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3 करोड़ की लग्जरी वॉच चुराकर चोर का जागा ईमान, स्टोर को वापस भेजकर बोला- आई एम सॉरी

जापान में इस चोर ने ऑडेमर्स पिगुएट की घड़ी चुराई थी, जिसे दुनिया में लग्जरी घड़ियों के मामले में Big 3 कंपनियों में से एक माना जाता है. पहले तो चोर ने अलग अंदाज में इस चोरी को अंजाम दिया, लेकिन फिर उसने घड़ी वापस भी कर दी.

3 करोड़ की लग्जरी वॉच चुराकर चोर का जागा ईमान, स्टोर को वापस भेजकर बोला- आई एम सॉरी
जापान में 3 करोड़ की लग्जरी वॉच चुराकर चोर का जागा ईमान (प्रतिकात्मक AI फोटो)

चोरों में भी ईमान होता है- यह बात आपने कई बार किसी से सुनी होगी या फिल्मों में देखी होगी. जापान में एक चोर ने कुछ ऐसा किया है जो इसी को साबित करता है. इस मामले में खास बात है कि इस चोर का ईमान चोरी करने के बाद जागा. लोकल मीडिया के अनुसार पिछले हफ्ते टोक्यो के एक स्टोर से चोर ने लगभग 290,000 डॉलर कीमत की एक स्विस लग्जरी घड़ी चुराई थी. भारतीय करेंसी में इसकी रकम लगभग 2.75 करोड़ रुपए होते हैं. हैरानी की बात यह है कि चोर ने माफी वाले एक नोट के साथ यह घड़ी वापस कर दी है.

कस्टमर बनकर पहले चुराई घड़ी, फिर दिल बदल गया

चोर ने चोरी भी अपने अंदाज में की. वह इस दुकान में ग्राहक बनकर आया था और उसने 'ऑडेमर्स पिगुएट' की यह लग्जरी घड़ी पहनकर देखी और फिर उसे अपनी कलाई पर पहने हुए ही जापान की राजधानी में स्थित इस दुकान से भाग गया. लेकिन इस केस ने तब नया मोड़ लिया जब दुकान को एक पार्सल मिला, जिसमें वह घड़ी और हाथ से लिखा एक माफीनामा था.

सोमवार को 'असाही शिम्बुन' अखबार और अन्य मीडिया ने जांच से जुड़े अज्ञात सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार पार्सल से जो घड़ी वापस मिली है, उसका सीरियल नंबर चोरी की गई घड़ी से मिलता है. यानी जिस घड़ी को चुराया, ठीक वही वापस किया गया है. टोक्यो पुलिस अभी भी चोरी के संदेह में उस व्यक्ति की तलाश कर रही है.

खास बात है कि अगस्त में, उसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के एक दूसरे स्टोर से 200 मिलियन येन (1.3 मिलियन डॉलर) कीमत की चार लग्जरी घड़ियां चोरी हो गई थीं.

क्यों खास है ऑडेमर्स पिगुएट की लग्जरी घड़ी?

ऑडेमर्स पिगुएट (AP) घड़ियां बहुत महंगी होती हैं. उन्हें हाथ से बहुत बारीकी से बनाया और सजाया जाता है, उनमें कंपनी की खुद की बनाई हुई जटिल मशीनरी लगी होती है, उनका प्रोडक्शन बहुत कम होता है और ब्रांड का नाम बहुत बड़ा है. सिर्फ कच्चा माल महंगा होने से ये इतनी महंगी नहीं हैं.

ऑडेमर्स पिगुएट को पाटेक फिलिप और वाशेरॉन कॉन्स्टेंटिन के साथ ‘बिग थ्री' में गिना जाता है. यह इकलौती स्विस कंपनी है जो 1875 में शुरू होने के बाद से आज तक उसी परिवार के पास है जिसने इसे बनाया था.शुरू से ही AP घड़ियां अमीर और ताकतवर लोगों की पसंद रही हैं. यह ब्रांड परंपरा, कारीगरी और खास होने की पहचान है. बड़े नाम के बावजूद ऑडेमर्स पिगुएट काफी छोटी कंपनी है, इसमें करीब 1,200 लोग काम करते हैं. इसलिए घड़ियां भी कम बनती हैं. हर साल करीब 40 हजार घड़ियां ही फैक्ट्री से निकलती हैं. तुलना करें तो रोलेक्स में करीब 30 हजार लोग काम करते हैं और वह हर साल 7 लाख से 10 लाख घड़ियां बनाता है.

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