- ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हुए हमले में एक गार्ड की मौत हुई और एक इमारत को नुकसान पहुंचा है.
- ईरान के विदेश मंत्री ने रेडियोएक्टिव रिसाव की चेतावनी देते हुए इसका असर खाड़ी देशों की राजधानियों तक बताया.
- बुशहर संयंत्र फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है और रेडिएशन का समुद्री जल पर प्रभाव व्यापक हो सकता है.
Iran Israel USA War: ईरान, इजरायल, अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे जंग आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसका खतरा और दायरा भी और अधिक बढ़ रहा है. शनिवार 4 अप्रैल को ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट पर हमला हुआ. बताया गया कि बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा, इस हमले में एक गार्ड की मौत हो गई. साथ ही एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा है. ईरान के परमाणु प्लांट पर हुए इस हमले से रेडिएशन का भी खतरा बढ़ गया है. बुशहर परमाणु प्लांट पर हुए हमले के बाद रेडियोएक्टिव रिसाव के खतरे को लेकर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक बयान सामने आया है. इस बयान में उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा कि रेडियोएक्टिव रिसाव का असर केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जीसीसी देशों की राजधानियों पर पड़ेगा.
ईरान के विदेश मंत्री ने दी बड़ी चेतावनी
दरअसल ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यूक्रेन के जोपोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट के पास हमलों को लेकर पश्चिमी देशों का आक्रोश याद है? अब इसराइल और अमेरिका हमारे बुशहर प्लांट पर चार बार हमला कर चुके हैं." उन्होंने चेतावनी दी, "रेडियोएक्टिव रिसाव का असर तेहरान नहीं, बल्कि गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल (GCC) के देशों की राजधानियों पर पड़ेगा."

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक्स पोस्ट.
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले 'वास्तविक मंशा' को दिखाते हैं. हालांकि अमेरिका और इसरायल ने अब तक इन हमलों में अपनी भूमिका की पुष्टि नहीं की है.
फारस की खाड़ी के बिल्कुल पास है बुशहर परमाणु संयंत्र
बताते चले कि बुशहर परमाणु संयंत्र ईरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में बुशहर राज्य में स्थित है. यह फारस की खाड़ी के किनारे समुद्र तट से करीब है. समुद्री पानी का इस्तेमाल प्लांट को ठंडा रखने के लिए किया जाता है. गूगल मैप से बुशहर की तस्वीर में यह साफ दिखता है कि बुशहर समुद्र तट के कितने पास है. रेडिएशन का असर समुद्री जल पर पड़ा तो इसका असर और व्यापक होगा.

फारस की खाड़ी के तट पर स्थित बुशहर परमाणु संयंत्र.
जीसीसी क्या है, इसमें कौन-कौन से देश
मालूम हो कि गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल या खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) फारस की खाड़ी के छह अरब देशों का एक अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन है. इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन शामिल हैं. 1981 में स्थापित इस संगठन का मुख्यालय सऊदी अरब की राजधानी रियाद, में है.

कुवैत, बहरीन, कतर, UAE, ओमान के साथ-साथ सऊदी अरब पर भी बुशहर परमाणु संयंत्र के रिसाव का खतरा पड़ेगा.
GCC के सदस्य देश और उनकी राजधानी
- सऊदी अरब: रियाद
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अबू धाबी
- कुवैत: कुवैत सिटी
- कतर: दोहा
- ओमान: मस्कट
- बहरीन: मनामा
ईरान ने IAEA पर अमेरिका और इजरायल के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया
ईरान ने बुशहर परमाणु प्लांट पर हुए हमले को लेकर इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) पर भी तीखा हमला किया. ईरान ने IAEA पर अमेरिका और इजरायली शासन के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों के मामले में एजेंसी की निष्क्रियता IAEA की जो थोड़ी-बहुत साख बची है, उसे भी खत्म कर देती है.
यह भी पढ़ें - परमाणु तबाही के करीब मिडिल ईस्ट की जंग! ईरान के इकलौते न्यूक्लियर पावरप्लांट पर गिरी मिसाइल
यह भी पढ़ें - परमाणु संयंत्र पर हमले को लेकर ईरान की चेतावनी, कहा - अगर रेडिएशन फैला तो खाड़ी के अन्य देश भी तबाह होंगे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं