बीते 6 अक्टूबर को इजराइल के कई शहरों में सायरन बजने से हजारों लोगों में दहशत मच गई. फिलिस्तीन के आतंकी समूह हमास ने गाजा से इजरायली धरती पर अचानक जमीन, समुद्र और हवाई हमले के साथ लगभग 5000 रॉकेट लॉन्च किए. हमास ने अपने लड़ाकों को कस्बों, किबुत्ज़ समुदायों और यहां तक कि एक बाहरी संगीत समारोह में घुसपैठ करने के लिए भेजा. दहशत से त्रस्त इजरायली अपने घरों में छिप गए. ऐसी खबरें चल रही थीं कि हमास के लड़ाके घर-घर जाकर आतंकवादी हमले कर रहे थे, नागरिकों को गोली मार रहे थे और उन्हें घसीटकर ले जा रहे थे.
हमास ने नावों और मोटर चालित पैराग्लाइडरों द्वारा के जमीनी हमले को किए, जिन्होंने गुरिल्ला रणनीति का उपयोग करते हुए सुबह-सुबह इजरायली भूमि पर धावा बोला.
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इन हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, जो 1973 के योम किप्पुर युद्ध के बाद से इज़रायली धरती पर सबसे भीषण हमला है. ये दो प्रसिद्ध इज़रायली सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसी, शिन बेट और मोसाद के संयुक्त प्रयासों के बावजूद है. हमलों और मौतों ने विशेष रूप से मोसाद की विश्वसनीयता को बड़ा झटका दिया है, जिसकी इज़राइल और दुनिया भर में उपलब्धियां प्रसिद्ध हैं.
मोसाद कैसे काम करता है
3 बिलियन डॉलर के वार्षिक बजट और 7000 अनुभवी कर्मचारियों के साथ, मोसाद सीआईए के बाद पश्चिम में दूसरी सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी है.
मोसाद के कई विभाग हैं, लेकिन इसकी आंतरिक संरचना का विवरण ज्यादातर छिपा हुआ है. इसका न केवल फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों के अंदर, बल्कि लेबनान, सीरिया और ईरान जैसे शत्रु देशों में भी मुखबिरों और एजेंटों का एक नेटवर्क है. ख़ुफ़िया एजेंसी का विशाल जासूसी नेटवर्क उन्हें उग्रवादी नेताओं की गतिविधियों की गहन जानकारी देता है. जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर सटीक कार्रवाई को अंजाम देने में सक्षम होते हैं.
विभाग
- मोसाद का कलेक्शन डिपार्टमेंट सबसे बड़ा डिवीजन है, जो दुनिया भर में जासूसी अभियानों के लिए जिम्मेदार है.
- राजनीतिक कार्रवाई और संपर्क विभाग राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करता है और मित्रवत विदेशी खुफिया सेवाओं और उन देशों के साथ काम करता है, जिनके साथ इज़राइल के औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं.
- स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन, जिसे मेत्साडा के नाम से भी जाना जाता है, अत्यधिक संवेदनशील मिशन, अर्धसैनिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध अभियान चलाता है.
- एलएपी (लोहामा साइकोलोगिट) विभाग मनोवैज्ञानिक युद्ध, प्रचार और धोखे के संचालन के लिए जिम्मेदार है.
- अनुसंधान विभाग दैनिक स्थिति रिपोर्ट, साप्ताहिक सारांश और विस्तृत मासिक रिपोर्ट सहित खुफिया जानकारी तैयार करता है.
- प्रौद्योगिकी विभाग मोसाद संचालन का समर्थन करने के लिए उन्नत तकनीक विकसित करता है.
मोसाद कैसे विफल हुआ?
जब बाहरी हमलों को विफल करने की बात आती है तो इज़राइल और मोसाद की त्रुटिहीन सफलता दर ने शनिवार को हमास के हमले की भविष्यवाणी करने में विफलता को और अधिक दबावपूर्ण बना दिया है.
गाजा-इज़राइल सीमा पर कैमरे, ग्राउंड-मोशन सेंसर और नियमित सेना गश्त सहित उच्च तकनीक सुरक्षा उपायों के बावजूद, हाल ही में हमास घुसपैठ का हमला सफल रहा. सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए जिसमें एक बुलडोजर को इज़राइल-गाजा सीमा को चिह्नित करने वाली अभेद्य 'लोहे की दीवार' के एक हिस्से को तोड़ते हुए दिखाया गया है.
हमास के लड़ाके बाड़ के माध्यम से घुसपैठ करने, तार में छेद करने और नावों और पैराग्लाइडर पर समुद्र के रास्ते आने में सक्षम थे.
हमले का पैमाना, जिस जटिलता के साथ इसे अंजाम दिया गया और इसके लिए जिस समन्वय और महीनों की योजना की आवश्यकता रही होगी, वह इस बात पर गंभीर सवाल उठाती है कि इज़राइल की लगभग पूर्ण खुफिया एजेंसी इसका पता लगाने में कैसे और क्यों विफल रही?
कुछ लोगों ने इसकी तुलना न्यूयॉर्क में 9/11 के हमलों से की है, जिसने न केवल सीआईए बल्कि सामान्य तौर पर वैश्विक खुफिया नेटवर्क पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
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