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135 साल पुराने स्कूल की सालाना फीस है 50 लाख, मजबूरी में अचानक करना पड़ा बंद, कहा- सरकार ने मजबूर कर दिया

1891 में स्थापित किए गए इंग्लैंड के इस स्कूल में 600 बच्चे पढ़ते हैं. कई पैरेंट्स ने 50 लाख रुपए की सालाना फीस एक साथ भर दी थी, इसके बावजूद इस स्कूल को हाफ-टर्म की छुट्टी के बाद अचानक बंद कर दिया गया है.

135 साल पुराने स्कूल की सालाना फीस है 50 लाख, मजबूरी में अचानक करना पड़ा बंद, कहा- सरकार ने मजबूर कर दिया
इंग्लैंड के 135 साल पुराने लेवेस्टन स्कूल को बंद कर दिया गया है (फोटो- लेवेस्टन स्कूल)

इंग्लैंड में 135 साल पुराना मशहूर प्राइवेट स्कूल अचानक बंद कर दिया गया है. अब सैकड़ों पैरेंट्स, इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और यहां काम करने वाले कर्मचारी इस स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस स्कूल में अभी हाफ-टर्म के बाद की छुट्टी चल रही है लेकिन यह बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बंद हो गया है. इस स्कूल का नाम लेवेस्टन स्कूल है जिसे 1891 में स्थापित किया गया था. स्कूल ने घोषणा की है कि छुट्टियों के बाद वह फिर से नहीं खुलेगा. स्कूल ने इसके लिए प्राइवेट शिक्षा पर सरकार द्वारा लगाए गए VAT (वैट) को भी जिम्मेदार ठहराया है. यह किसी प्रोडक्ट या सर्विस के बनने से बिकने तक हर स्टेज पर उसकी बढ़ी हुई कीमत पर लगने वाला टैक्स होता है.

हर साल की फीस 40 लाख रुपए

इस स्कूल में लगभग 600 स्टूडेंट पढ़ते हैं और शिक्षकों समेत यहां 180 कर्मचारी हैं. इस स्कूल की सालाना फीस 38,000 पाउंड है. भारतीय करेंसी में यह रकम 48 लाख रुपए से भी अधिक की होती है. इसमें रहने की सुविधा भी है यानी यह बोर्डिंग स्कूल भी है और बच्चे अपने घर से भी रोज आकर यहां पढ़ाई करते हैं.

 खास बात है कि कभी इस स्कूल में फ्री की पढ़ाई हुआ करती थी. स्कूल की वेबसाइट के अनुसार जब यह स्कूल 135 साल पहले शुरू हुआ था तब इसका नाम सेंट एंटनी स्कूल था. इसकी स्थापना 1891 में शेरबोर्न में 'रिलिजियस ऑफ क्रिश्चियन इंस्ट्रक्शन' संस्था द्वारा की गई थी. तब दो स्कूल बनाए गए थे. एक सेंट एंटनी, जो एक बोर्डिंग स्कूल था. दूसरा सेंट जोसेफ. 'सेंट जोसेफ' में स्थानीय समुदाय के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती थी, लेकिन 1950 के दशक में सरकारी कानूनों के कारण इसे बंद करना पड़ा.

अब जब स्कूल को मजबूरन बंद करना पड़ा है तो स्थानीयल लोग स्कूल को बचाने के लिए एकजुट हो रहे हैं. इसके लिए लगभग 7 लाख पाउंड की राशि देने का वादा किया गया है और 3,000 हस्ताक्षरों वाली एक याचिका भी तैयार की गई है.

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सरकार की वजह से स्कूल हो रहा बंद?

स्कूल के बंद होने की वजह सिर्फ सरकार नहीं है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार इस कैथोलिक स्कूल को पिछले साल नवंबर में 'कॉन्सेप्ट एजुकेशन ग्रुप' ने अपने अधीन ले लिया था. फिर यह कंपनी बंद होने की प्रक्रिया में चली गई और उससे पहले कंपनी ने तीन टर्म तक इस स्कूल को चलाया.

पैरेंट्स को लिखे एक लेटर में, कंपनी के हेड ने बताया कि स्कूल की स्थिति सुधारने की तमाम कोशिशों के बावजूद, वे बढ़ते वित्तीय दबाव को नहीं संभाल पाए. जबकि कई पैरेट्स ने पूरे साल की 48 लाख से अधिक की फीस पहले ही जमा कर दी थी. कहा जा रहा है कि कर्मचारियों को अपनी नौकरी जाने के बारे में तब बताया गया, जब पैरेंट्स को लेटर भेजे जाने में बस कुछ ही मिनट बचे थे. 

 स्कूल की तरफ से कहा जा रहा है कि सरकार की तरफ से टैक्स लगाने की वजह से भी उसकी हालत ऐसी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार खबरों के अनुसार 2024 के बजट में प्राइवेट स्कूलों की फीस पर VAT लगाने के सरकारी फैसले के बाद 100 से अधिक प्राइवेट स्कूल ब्रिटेन में बंद हो गए हैं.

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