- चीन ने 'लीजियन' नामक बैकपैक लेजर हथियार बनाया है, जिसे सैनिक आसानी से युद्ध में ले जा सकते हैं.
- 500 मीटर की रेंज वाला यह लेजर वेपन दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही मात्र 4 सेकंड में भस्म कर देता है.
- AI तकनीक से लैस इस अचूक हथियार को चीन अपने प्रमुख एयरबेसों की सुरक्षा के लिए तैनात कर रहा है.
World News: चीन की राजधानी बीजिंग में चल रहे तीन दिवसीय डिफेंस इंफॉर्मेशन इक्विपमेंट एंड टेक्नोलॉजी एग्जिबिशन 2026 (CNTE 2026) में एक ऐसा पोर्टेबल लेजर हथियार पेश किया गया है, जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है. अब एक अकेला सैनिक अपने बैकपैक में इस हथियार को ले जाकर 500 मीटर दूर तक दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही भस्म कर सकता है.
4 सेकंड में खाक होगा दुश्मन का ड्रोन
चीन की डिफेंस सप्लायर कंपनी हार्बिन शिनगुआंग ऑप्टिक-इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (Harbin Xinguang Optic-Electronics Technology) ने इस वेपन को बनाया है. इसे लीजियन (Lijian) सीरीज नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है 'तेज तलवार'. यह लेजर सिस्टम इतनी तेजी से काम करता है कि यह किसी भी यूएवी (UAV) को मात्र 4 सेकंड में जला सकता है.
हथियार के खास फीचर्स और ताकत जानें
पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम को मुख्य रूप से दो मॉडलों- 'लीजियन II' और 'लीजियन III' में पेश किया गया है. मिसाइल या गोलियों के मुकाबले यह काफी किफायती और अचूक है. लीजियन II का कुल वजन 30 किलो और लीजियन III का 25 किलो है. इसमें सिर्फ तीन मुख्य हिस्से हैं- लेजर एमिटर (15kg), एयर कूलर (10kg) और एक हैंडहेल्ड कंट्रोल टर्मिनल. यह 500 मीटर की रेंज और 90 डिग्री से अधिक के पिच एंगल पर ड्रोन को मार गिरा सकता है. इसका आकार इतना छोटा है कि एक या दो सैनिक इसे अपने बैग में रखकर आसानी से ले जा सकते हैं.
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AI से टारगेट सेटिंग, पर महंगी है तकनीक
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह लीजियन सीरीज सिर्फ लेजर नहीं मारती, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर अपने टारगेट की सटीक पहचान भी करती है. इसे छोटे रडार से जोड़कर पूरे एंटी-ड्रोन सिस्टम का हिस्सा बनाया जा सकता है. हालांकि, यह तकनीक सस्ती नहीं है. कंपनी के अनुसार, प्रत्येक पोर्टेबल मॉडल की कीमत करीब 2 मिलियन युआन (लगभग 2.5 करोड़ रुपये) है. फिलहाल इसे चीन के प्रमुख एयरबेसों पर तैनात किया जा रहा है.
भविष्य की जंग में क्या बनेगा गेमचेंजर?
यूक्रेन और मिडिल ईस्ट के हालिया संघर्षों ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्ध ड्रोन्स के जरिए लड़े जाएंगे.चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी चीन की मानवरहित कॉम्बैट फोर्स और काउंटरमेजर क्षमताओं को तेज करने पर लगातार जोर दे रहे हैं. सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मिनी लेजर हथियार युद्ध के मैदान में छोटे दस्तों के लिए 'गेमचेंजर' साबित होंगे. यह तकनीक दिखाती है कि चीन अब भारी-भरकम हथियारों के बजाय पोर्टेबल और आधुनिक लेजर तकनीक पर तेजी से शिफ्ट हो रहा है.
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