- भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 9 घंटे में 108 बौद्ध स्तूप स्थापित कर उनका अभिषेक किया गया
- इनमें से एक 76वें 'जांगचुप चोर्टेन' स्तूप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया है
- समारोह 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक चला, जिसमें भूटान के राजा, मुख्य मठाधीश और केंद्रीय मंत्री रिजिजू शामिल हुए
भूटान ने 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' में 9 घंटे के भीतर 108 बौद्ध स्तूप (जिन्हें 'जांगचुप चोर्टेन' भी कहा जाता है) स्थापित किए और उनका अभिषेक किया. भारत और भूटान के बीच गहरे संबंधों को दर्शाने के लिए, इनमें से एक स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया है. एक नवंबर को तड़के 2 बजे शुरू हुआ ये अभिषेक समारोह दोपहर 12 बजे तक चला. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और देश के मुख्य मठाधीश (चीफ एबॉट) मौजूद थे.
समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भूटान के राजा के साथ मिलकर एक पट्टिका का अनावरण किया, जिसके जरिए 76वें 'जांगचुप चोर्टेन' को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित किया गया.
'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' (GMC) भूटान के राजा की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य प्राचीन भूटानी सिद्धांतों और परंपराओं पर आधारित एक आधुनिक शहरी केंद्र विकसित करना है. ये 'जांगचुप चोर्टेन' इस शहर की आध्यात्मिक नींव का हिस्सा हैं.
इस कार्यक्रम में, राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने शहर के लिए अपने विजन का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा, "केंद्रीय मंत्री के माध्यम से, मैं प्रधानमंत्री, भारत सरकार और भारत के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं. आज आपने जो देखा, वह हमारी पहचान की झलक है. एक छोटा सा देश, जिसकी ताकत उसके लोग, उसके मूल्य और उसकी आस्था में है."
राजा ने आगे कहा, "आप यहां सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराने या समर्थन देने नहीं आए हैं, बल्कि आप इस कहानी का हिस्सा बन गए हैं. भूटान हमेशा इसी तरह आगे बढ़ा है - दीवारों से नहीं, बल्कि दोस्ती से. गेलेफू में आपका भरोसा, असल में भूटान में आपका भरोसा है और हम इस भरोसे का पूरा मान रखेंगे. यहां गेलेफू में, हम अपने लोगों, अपने बच्चों और भूटान के भविष्य के लिए कुछ बहुत ही खास बना रहे हैं. मेरी प्रार्थना है कि हम जो बना रहे हैं, उससे न केवल हमें फायदा हो, बल्कि आने वाले समय में पूरी दुनिया को भी लाभ मिले. ताशी देलेक!"
Honoured to have a royal audience with His Majesty the King of Bhutan in Gelephu today. Conveyed the warm greetings of Hon'ble Prime Minister Shri @narendramodi ji and reaffirmed India's steadfast commitment to our unique and enduring bilateral partnership. Congratulated Bhutan on the historic achievement of constructing 108 Buddhist Stupas (Jangchub Chortens) in just six hours on 1st November 2026, with the extraordinary participation of over 40,000 volunteers, monks and artisans who started the work after midnight. Expressed my heartfelt gratitude to His Majesty for graciously dedicating Stupa 76 to the Prime Minister of India, making this remarkable milestone an enduring symbol of the deep spiritual and civilisational bonds between our two nations. 🇮🇳🇧🇹 #IndiaBhutan #Project108 @MEAIndia @Indiainbhutan
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) November 1, 2026
वहीं अपनी यात्रा की झलक साझा करते हुए, रिजिजू ने कार्यक्रम की तस्वीरें पोस्ट कीं और कहा कि "आज गेलेफू में भूटान के महाराज से मिलकर वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं." उन्होंने X पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं पहुंचाईं और हमारी अनूठी व दीर्घकालिक द्विपक्षीय साझेदारी के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया."
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