देश का फार्मा बाजार 2.50 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में फार्मा इंडस्ट्री ने 9.3 % की वृद्धि दर्ज की है. फार्मारैक की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में फार्मा बाजार मूल्य के आधार पर 10.9 % बढ़ा, जबकि दवाओं की बिक्री की मात्रा में 1.4 % की वृद्धि हुई. मई 2026 में हृदय रोगों से जुड़ी दवाओं का बाजार 14.5 % बढ़ा. डायबिटीज की दवाओं की बिक्री में 13.1 % और श्वसन रोगों की दवाओं के बाजार में 12.2 % की वृद्धि दर्ज की गई. सबसे तेज बढ़त वैक्सीन सेगमेंट में देखने को मिली, जहां बाजार 21.9 % बढ़ा. विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण और बीमारी की रोकथाम को लेकर बढ़ती जागरूकता इसकी प्रमुख वजह है.
मौन्जारो बना देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड
अमेरिकी कंपनी एली लिली की दवा 'मौन्जारो' भारत का सबसे अधिक बिकने वाला फार्मा ब्रांड बन गया है. इसकी बिक्री 1,095 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इस ब्रांड की बिक्री में 2,296 % से अधिक की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई. विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा और डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इस दवा की मांग तेजी से बढ़ रही है. मौन्जारो के अलावा ऑग्मेन्टिन, ग्लाइकोमेट जीपी, फोराकोर्ट, पैन, मिक्सटार्ड, ज़ीरोडोल-एसपी, क्लैवम, लिव.52 और थायरोनॉर्म जैसे ब्रांड भी टॉप-10 में शामिल रहे%
मई 2026 तक बाजार हिस्सेदारी के मामले में सन फार्मा पहले स्थान पर रही. कंपनी की हिस्सेदारी 8.4 % दर्ज की गई। इसके बाद एबॉट और सिप्ला का स्थान रहा, जिनकी बाजार हिस्सेदारी 5.9-5.9 % रही. विकास दर के मामले में टोरेंट फार्मा सबसे आगे रही. कंपनी ने 14.1 % की वृद्धि दर्ज की. इसके बाद इंटास ने 13.9 %, ग्लेनमार्क ने 13.4 %, सन फार्मा ने 12.9 % और यूएसवी ने 12.7 % की वृद्धि दर्ज की.
कीमतों और नए उत्पादों ने बढ़ाई बाजार की रफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 तिमाही में दर्ज 10.5 % कुल वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का रहा. कुल वृद्धि में 5.7 % योगदान कीमतों का था. नए उत्पादों का योगदान 3.6 % रहा, जबकि वास्तविक बिक्री मात्रा का योगदान 1.3 % रहा. मजबूत बाजार ग्रोथ के बावजूद कुछ दवा श्रेणियों में कमजोरी देखी गई। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दवाओं की यूनिट बिक्री में 4.5 % की गिरावट दर्ज हुई. वहीं एंटी-इन्फेक्टिव और एंटीबायोटिक दवाओं की यूनिट बिक्री 2.1 % घटी। हार्मोन और नेत्र रोगों से जुड़ी दवाओं के बाजार में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई.
स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग का संकेत
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने कहा कि यह वृद्धि दिखाती है कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और मरीजों की इलाज तक पहुंच बेहतर हुई है. उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हृदय रोग, श्वसन रोग और पोषण संबंधी दवाओं के क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर चिकित्सा देखभाल के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि नई दवाओं की लॉन्चिंग, दवाओं की बेहतर उपलब्धता और प्रमुख उपचार श्रेणियों में लगातार बनी मांग ने इस वृद्धि को और मजबूत किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी नई दवाओं और इनोवेटिव उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण भारतीय फार्मा बाजार की वृद्धि जारी रह सकती है.
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