अमेरिका-ईरान में दो हफ्तों का अस्थायी सीजफायर हो गया है.
  • अमेरिका और इजरायल ने फरवरी में ईरान पर हमला कर जंग शुरू की, जो चालीस दिनों तक चली और फिर अस्थायी सीजफायर हुआ
  • अमेरिका और ईरान ने दो हफ्तों के लिए सीजफायर की घोषणा की, लेकिन यह कुछ घंटों में टूट गया और हमले जारी रहे
  • सीजफायर के दौरान भी ईरान की तेल रिफाइनरी पर हमले हुए और ईरान ने UAE व कुवैत पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए
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नई दिल्ली:

दुनिया में कोई भी जंग शुरू तो गोला-बारूद और बम-मिसाइलों से होती है लेकिन इसका अंत हमेशा 'समझौते' पर होता है. अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का भी 'अस्थायी अंत' ऐसा ही हुआ. 28 फरवरी को अचानक अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया. जंग खिंचती गई और 40 दिन तक चली. 40वें दिन जाकर ईरान और अमेरिका दो हफ्ते के लिए 'अस्थायी सीजफायर' पर राजी हो गए. इसे जंग का अंत माना जा रहा है, क्योंकि इन दो हफ्तों में गोला-बारूद की जगह बातचीत होनी है. 

हालांकि, यह सीजफायर कुछ ही घंटे टिका और फिर से वही सब शुरू हो गया, जो पिछले 40 दिन से हो रहा था. यह अस्थायी सीजफायर सिर्फ कागजों पर ही दिखा लेकिन जमीन पर इसका अब तक तो कोई असर नहीं दिखा. एक बार फिर से पश्चिम एशिया के देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, मिसाइलें दाग रहे हैं. हमले ईरान पर भी हो रहे हैं और ईरान भी हमले कर रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर ऐसे वक्त हुआ था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट खोलने और समझौता करने की डेडलाइन खत्म होने में सिर्फ 90 मिनट बचे थे. हालांकि, सीजफायर होने के कुछ ही घंटों बाद ये टूट भी गया. इजरायल है कि लेबनान पर हमले किए जा रहा है. ईरान की तेल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ है. इसके बाद ईरान ने UAE और कुवैत पर भी मिसाइल और ड्रोन अटैक किए. अब जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उससे लग रहा है कि जंग के खतरनाक हालात कभी भी बन सकते हैं.

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ट्रंप की धमकी से सीजफायर की घोषणा तक

ट्रंप ने भारतीय समयानुसार मंगलवार शाम 5 बजकर 36 मिनट पर ईरान की 'सभ्यता खत्म करने' की धमकी दी थी. इस धमकी के 10 घंटे 26 मिनट बाद बुधवार तड़के 4 बजकर 2 मिनट पर ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की.

  • 7 अप्रैल, शाम 5:36 बजे: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. 47 सालों की उगाही, भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा.
  • 7 अप्रैल, रात 9:09 बजे: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि एक 'सभ्यता' वाले देश की संस्कृति, तर्क और यकीन की ताकत, बेरहमी के 'लॉजिक' पर जरूर हावी होगी.
  • 7 अप्रैल, रात 9:19 बजे: ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरिफ ने कहा कि ईरान की सभ्यता ने हजारों सालों से अपने दुश्मनों के 'भ्रमों' को मात दी है. ईरान ट्रंप की धमकियों से डरने वाला नहीं है.
  • 8 अप्रैल, रात 12:47 बजे: पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप से डेडलाइन दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की. उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि कूटनीति को अपना रास्ता तय करने का मौका दिया जाए.
  • 8 अप्रैल, तड़के 4:02 बजे: ट्रंप ने दो हफ्ते के 'डबल साइडेड सीजफायर' का ऐलान किया, बशर्ते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने पर राजी हो जाए. ट्रंप ने कहा कि ईरान से जो 10 पॉइंट का प्रस्ताव मिला है, वह कारगर है और इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दो हफ्ते का समय होगा.
  • 8 अप्रैल, तड़के 4:41 बजे: ईरान ने भी दो हफ्ते के सीजफायर की पुष्टि की. यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाज पहले की तरह गुजर सकते हैं, बशर्ते ईरान पर हमले बंद हो जाएं.
  • 8 अप्रैल, सुबह 5:20 बजे: पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि ईरान और अमेरिका तत्काल सीजफायर के लिए लागू हो गए हैं. यह सीजफायर लेबनान और दूसरी जगहों पर भी लागू होगा.
  • 8 अप्रैल, सुबह 7:15 बजे: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीजफायर का समर्थन किया. हालांकि, नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि यह सीजफायर लेबनान में लागू नहीं होगा.
  • 8 अप्रैल, सुबह 9:31 बजे: ट्रंप ने आज के दिन को वैश्विक शांति के लिए बहुत बड़ा दिन बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज में जहाजों की आवाजाही में मदद करेगा. ट्रंप ने कहा कि यह मिडिल ईस्ट का 'स्वर्ण युग' साबित हो सकता है.

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सीजफायर हो गया लेकिन धमकियां जारी!

इस सीजफायर को अमेरिका और ईरान, दोनों ही अपनी-अपनी 'जीत' बता रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर के बाद अमेरिका को 'पूरी और मुकम्मल जीत' मिली है. AFP को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 'अमेरिका को मुकम्मल जीत मिली है. 100%. इसमें कोई शक नहीं.' 

