
तेहरान:
ब्रिटिश एयरवेज (बीए) का पहला यात्री विमान चार साल बाद शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान में उतरा. विमान इमाम खुमैनी हवाईअड्डे पर उतरा. ब्रिटिश एयरवेज की ईरान के लिए उड़ान सेवा अक्टूबर 2012 से ही बंद थी.
बोइंग 777 विमान ने लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे से स्थानीय समयनुसार रात 9.10 बजे उड़ान भरी थी और यह सुबह 6.15 बजे तेहरान पहुंचा. ब्रिटिश एयरवेज लंदन और तेहरान के बीच सप्ताह में छह दिन उड़ानों का संचालन करेगा.
ब्रिटिश एयरवेज के उड़ानों के पुर्नसंचालन का फैसला ईरान के खिलाफ ब्रिटेन द्वारा पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के निर्णय के तहत लिया गया. इस साल की शुरुआत में ईरान से प्रतिबंध हटने तथा साल 2015 में तेहरान में ब्रिटेन के दूतावास के दोबारा खुलने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार हुआ है.
ब्रिटिश एयरवेज ने अक्टूबर 2012 में सप्ताहिक तीन उड़ानों को तेहरान में ब्रिटिश दूतावास बंद होने के एक साल बाद बंद कर दिया था. ब्रिटिश एयरवेज ने सबसे पहले 1946 में ईरान के लिए उड़ानें शुरू की थीं.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने तेहरान स्थित ब्रिटिश दूतावास पर हमला कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सभी कूटनीतिक संबंध निलंबित हो गए थे.
ईरान तथा विश्व के शक्तिशाली पी5+1 देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन व जर्मनी) के बीच परमाणु समझौता होने के बाद साल 2015 में ब्रिटेन ने तेहरान में अपना दूतावास दोबारा खोला. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी कहा कि ईरान की सरकार ने छह विश्व शक्तियों के साथ परमाणु समझौते के संदर्भ में अपने दायित्वों का निर्वाह किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बोइंग 777 विमान ने लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे से स्थानीय समयनुसार रात 9.10 बजे उड़ान भरी थी और यह सुबह 6.15 बजे तेहरान पहुंचा. ब्रिटिश एयरवेज लंदन और तेहरान के बीच सप्ताह में छह दिन उड़ानों का संचालन करेगा.
ब्रिटिश एयरवेज के उड़ानों के पुर्नसंचालन का फैसला ईरान के खिलाफ ब्रिटेन द्वारा पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के निर्णय के तहत लिया गया. इस साल की शुरुआत में ईरान से प्रतिबंध हटने तथा साल 2015 में तेहरान में ब्रिटेन के दूतावास के दोबारा खुलने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार हुआ है.
ब्रिटिश एयरवेज ने अक्टूबर 2012 में सप्ताहिक तीन उड़ानों को तेहरान में ब्रिटिश दूतावास बंद होने के एक साल बाद बंद कर दिया था. ब्रिटिश एयरवेज ने सबसे पहले 1946 में ईरान के लिए उड़ानें शुरू की थीं.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने तेहरान स्थित ब्रिटिश दूतावास पर हमला कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सभी कूटनीतिक संबंध निलंबित हो गए थे.
ईरान तथा विश्व के शक्तिशाली पी5+1 देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन व जर्मनी) के बीच परमाणु समझौता होने के बाद साल 2015 में ब्रिटेन ने तेहरान में अपना दूतावास दोबारा खोला. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी कहा कि ईरान की सरकार ने छह विश्व शक्तियों के साथ परमाणु समझौते के संदर्भ में अपने दायित्वों का निर्वाह किया.
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