- ब्रिटेन के राइट विंग नेता नाइजेल फाराज पर आर्थिक हेराफेरी के आरोप लगे और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था
- नाइजेल फाराज ने उप-चुनाव में फिर से हिस्सा लिया और 22,239 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की
- उप-चुनाव में कोई भी राजनीतिक पार्टी भाग नहीं ली, लेकिन 32 निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव में हिस्सा लिया
ब्रिटेन के एक राइट विंग नेता पर आर्थिक हेराफेरी के आरोप लगे और जांच होने लगी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया. उप-चुनाव हुआ तो ये कहते हुए फिर खड़े हुए हो गए कि उनका फैसला जनता करे. नाइजेल फाराज चुनाव तो जीत गए लेकिन उनके खिलाफ खड़े 'कूड़ेदान' ने उन्हें कड़ी टक्कर दी. 'कूड़ेदान' को नौ हजार से ज्यादा वोट मिले. वहीं 'रिफॉर्म यूके' पार्टी के नेता फाराज को 22,239 वोट मिले.
कूड़ेदान कैसे खड़ा हो गया चुनाव में
इस चुनाव की खास बात ये थी कि इसमें ब्रिटेन के किसी भी राजनीतिक पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया. सभी ने बहिस्कार कर दिया. मगर 32 निर्दलीय चुनाव में खड़े हुए. हालांकि, इन 32 में से टक्कर सिर्फ काउंट बिनफेस ने दी. उन्हें ही 9,455 वोट मिले. बिफनेस पूरे चुनाव में अपने सिर पर कचरे का डिब्बा उल्टा करके पहना हुए थे. बिनफेस के घोषणापत्र में भी मजाक भरे वादे थे, जैसे "आपके टैक्स कम करना और बाकी सबके टैक्स बढ़ाना," गायिका एडेल का राष्ट्रीयकरण करना और "सेलिब्रिटीज द्वारा लिखी गई (या 'लिखी गई') आरामदायक क्राइम नॉवेल्स पर 'विंडफॉल टैक्स' (अचानक हुई ज्यादा कमाई पर लगने वाला टैक्स) लगाना."
1963 से शुरू हुई ये परंपरा
पिछले छह दशकों से भी ज्यादा समय से ब्रिटिश चुनावों में इस तरह के लोग मजाक में चुनाव लड़ते हैं. UK में लगभग कोई भी व्यक्ति संसद का चुनाव लड़ सकता है. इसके लिए बस £500 ($675) की जमानत राशि और उम्मीदवारी के लिए 10 समर्थकों की जरूरत होती है, जिससे लोग बिना ज्यादा परेशानी के मजाक-मजाक में या अपनी बात कहने के लिए चुनाव लड़ सकते हैं. यह परंपरा 1963 में शुरू हुई, जब एक युवा म्यूजिशियन, जिन्हें बाद में 'स्क्रीमिंग लॉर्ड सट्च' के नाम से जाना गया, एक उपचुनाव में खड़े हुए. वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने कुल 41 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें तीन मौजूदा प्रधानमंत्रियों के खिलाफ लड़ना भी शामिल था. 1982 में 'ऑफिशियल मॉन्स्टर रेविंग लूनी पार्टी' की स्थापना की.
मगर इस चुनाव के नतीजे इसलिए भी चौंकाने वाले हैं कि राइट विंग नेता नाइजेल फाराज की पार्टी ब्रिटेन में बड़ा रसूख रखती है. यह सब एक नई राष्ट्रीय सरकार के बनने के माहौल में हो रहा है. लेबर पार्टी के नेता बर्नहैम अपने पूर्ववर्ती कीर स्टारमर से ज्यादा लोकप्रिय हैं और इस गर्मी की शुरुआत में संसद में अपनी सफल वापसी के दौरान 'रिफॉर्म' पार्टी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं.
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