- बांग्लादेश सरकार ने पूर्व PM शेख हसीना के बयानों को चलाने पर मीडिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
- पिछले हफ्ते शेख हसीना ने NDTV को इंटरव्यू दिया था, अब बांग्लादेश के मीडिया हाउस को तारिक सरकार ने चेतावनी दी
- इस इंटरव्यू में पूर्व पीएम शेख हसीना ने इसी साल अपने देश वापस लौटने का ऐलान किया है
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ऐलान किया है कि वो इसी साल बांग्लादेश लौटने वाली हैं. छात्र आंदोलन और तख्तापलट के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेने वालीं हसीना ने NDTV को इमेल के जरिए यह इंटरव्यू दिया और इसने पूरी दुनिया में खूब सुर्खियां बंटोरीं. बांग्लादेश के अंदर भी इस इंटरव्यू को बड़े पैमाने पर कवर किया गया. ऐसे में तारिक रहमान की अगुवाई बांग्लादेश की मौजूदा BNP सरकार ने चेतावनी दी कि अगर शेख हसीना के बयानों को चलाया गया तो बांग्लादेश की मीडिया के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.
बांग्लादेशी अखबार- बांग्लादेश संवाद संस्था की रिपोर्ट के अनुसार पीएम तारिक रहमान के सूचना और प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने मंगलवार, 30 जून कहा कि कोर्ट द्वारा दोषी ठहराई गईं शेख हसीना के बयानों को छापना पूरी तरह से बैन है और बांग्लादेश की मीडिया को इस संबंध में अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए.
इस रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "कोर्ट की रोक के बावजूद, कुछ मीडिया संस्थान उनके भाषण को ब्रॉडकास्ट कर रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है. इसलिए, मीडिया को कानून का सम्मान करते हुए खबरें छापने में अधिक जिम्मेदार होना चाहिए." तारिक रहमान के सूचना सलाहकार ने राजधानी ढाका के सचिवालय में प्रेस सूचना विभाग (PID) द्वारा आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में एक सवाल का जवाब देते हुए ये बातें कहीं.
शेख हसीना ने क्या कहा था?
NDTV के इंटरव्यू में शेख हसीना ने इसी साफ बांग्लादेश वापस लौटने का ऐलान किया, जहां उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है. उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी सिर्फ एक संगठन नहीं है बल्कि फोर्स है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि मेरे खिलाफ दिया गया फैसला न्याय नहीं है, बल्कि एक अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है. कोर्ट को राजनीतिक बदला लेने का हथियार बना दिया गया है ताकि अवामी लीग को नेतृत्वविहीन किया जा सके. ऐसे प्रयास पहले भी हुए हैं और असफल रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मैं मरने से नहीं डरती. 1975 में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया था. 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड हमला हुआ था. मेरे खिलाफ अनेक साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार मैं लोगों के साथ खड़ी रही. जनता ने मुझे 5 बार प्रधानमंत्री चुना और मैंने देश के विकास के लिए काम किया. इसलिए मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि सभी बाधाओं और साजिशों को पार करते हुए मैं इस साल अपने देश लौटूंगी."
पूरा इंटरव्यू पढ़ने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें.
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