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This Article is From Apr 09, 2026

सीजफायर पर संकट के बीच व्हाइट हाउस ने बताया इस्लामाबाद बैठक में कौन-कौन शामिल होगा

अमेरिका ने भले ही इस्लामाबाद वार्ता के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने बताया है कि ईरान ने जो 10 सूत्रीय प्लान पेश किया था, उसे ट्रंप ने ठुकराते हुए रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है.

सीजफायर पर संकट के बीच व्हाइट हाउस ने बताया इस्लामाबाद बैठक में कौन-कौन शामिल होगा

पश्चिम एशिया में 40 दिन की जंग के बाद युद्धविराम का ऐलान हो चुका है. हालांकि युद्धविराम की शर्तों और इजरायल के लेबनान पर ताजा हमलों को लेकर मतभेद से सीजफायर के लागू होने पर संकट मंडराने लगा है. इस बीच सबकी निगाहें 10 जनवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी हैं. व्हाइट हाउस ने देर रात बयान में बताया कि अमेरिका की तरफ से इस बैठक में कौन-कौन हिस्सा लेगा.

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप इस्लामाबाद वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और दो वार्ताकारों को भेज रहे हैं. वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर भी पाकिस्तान जाएंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने बताया कि इस्लामाबाद में स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह पहले राउंड की बैठक होगी. उसके बाद व्यक्तिगत बातचीत की संभावना तलाशी जाएगी. 

व्हाइट हाउस ने भले ही इस्लामाबाद वार्ता के लिए अपनी टीम भेजने की घोषणा कर दी है, लेकिन साथ ही यह भी बताया कि ईरान ने जो 10 सूत्रीय प्लान पेश किया था, उसे ट्रंप ने खारिज करते हुए रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है. 

देखें- 800 जहाज, 17 करोड़ बैरल तेल और ईरान का यू-टर्न... सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट में फिर गहराया संकट

इस बीच सीजफायर में लेबनान को लेकर पेंच फंस गया है. युद्धविराम के कुछ ही देर बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबु्ल्ला के ठिकानों पर भीषण हमले शुरू कर दिए. 10 मिनट के अंदर 100 जगहों पर 160 बम गिरा दिए. इनमें 254 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. 

ईरान ने लेबनान पर इजरायल के भीषण हमलों के बाद कड़ा रुख अपनाया है और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है. ईरान जोर देकर रहा है कि उसे पाकिस्तान की तरफ से बताया गया था कि सीजफायर में लेबनान में हमले रोकने की बात भी शामिल है. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. 

ईरान ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर लेबनान पर एक भी हमला हुआ तो पूरा सीजफायर टूट जाएगा. ईरान ने अमेरिका-इजरायल से कहा है कि गेंद आपके पाले में है. संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राजदूत अली बहरेनी का कहना है कि अमेरिका के साथ हुआ सीजफायर अस्थायी है.

देखें- पाकिस्तान ने बजाया 'शांति दूत' का ढोल, उधर सीजफायर के बाद भी बरस रहे बम तो अब जोड़ने पड़े हाथ

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भी साफ कह दिया है कि दो हफ्ते के सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. ट्रंप ने इसकी वजह हिज्बुल्ला को बताया है. इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी दोटूक कहा है कि संघर्षविराम में लेबनान शामिल नहीं है. अगर जरूरत पड़ी तो इजरायल फिर से जंग में उतरने के लिए तैयार है. उसकी उंगली ट्रिगर पर है. ईरान से सीजफायर युद्ध का अंत नहीं है. यह सिर्फ इजरायल के उद्देश्य पूरा करने का पहल स्टेप है.

देखें- सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं, जरूरत पड़ी तो फिर जंग लड़ेंगे... नेतन्याहू का खुला ऐलान

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