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं तो हमारी शक्तिशाली सेनाएं अपने ऑपरेशन बंद कर देंगी.' उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सेना होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में मदद करेगी. उन्होंने कहा कि ईरान, अमेरिका के 15 पॉइंट के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. अमेरिका ने भी ईरान के 10 पॉइंट के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है.

CNN के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि 'हम ईरान को यह खुशखबरी देते हैं कि जंग के लगभग सभी मकसद हासिल कर लिए गए हैं और आपके बहादुरों ने दुश्मन को बेबस और स्थायी हार की स्थिति में धकेल दिया है.' सुप्रीम काउंसिल ने चेतावनी देते हुए कहा कि 'हमारे हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं और अगर दुश्मन जरा सी भी गलती करता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.'

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सीजफायर की शर्तें क्या? कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर तो हो गया लेकिन अब भी इसकी शर्तों को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. पाकिस्तान दावा कर रहा है कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है. लेकिन नेतन्याहू कह रहे हैं कि इसमें लेबनान शामिल नहीं है.

ईरान की सरकारी मीडिया की ओर से 10 पॉइंट का प्लान साझा किया है. ईरानी मीडिया का दावा है कि यही वह 10 शर्तें हैं जिन्हें अमेरिका ने 'व्यावहारिक' रूप से मंजूर कर लिया है. ईरान ने जो 10 शर्तें बताई हैं, उसमें होर्मुज का पूरा कंट्रोल ईरान के पास ही रहेगा और यूनरेनियम एनिरचमेंट भी जारी रहेगा. साथ ही ईरान पर लगाए गए सारे प्रतिबंध हटाए जाएंगे. ईरान को मुआवजा दिया जाए और इस क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी की जाए. साथ ही साथ इसमें यह भी है कि यह सीजफायर लेबनान पर भी लागू होगा.

हालांकि, ट्रंप ने इसे खारिज किया है. CNN ने ईरान का आधिकारिक बयान चलाया था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने इस 10 पॉइंट के प्लान को मान लिया है. ट्रंप ने इसे 'फेक न्यूज' बताया है.

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वहीं, युद्ध रोकने के लिए अमेरिका ने कुछ दिन पहले 15 पॉइंट का एक प्रस्ताव रखा था. ट्रंप का दावा है कि 15 में से कई पॉइंट्स पर सहमति बन गई है. अमेरिका-ईरान में सीजफायर होने के लगभग 12 घंटे 40 मिनट पर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट की है. इसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर काम करेगा. यूरेनियम को कोई एनरिचमेंट नहीं होगा और अमेरिका उसके साथ मिलकर जमीन में बहुत गहराई में दबी हुई सारी 'न्यूक्लियर धूल' को बाहर निकालेगा और हटा देगा.

ट्रंप ने कहा कि ईरान बहुत कड़ी सैटेलाइट निगरानी में होगा. उन्होंने कहा कि हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के बारे में बातचीत कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. 15 में से कई पॉइंट्स पर पहले ही सहमति बन चुकी है.

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लेकिन चंद घंटों में टूट भी गया सीजफायर

सीजफायर का ऐलान तो हो गया. ट्रंप ने इसे वैश्विंक शांति के लिए 'बहुत बड़ा दिन' भी बता दिया. लेकिन जंग और तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

सीजफायर होने के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान पर हमला किया. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि उसने ईरान पर हमला करना बंद कर दिया है लेकिन लेबनान में ऑपरेशन जारी रहेगा. उसने कहा कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली सेना का ऑपरेशन जारी है.

लेकिन हमले सिर्फ लेबनान तक सीमित नहीं है. बल्कि ईरान, यूएई और कुवैत तक हो रहे हैं. ईरान का दावा है कि लावन में उसकी तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है. ईरान की न्यूज एजेंसी मेहर ने बताया कि बुधवार को सीजफायर लागू होने के बाद लावन द्वीप पर स्थित एक रिफाइनरी में कई धमाकों की खबर मिली है. हालांकि, अब तक इन धमाकों की असली वजह सामने नहीं आई है. 

तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद ईरान ने UAE और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. कुवैत का कहना है कि ईरान के हमले जारी हैं. कुवैत ने दावा किया है कि उसने 28 ईरानी ड्रोन्स को रोक दिया है, लेकिन इन हमलों से ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर प्लांट और वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सीजफायर लागू होने के बाद भी वह ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से निपट रहा है. 

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इस सीजफायर का भविष्य क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच अभी दो हफ्तों का अस्थायी सीजफायर हुआ है. इस दौरान कोई हमले नहीं होंगे. इन दो हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट भी खुला रहेगा और जहाजों का आना-जाना भी पहले की तरह हो जाएगा. 

जहाजों को ट्रैक करने वाली कंपनी मरीन ट्रैफिक ने बताया कि होर्मुज से जहाजों का गुजरना शुरू हो गया है. मरीन ट्रैफिक का कहना है कि दो जहाज होर्मुज से गुजरे हैं. एक जहाज ग्रीस का है और दूसरा लाइबेरिया का.

अभी सीजफायर हुआ है और मध्यस्थों के साथ अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत होगी. पाकिस्तान की मध्यस्थता में 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होगी. 

ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) ने बताया कि 10 अप्रैल को अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ करेंगे. 

वहीं, CNN ने अपनी रिपोर्ट में बताया है इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, दामाद जेरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की उम्मीद है.

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