विज्ञापन

शेख हसीना का बड़ा ऐलान, इसी साल लौटूंगी बांग्लादेश; NDTV से बताया पूरा प्लान

बांग्लादेश से निकाले जाने के लगभग दो वर्ष बाद भी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का आत्मविश्वास बरकरार है. उनके खिलाफ मौत की सजा का फैसला सुनाया जा चुका है, उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध है और बांग्लादेश राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा है.

शेख हसीना का बड़ा ऐलान, इसी साल लौटूंगी बांग्लादेश; NDTV से बताया पूरा प्लान
बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना ने NDTV को दिए एक इंटरव्यू में अपने आगे के प्लान पर खुलकर बात की है.
NDTV
  • बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना ने NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वो इसी साल अपने वतन लौटेंगी.
  • इंटरव्यू में उन्होंने अवामी लीग की स्थिति, बांग्लादेश की राजनीति, अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों पर भी बात की.
  • शेख हसीना के इंटरव्यू के प्रमुख अंश पढ़ें यहां.
नई दिल्ली:

Sheikh Hasina NDTV Interview: बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपने देश वापस लौटने का ऐलान किया है. NDTV को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने बांग्लादेश वापस लौटने की बात कही. उनका कहना है कि मैं इसी साल अपने मुल्क लौटूंगी. उन्हें बांग्लादेश में मौत की सजा सुनाई गई है. उनके खिलाफ उसी मुल्क में कई मुकदमे चल रहे हैं, जहां कि वह कई बार प्रधानमंत्री रहीं और उसका गठन उनके पिता मुजीबुर रहमान ने किया था. उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी सिर्फ एक संगठन नहीं है बल्कि फोर्स है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमला तो बांग्लादेश की आजादी पर भी हमला है. 23 जून को ही उनकी पार्टी अवामी लीग का स्थापना दिवस था. इस मौके पर बांग्लादेश में अवामी लीग के दर्जनों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया गया था. 

शेख हसीना ने अपनी वापसी, अवामी लीग की स्थिति, बांग्लादेश की राजनीति, अल्पसंख्यकों पर हमलों और भारत में अपने जीवन पर NDTV से विस्तार से बात की है. इस बातचीत के प्रमुख अंश पढ़ें यहां.

NDTV का सवाल: आपके सपोर्टर इस साल आपकी संभावित वापसी को लेकर आशावादी हैं. आपके खिलाफ मौत की सजा के बावजूद यह कितना संभव है?

शेख हसीना का जवाब: मेरी वापसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का सवाल नहीं है. यह बांग्लादेश के लोगों के राजनीतिक अधिकारों, लोकतंत्र की बहाली, कानून के शासन और मुक्ति संग्राम की भावना से जुड़ा विषय है. मैं सत्ता के लिए राजनीति नहीं करती, बल्कि देश के लोगों के कल्याण और राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के 'सोनार बांग्ला' के सपने को साकार करने के लिए राजनीति करती हूं.

मेरे खिलाफ दिया गया फैसला न्याय नहीं है, बल्कि एक अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है. न्यायपालिका को राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार बना दिया गया है ताकि अवामी लीग को नेतृत्वविहीन किया जा सके. ऐसे प्रयास पहले भी हुए हैं और असफल रहे हैं.

मैं मौत से नहीं डरती. 1975 में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया. 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड हमला हुआ था. मेरे खिलाफ अनेक साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार मैं लोगों के साथ खड़ी रही. जनता ने मुझे 5 बार प्रधानमंत्री चुना और मैंने देश के विकास के लिए काम किया. इसलिए मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि सभी बाधाओं और साजिशों को पार करते हुए मैं इस वर्ष अपने देश लौटूंगी.

Latest and Breaking News on NDTV

NDTV का सवाल: क्या अवामी लीग BNP के नेतृत्व वाली सरकार की कमजोरियों का राजनीतिक लाभ उठाने की स्थिति में है?

शेख हसीना का जवाब: अवामी लीग कोई कागजी संगठन नहीं, बल्कि बंगाल की मिट्टी, इतिहास और जनता से जुड़ी एक राजनीतिक शक्ति है. 77 साल के इतिहास में इस पार्टी पर कई बार हमले हुए, इसे प्रतिबंधित किया गया, लेकिन हर बार यह जनता की ताकत से वापस उभरी. अवामी लीग की वापसी किसी और की असफलता पर निर्भर नहीं करती. जनता का समर्थन हमेशा हमारे साथ रहा है. हमारे शासन में देश में स्थिरता, विकास और सुरक्षा थी. लेकिन विरोधी ताकतों ने सुनियोजित तरीके से लोगों के एक हिस्से को गुमराह कर हमें सत्ता से हटाया.

आज लोग देख रहे हैं कि अंतरिम सरकार और बाद में बनी BNP सरकार के दौर में लोकतंत्र, कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता कमजोर हुई है. अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं, कट्टरवाद बढ़ रहा है और अवामी लीग के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर दमन हो रहा है. लोग तुलना करना जानते हैं और समझते हैं कि अवामी लीग के शासन में देश अधिक सुरक्षित और स्थिर था.

NDTV का सवाल: पार्टी पर प्रतिबंध और हजारों मामलों के बावजूद उसकी राजनीतिक वापसी कितनी संभव है?

शेख हसीना का जवाब: अवामी लीग की राजनीतिक वापसी किसी सरकार की कृपा पर निर्भर नहीं है. पार्टी कार्यालय बंद किए जा सकते हैं, राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है, लेकिन लोगों के दिलों से अवामी लीग को नहीं मिटाया जा सकता.
देशभर में विभिन्न जिलों, उपजिलों और गांवों में अवामी लीग के समर्थन में रैलियां निकल रही हैं. आम लोग भी इन कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं. यह पार्टी के फिर से उभरने का संकेत है.

