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परमाणु रिएक्टर बचाने के लिए चट्टान में किया धमाका, नदी का पानी मोड़ा! यूरोप के सूखे ने पैदा किया बिजली संकट

यूरोप में सूखा इस हद तक का है कि न्यूक्लियर प्लांट को ठंडा रखने के लिए जरूरी पानी नहीं मिल पा रहा है. रोमानिया में चट्टान में धमाका कर नदी का पानी मोड़ना पड़ा है.

परमाणु रिएक्टर बचाने के लिए चट्टान में किया धमाका, नदी का पानी मोड़ा! यूरोप के सूखे ने पैदा किया बिजली संकट
रोमानिया में परमाणु रिएक्टर बचाने के लिए नदी के चट्टान में किया धमाका (फोटो- एएफपी)
  • यूरोप की भीषण गर्मी और सूखे की वजह से न्यूक्लियर पावर प्लांट हो रहे बंद
  • रोमानिया को नदी का रास्ता बदलने के लिए चट्टानों में धमाका करना पड़ा है, ताकी पानी आखिरी चालू प्लांट तक पहुंचे
  • हंगरी का इकलौता न्यूक्लियर प्लांट भी सिर्फ कुछ घंटों या दिनों की मोहलत पर चल रहा है

यूरोप की भीषण गर्मी और सूखे ने अब हालात ऐसे बना दिए हैं कि परमाणु रिएक्टर बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. जिन नदियों का पानी इन रिएक्टरों को ठंडा रखता था, वे अब लगभग सूख चुकी हैं. हालात इतने खराब हो गए कि रोमानिया की नौसेना को नदी का रास्ता बदलने के लिए चट्टानों में धमाका करना पड़ा है. हंगरी का इकलौता न्यूक्लियर प्लांट भी सिर्फ कुछ घंटों या दिनों की मोहलत पर चल रहा है.

रोमानिया और हंगरी में क्या हो रहा?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रोमानिया ने सोमवार को चट्टान के एक हिस्से को धमाके से उड़ा दिया ताकि सूखे की मार झेल रही डेन्यूब नदी से जरूरी ठंडा पानी उसके आखिरी चालू न्यूक्लियर रिएक्टर तक पहुंचाया जा सके. वहीं पड़ोसी देश हंगरी ने कहा कि वह अपने एकमात्र एटॉमिक प्लांट से दो और दिन बिजली बना सकता है.

रोमानिया की नौसेना द्वारा किए गए इस कंट्रोल्ड धमाके से पानी का एक बड़ा फव्वारा हवा में उछल गया. यह एक असाधारण कदम था जो यूरोप में संकट की गंभीरता को दिखाता है, जहां गर्मी और सूखे के कारण नदियों का जलस्तर गिर गया है और पानी की सप्लाई के साथ-साथ नदी के जरिए ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

दोनों रिएक्टरों की क्षमता कम होने और हीटवेव के कारण बिजली की मांग बढ़ने से हंगरी और रोमानिया महंगी बिजली आयात करने पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं. दोनों देश कूलेंट के तौर पर डेन्यूब नदी के पानी का इस्तेमाल करते हैं. हंगरी के अधिकारियों ने पहले कहा था कि उन्हें रविवार तक अपना पाक्स न्यूक्लियर प्लांट बंद करना पड़ सकता है. अब उन्होंने कहा है कि यह प्लांट सोमवार या मंगलवार तक अपनी मौजूदा कम क्षमता पर काम कर सकता है, जिससे बिजली सप्लाई को थोड़ी राहत मिलेगी.

2-गीगावाट क्षमता वाला पाक्स प्लांट आम तौर पर देश की लगभग आधी बिजली बनाता है. लेकिन सोमवार को अपनी क्षमता के 10% से भी कम पर चल रहा था क्योंकि डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था. नदी के बहाव की दिशा में आगे, रोमानिया की सरकारी न्यूक्लियर पावर कंपनी न्यूक्लियरइलेक्ट्रिका को पिछले हफ्ते की शुरुआत में अपने दो रिएक्टरों में से एक को बंद करना पड़ा था. जानकारों का कहना है कि रोमानिया की ओर से इस कंट्रोल्ड धमाके से अधिकारियों के लिए एक अस्थायी बांध बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे उस नदी चैनल में ज्यादा पानी भेजा जा सकेगा जहां आखिरी चालू सेरनावोडा रिएक्टर स्थित है.

न्यूक्लियरइलेक्ट्रिका आम तौर पर रोमानिया की बिजली की जरूरत का पांचवां हिस्सा पूरा करती है.

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