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शव नहीं मिला तो हॉस्पिटल फूंका! इस अफ्रीकी देश में Ebola ने कोरोना वाला कहर मचाया है- VIDEO

Congo Ebola Virus Outbeak, Violence: कांगो में अबतक इबोला वायरस से 159 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में सरकार हर मरने वाले के शवों का बड़ी सावधानी से खुद अंतिम संस्कार कर रही है.

शव नहीं मिला तो हॉस्पिटल फूंका! इस अफ्रीकी देश में Ebola ने कोरोना वाला कहर मचाया है- VIDEO
Ebola Virus outbreak in Congo: कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप

Ebola Virus Outbreak: एक युवक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर ऐसा गुस्सा फूटा कि देखते ही देखते हालात हिंसा में बदल गए. लोगों ने अस्पताल पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, आइसोलेशन वार्ड में आग लगा दी और पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए चेतावनी वाली गोलियां चलानी पड़ीं. मामला अफ्रीकी देश कांगो का है, जहां इबोला वायरस का खौफ लगातार बढ़ रहा है. यह घटना तब हुई जब युवक के परिवार और दोस्तों को उसका शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से रोक दिया गया. अधिकारियों को शक था कि उसकी मौत इबोला वायरस से हुई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी  WHO के अनुसार डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में 600 संदिग्ध मामलों में से 139 लोगों की मौत इबोला से होने की आशंका है. हालांकि कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर काम्बा ने सरकारी चैनल RTNC टीवी से कहा कि अधिकारियों ने 159 मौतें दर्ज की हैं.

हॉस्पिटल में क्या हुआ?

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय नेता लुक मलेंबे मलेंबे ने बताया, “लोगों ने अस्पताल पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकनी शुरू कर दीं. उन्होंने उन टेंटों में भी आग लगा दी जो आइसोलेशन वार्ड के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे.”

उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने खुद रवामपारा जनरल अस्पताल में देखा. हंगामे के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए चेतावनी वाली गोलियां चलाईं. बता दें कि इबोला से मरने वाले व्यक्ति का शव बेहद संक्रामक माना जाता है. वायरस को फैलने से रोकने के लिए अधिकारियों को सुरक्षित तरीके से अंतिम संस्कार कराना जरूरी होता है.

रवामपारा अस्पताल में काम करने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सेना की सुरक्षा में रखा गया. यह अस्पताल इतुरी प्रांत के बुनीय शहर के पास स्थित है, जहां इबोला के लगभग सभी मामले सामने आए हैं. अस्पताल के एक कर्मचारी ने एएफपी न्यूज एजेंसी को बताया कि पत्थरबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों की वजह से एक स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गया. बाद में सुरक्षाबलों ने हालात संभाले.

लोकल स्टार था मृतक

इतुरी में इबोला सुरक्षा व्यवस्था को कॉर्डिनेट कर रहे जीन क्लॉड मुकेंदी ने एसोसिएटेड प्रेस (AP) से कहा कि मरने वाला युवक इलाके में काफी लोकप्रिय था और उसके परिवार व दोस्तों को “बीमारी की गंभीरता समझ नहीं आ रही थी.”

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वहीं रॉयटर्स से बात करने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह युवक फुटबॉलर था और कई स्थानीय टीमों के लिए खेल चुका था. उसकी मां ने न्यूज एजेंसी से कहा कि उन्हें लगता है कि उनके बेटे की मौत इबोला नहीं बल्कि टाइफाइड बुखार से हुई थी.

WHO इबोला पीड़ितों के लिए “सुरक्षित और सम्मानजनक अंतिम संस्कार” की सलाह देता है. इसके तहत प्रशिक्षित टीमें सुरक्षा उपकरण पहनकर शवों को संभालती हैं. इबोला वायरस के दो मामले कांगो के पड़ोसी देश युगांडा में भी पाए गए हैं.

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