मौजूदा सरकार खुद अवामी लीग की संगठनात्मक ताकत से डरती है. यही कारण है कि पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रमों को रोकने के लिए सेना, सीमा रक्षक बल और पुलिस को तैनात किया गया. लेकिन अवामी लीग को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता.

NDTV का सवाल: आपने कहा है कि आपकी सत्ता से विदाई के बाद बांग्लादेश अपनी मूल पहचान से दूर होकर पाकिस्तान जैसी व्यवस्था की ओर बढ़ गया है. आपका क्या मतलब है?

शेख हसीना का जवाब: बांग्लादेश का जन्म सैन्य शासन, भेदभाव, दमन और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ संघर्ष से हुआ था. हमारे संविधान की नींव राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित थी. इस आधार को कमजोर करना बांग्लादेश की मूल पहचान पर हमला है.

5 अगस्त के बाद मुक्ति संग्राम की भावना पर व्यापक हमला हुआ. स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया गया, स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया, “जय बंगला” के नारे को अपराध की तरह देखा गया और राष्ट्रपिता के निवास पर हमले हुए. अल्पसंख्यकों, मंदिरों, सूफी दरगाहों और सांस्कृतिक संस्थानों को निशाना बनाया गया. चरमपंथ के लिए जगह बनाई गई. यह सब बांग्लादेश को एक विफल राज्य की दिशा में ले जा रहा है.

इसके विपरीत, अवामी लीग के शासनकाल में बांग्लादेश ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की. 2023 में जीडीपी वृद्धि दर 7.25 प्रतिशत रही, प्रति व्यक्ति आय 2,793 डॉलर तक पहुंची और देश विश्व की 35वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना. गरीबी और अत्यधिक गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ तथा पद्मा ब्रिज, मेट्रो रेल और डिजिटल बांग्लादेश जैसे बड़े विकास कार्य हुए.

Latest and Breaking News on NDTV

यह भी पढ़ें - Explainer: चुनाव आते ही बांग्लादेश क्यों जल उठा? समझें- हसीना के Exit से तारिक रहमान की Entry तक का पूरा खेल

NDTV का सवाल: क्या BNP नेतृत्व और आपके बीच अवामी लीग पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर कोई बैकचैनल बातचीत हुई है?

शेख हसीना का जवाब: यह लोगों को भ्रमित करने के लिए फैलाया गया प्रचार है. मेरा रुख स्पष्ट है. लोकतंत्र, चुनावी अधिकार और न्याय जैसे मुद्दे किसी गुप्त सौदेबाजी का विषय नहीं हो सकते. ये जनता के संवैधानिक अधिकार हैं. यदि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ मामला है तो उसकी सुनवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव में चलने वाले न्यायाधिकरणों के माध्यम से.

NDTV का सवाल: अल्पसंख्यकों और मंदिरों पर हमलों तथा इस्लामी कट्टरपंथी समूहों की धमकियों को आप कैसे देखती हैं?

शेख हसीना का जवाब: यह बेहद दुखद और चिंताजनक है. जब भी मुक्ति संग्राम की ताकतें कमजोर हुई हैं और सांप्रदायिक शक्तियों का प्रभाव बढ़ा है, तब अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं. 5 अगस्त के बाद हिंदू, बौद्ध, ईसाई, आदिवासी, अहमदिया समुदाय और सूफी परंपराओं से जुड़े लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. मंदिरों में तोड़फोड़ हुई है, घर लूटे गए हैं और धार्मिक आयोजनों में बाधाएं पैदा की गई हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि सरकार इन घटनाओं को नकारती रही है, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ा है.

मैं स्पष्ट कहना चाहती हूं कि अल्पसंख्यक कोई वोट बैंक नहीं हैं, बल्कि बांग्लादेश के बराबरी के अधिकार वाले नागरिक हैं. जो लोग मंदिरों पर हमला करते हैं और धर्म के नाम पर लोगों को धमकाते हैं, वे केवल किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता की भावना के दुश्मन हैं.

NDTV का सवाल: भारत में निर्वासन के दौरान आपका जीवन कैसा रहा है? क्या आपको परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलता है?

शेख हसीना का जवाब: मेरे जीवन में निजी जीवन जैसी कोई चीज बहुत कम रही है. मैंने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश के लोगों के लिए समर्पित किया है. 1975 में मैंने सब कुछ खो दिया था और लंबे समय तक निर्वासन में रही. बाद में देश लौटकर लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी.
आज भी मेरे परिवार से सामान्य संपर्क बना हुआ है, लेकिन मेरा दिल बांग्लादेश में ही है. वहीं मेरी मिट्टी है, वहीं मेरे पिता की यादें हैं और वहीं वह जनता है जिसकी मैंने पूरी जिंदगी सेवा की है. देश से दूर रहना और अपने सहयोगियों तथा समर्थकों के उत्पीड़न की खबरें सुनना बेहद पीड़ादायक है.

फिर भी मेरा संघर्ष रुका नहीं है. मैं रोजाना देश की स्थिति पर नजर रखती हूं, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उठाने की कोशिश करती हूं. मुझे विश्वास है कि बांग्लादेश की जनता फिर से लोकतंत्र बहाल करेगी और अवामी लीग जनता की ताकत से दोबारा उभरेगी. मैं अंतिम दिन तक इस संघर्ष के साथ रहूंगी.

यह भी पढ़ें - 'हम दोनों मिलकर काम करेंगे...', शेख हसीना ने शुभेंदु अधिकारी को दी खास अंदाज में बधाई

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sheikh Hasina, Sheikh Hasina Interview, Bangladesh Sheikh Hasina, Sheikh Hasina News, Sheikh Hasina News Hindi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com