मनामा:
बहरीन में राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद के उच्च सदन नेशनल एसेम्बली (शूरा) का प्रवेशद्वार बंद कर दिया। देशभर से स्कूली छात्रों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक कुछ छात्रों ने संसद की तरफ मार्च किया तो कुछ ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपने स्कूलों में ही प्रदर्शन किया। वे पिछले 14 फरवरी से बहरीन में राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। राजधानी मनामा में एक विश्वविद्यालय के छात्रों ने सरकार नियंत्रित बीटीवी टेलीविजन कार्यालय की तरफ भी मार्च किया। नेशनल एसेम्बली के आसपास जुटे प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए अपने साथियों को छोड़ने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाले मंत्रियों तथा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा घायल हो गए हैं। एक दिन पहले शिया मुसलमानों के एक समूह अल-वेफाक ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। बहरीन की कुल जनसंख्या में 70 फीसदी शिया मुसलमान हैं, जबकि सत्ताधारी परिवार सुन्नी समुदाय से है। राजनीतिक सुधारों की बढ़ती मांग के बीच बहरीन के शासक हमद बिन ईसा अल-खलीफा ने पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था। प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच वार्ता को प्रोत्साहित करने के मकसद से उन्होंने हिरासत में लिए गए 300 लोगों को छोड़ने का आदेश भी दिया था। लेकिन विपक्ष ने इसे नाकाफी बताते हुए कहा कि बातचीत शुरू करने से पहले मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना होगा।
This Article is From Feb 28, 2011