अमेरिका की घरेलू राजनीति, बढ़ता गन कल्चर और असुरक्षा का माहौल वहां की महिलाओं को देश छोड़ने पर मजबूर कर रहा है. अमेरिका में अब एक बड़ा जेंडर गैप (लैंगिक अंतर) देखा जा रहा है, जहां पुरुष देश में रुकना चाहते हैं, वहीं महिलाएं विदेश बसने का मन बना रही हैं. हाल ही में आए गैलप (Gallup) पोल के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, 15 से 44 साल की करीब 40% अमेरिकी महिलाओं का कहना है कि अगर उन्हें मौका मिले, तो वे हमेशा के लिए दूसरे देश में शिफ्ट होना चाहती हैं. साल 2014 के बाद से देश छोड़ने की इच्छा रखने वाली महिलाओं की संख्या में चार गुना का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है, जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा महज 19% पर ही थमा हुआ है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पलायन के पीछे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक राजनीति, महिलाओं के अधिकारों में कटौती और बेहतर 'वर्क-लाइफ बैलेंस' की तलाश जैसे बड़े कारण हैं. साल 2022 में जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के ऐतिहासिक अधिकार (रो बनाम वेड) को पलटा, तो महिलाओं में भारी असुरक्षा फैल गई. इसी माहौल को देखते हुए 'एक्सपैट्स' (Expatsi) जैसी रीलोकेशन कंपनियों की वेबसाइट्स पर ट्रैफिक अचानक बढ़ गया. इस कंपनी के जरिए विदेश जाने की योजना बनाने वाले कुल ग्राहकों में दो-तिहाई संख्या सिर्फ युवा महिलाओं की है, जो अमेरिका की मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल से तंग आ चुकी हैं.
गन वायलेंस का खौफ
'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में बसने वाली महिलाओं का कहना है कि वहां अब एक महिला के रूप में सुरक्षित अस्तित्व बचाना मुश्किल होता जा रहा है.
तनाव भरे इस माहौल से परेशान होकर अमेरिकी नागरिक रिकॉर्ड संख्या में देश छोड़ रहे हैं. लंदन, लिस्बन और मैड्रिड जैसे यूरोपीय शहरों में बसने के लिए अमेरिकी आवेदनों में भारी उछाल आया है. पिछले कुछ समय में आयरिश पासपोर्ट, ब्रिटिश नागरिकता और फ्रांस के लॉन्ग-स्टे वीजा के लिए अमेरिकी महिलाओं के आवेदनों ने पिछले दो दशकों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
आसान भी नहीं दूसरे देशों में पलायन करना
फ्लोरिडा से मैड्रिड शिफ्ट होने वाली कर्टनी शूइलर ने द गार्जियन को बताया कि विदेश आने के बाद ऐसा लगा जैसे वे सालों बाद खुली हवा में दोबारा गहरी सांस ले पा रही हैं, क्योंकि अमेरिका में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए तनाव का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है.
हालांकि, इन महिलाओं का यह भी कहना है कि विदेश में नई जिंदगी शुरू करना इतना आसान नहीं होता. वहां भाषा की दीवार, अपने परिवार से मीलों दूर रहने का अकेलापन और सबसे बढ़कर हर समय वीजा की तलाश और कानूनी कागजी कार्रवाई के अंतहीन चक्र से गुजरना एक अलग तरह की चुनौती है. इसके बावजूद, अमेरिकी महिलाएं अपने आत्मसम्मान, मानसिक शांति और सुरक्षित भविष्य के लिए इन चुनौतियों को गले लगाने को तैयार हैं.
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