- क्यूबा 300 से अधिक सैन्य ड्रोन हासिल कर अमेरिका पर हमले की योजना बना रहा- रिपोर्ट
- क्यूबा ने रूस और ईरान से ड्रोन खरीदना शुरू किया है और अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच सैन्य तैयारियां बढ़ा रहा है
- क्यूबा का कहना है कि वह किसी को धमकी नहीं देता और UN के आत्मरक्षा अधिकार के तहत बाहरी हमलों का सामना करेगा
अमेरिका जिस कम्युनिस्ट देश के पीछे हाथ धोकर पड़ा है, अब वह देश ही अमेरिका की फिल्डिंग सेट करने की कोशिश में है. क्यूबा ने 300 से ज्यादा सैन्य ड्रोन हासिल कर लिए हैं और हाल ही में इनका इस्तेमाल अमेरिका के ग्वांतानामो बे बेस, अमेरिकी सैन्य जहाजों और संभवतः फ्लोरिडा पर हमला करने की योजनाओं पर चर्चा शुरू की है. यह दावा रविवार को एक्सियोस ने गोपनीय खुफिया जानकारी के हवाले से किया.यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका और क्यूबा की सरकारों के बीच तनाव बना हुआ है. साथ ही यह अटकलें भी बढ़ रही हैं कि अमेरिका कम्युनिस्ट शासन वाले इस द्वीप के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है.
इस रिपोर्ट में क्या लिखा है?
एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से एक्सियोस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ड्रोन युद्ध तकनीक में हो रही प्रगति और क्यूबा की राजधानी हवाना में ईरानी सैन्य सलाहकारों की मौजूदगी को लेकर चिंतित है. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा, “जब हम सोचते हैं कि ऐसी तकनीकें अमेरिका के इतना करीब हैं और आतंकवादी समूहों से लेकर ड्रग कार्टेल, ईरानियों और रूसियों जैसे कई खराब तत्व मौजूद हैं, तो यह चिंता की बात है. यह बढ़ता हुआ खतरा है.”
अमेरिकी अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया कि क्यूबा 2023 से रूस और ईरान से हमला करने वाले ड्रोन खरीद रहा है और अब और ज्यादा ड्रोन खरीदने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा, “क्यूबा किसी को धमकी नहीं देता और न ही युद्ध चाहता है. वह शांति का समर्थन करता है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में मिले वैध आत्मरक्षा के अधिकार के तहत बाहरी हमले का सामना करने की तैयारी कर रहा है.”
यह भी पढ़ें: क्यूबा में डीजल की एक बूंद नहीं बची! हर दिन 20-22 घंटे कट रही बिजली- वजह अमेरिका है
यह रिपोर्ट सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ की हवाना यात्रा के कुछ दिनों बाद आई है. वहां क्यूबा के लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईंधन प्रतिबंध (क्यूबा को तेल बेचने पर बैन) की वजह से लगातार बिजली कटौती झेल रहे हैं.
एक्सियोस के अनुसार, रैटक्लिफ ने क्यूबा के अधिकारियों को किसी भी तरह की दुश्मनी वाली कार्रवाई में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी. एक अज्ञात CIA अधिकारी के हवाले से एक्सियोस ने कहा, “डायरेक्टर रैटक्लिफ ने साफ कर दिया कि क्यूबा अब हमारे क्षेत्र में दुश्मनों के शत्रुतापूर्ण एजेंडे को आगे बढ़ाने का मंच नहीं बन सकता.”
1960 के दशक से कम्युनिस्ट द्वीप क्यूबा और अलग-अलग अमेरिकी सरकारों के बीच टकराव चलता आ रहा है. वहीं अमेरिका के दक्षिणी राज्य फ्लोरिडा में क्यूबा से आए निर्वासित लोगों का बड़ा और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली समुदाय रहता है. इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका फ्लोरिडा से सिर्फ 90 मील यानी 145 किलोमीटर दूर स्थित कैरेबियाई द्वीप क्यूबा को “लगभग तुरंत” अपने नियंत्रण में ले लेगा.
उन्होंने यह भी कहा था कि वेनेजुएला के लंबे समय तक नेता रहे निकोलस मादुरो को हटाने के लिए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद अगला नंबर क्यूबा का होगा. अमेरिकी मीडिया ने यह भी रिपोर्ट दी कि अमेरिकी अधिकारी क्यूबा के दिवंगत नेता फिदेल कास्त्रो के 94 वर्षीय भाई राउल कास्त्रो के खिलाफ मामला दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: हवा में 2 फाइटर जेट की टक्कर, जमीन पर धमाका... कैमरे पर कैद अमेरिका का खतरनाक हादसा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं