
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
चीन की सेना ने भर्ती होने वाले नये सैनिकों के प्रशिक्षण की अवधि को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया है, ताकि उनके युद्ध की क्षमता में सुधार किया जा सके. यह खबर सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को दी. ग्लोबल टाइम्स ने पीएलए के हवाले से बताया कि नये सैनिकों को विभिन्न कंपनियां आवंटित करने से पहले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) उनको पेशेवर प्रशिक्षण देगी. गौरतलब है कि पीएलए दुनिया की सबसे बड़ी सेना है जिसमें 20 लाख सैनिक हैं. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘नये सैनिकों का प्रशिक्षण अब और प्रभावी होगा तथा प्रशिक्षित सैनिक के स्तर का पूरी तरह प्रशिक्षण होने के बाद ही उन्हें युद्धक इकाइयां आवंटित की जाएंगी.’’
पीएलए ने डोकलाम के बाद पठार क्षेत्र में सैन्य अभ्यास तेज किए - मीडिया रिपोर्ट
गौरतलब है कि चीन और भारत की सेनाएं डोकलाम के मुद्दे पर कई दिनों तक आमने-सामने रही हैं. हालांकि बाद में बातचीत के जरिये दोनों देशों ने इस मुद्दे को सुलझा लिया था. चीन के मामलों के जानकार कहते हैं कि चीन अपनी सेना के जरिये पड़ोसी देशों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश करता रहता है. डोकलाम के मुद्दे पर भी चीनी सेना के प्रवक्ता भारत को देख लेने की धमकी देते रहे ताकि मनोवैतज्ञानिक दबाव बनाकर डोकलाम से भारत को पीछे धकेलना जा सके. लेकिन तत्कालीन रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने साफ कहा था कि यह 1962 का भारत नहीं है.
क्षेत्रीय युद्ध के लिए तैयार रहे सेना : शी चिनफिंग
इनपुट : भाषा
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इनपुट : भाषा
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