- एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को जेफरी एपस्टीन से संबंधों के आरोप में उनके 66वें जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया है
- पिछले साल जांच के बाद उन्हें ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि, शाही सम्मान और सैन्य उपाधियां वापस लेनी पड़ीं
- गिरफ्तारी के वक्त पुलिस सादे कपड़ों में उनके आवास पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर ले गई
एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनकी गिरफ्तारी पद का दुरुपयोग करने के मामले में हुई है. हालांकि, एंड्रयू की गिरफ्तारी एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद ही हुई है. ऐसे में लोग इसे एपस्टीन फाइल्स से भी जोड़कर देख रहे हैं. बीते कुछ समय में उनकी ऐसी तस्वीरें भी सामने आई थीं जिन्होंने एंड्रयू पर लगे आरोपों को और संगीन बना दिया. आपको बता दें कि पिछले साल कई हफ्तों तक चली लंबी जांच के बाद एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर से उनकी राजकुमार की उपाधि भी वापस ले ली गई थी. इतना नहीं इस मामले में उन्हें अपना रॉयल लॉज हवेली भी छोड़ना पड़ा था. उस दौरान बकिंघम पैलेस ने एक बयान भी जारी किया था. उस बयान में कहा गया था कि राजा के भाई को अब से एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर के नाम से जाना जाएगा.
जन्मदिन के मौके पर हुई गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर को उस समय गिरफ्तार किया है जब वो आज अपना 66 वां जन्मदिन मना रहे थे. उन्हें आज सुबह करीब आठ बजे गिरफ्तार किया गया था. उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस गाड़ियों के काफिले के साथ उनके घर पर पहुंची थी. एंड्रयू को अब पुलिस अपने साथ लेकर गई है.
बेटियों को मिली रहेगी राजकुमारी की उपाधि
ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस के परिवार की बात करें तो उनकी दो बेटिंया हैं. एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर पर लगे आरोपों के बीच भले ही उनकी उपाधि छीन ली गई हो लेकिन उनकी बेटियों की राजकुमारी के रूप में उपाधि आगे भी बरकरार रहेगी.एंड्रयू की गिरफ्तारी गुरुवार सुबह की गई है. सादे कपड़ों में कई पुलिसकर्मी उनके आवास पर आए और उन्हें अपने साथ लेकर चले गए. बताया जा रहा है कि एंड्रयू बीते कई सप्ताह से यहां रह रहे थे. इस दौरान वह बेहद कम ही बाहर निकलते थे.
एंड्रयू ने अपने पर लगे आरोपों को हमेशा से गलत बताया है
एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चाओं में आए पूर्व प्रिंस ने इन आरोपों को पहले भी गलत बताया है. वो पहले भी कई बार अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए हमेशा से ही गलत काम करने से इनकार करते रहे हैं. पुलिस फिलहाल एंड्रयू पर लगे आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है. आपको बता दें कि पिछले साल माउंटबेटन-विंडसर ने अक्टूबर में घोषणा की थी कि वह अपने भाई, राजा के साथ चर्चा के बाद ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि और सम्मान छोड़ देंगे.बाद में उनकी शाही उपाधियां छीन ली गईं और उन्हें शाही लॉज छोड़ने के लिए कहा गया था. इतना ही नहीं माउंटबेटन-विंडसर की सैन्य उपाधियां भी वापस ले ली गई थीं.
पूर्व राजकुमार पर क्या आरोप
एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर पर कई संगीन आरोप लगाए गए थे. उनपर अश्लील तस्वीरों के अलावा एक महिला ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन उसे 2010 में तत्कालीन प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए ब्रिटेन ले गया था. महिला का दावा था कि वह विंडसर कैसल एस्टेट स्थित एंड्रयू के शाही निवास में गई थी. ब्रिटिश राजपरिवार के पूर्व सदस्य पर इस तरह का आरोप लगाने वाली यह दूसरी महिला है. एंड्रयू लगातार आरोपों से इनकार करते रहे हैं. हालांकि, नए मामले में उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी.
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