- अमेरिका ने उत्तरी सागर में दो सप्ताह से अधिक समय तक पीछा करने के बाद रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा को जब्त किया
- टैंकर ईरान से वेनेज़ुएला जा रहा था और अमेरिकी नाकाबंदी से बचने के लिए अपना रास्ता बदल चुका था
- अमेरिकी सेना ने जहाज पर चढ़ाई का प्रयास किया और कई हेलीकॉप्टर सहित आइसलैंड के बेस से निगरानी की गई
अमेरिका ने रूसी झंडा लगे एक तेल टैंकर को ड्रामेटिक चेंज के बाद अटलांटिक महासागर में जब्त कर लिया है. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ये कार्रवाई दो सप्ताह से अधिक समय तक जहाज का पीछा करने के बाद की है. इस टैंकर पर रूस का झंडा लगा हुआ था. यह कदम उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनके मुताबिक कहा जा रहा था कि मॉस्को ने जहाज की सुरक्षा के लिए नौसैनिक बलों को तैनात करके इसे बचाने की कोशिश भी की थी.
रूसी राज्य प्रसारक RT ने अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई को लेकर एक वीडियो और एक तस्वीर भी जारी की है. वीडियो में एक हेलीकॉप्टर टैंकर के पास आता दिख रहा है. इसे बाद में एक ऑपरेशन का हिस्सा बताया गया. मीडिया रिपोर्ट्स में दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सेना जहाज पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी.
❗️ Military forces, presumably American, are attempting to board Russian-flagged civilian tanker 'Marinera' RIGHT NOW — RT source
— RT (@RT_com) January 7, 2026
RT has obtained first exclusive visual confirmation of the boarding attempt https://t.co/lWf62lN7hH pic.twitter.com/rn9xfLmNxi
आपको बता दें कि जिस टैंकर को कब्जे में लिया गया है उसका नाम मैरिनेरा है. मैरिनेरा टैंकर ईरान से वेनेज़ुएला जा रहा था. हालांकि, वेनेजुएला के जल क्षेत्र के पास चल रहे प्रतिबंध-प्रभावित तेल टैंकरों को जब्त करने के लिए अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश करने के बाद कथित तौर पर इसने अपना रास्ता बदल लिया था. और इसके बाद ये अटलांटिक महासागर में चला गया था.
अमेरिका के इस एक्शन से पहले इस जहाज पर कड़ी निगरानी रखी गई थी. जहाज के ऊपर कई हेलीकॉप्टर निगरानी करते देखे गए थे. इनमें आइसलैंड में अमेरिकी बेस के विमान भी शामिल थे.आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी सेना ने टैंकर को रोकने की कोशिश की है. पिछले साल ही दिसंबर में, चालक दल ने कथित तौर पर वेनेजुएला के पास बोर्डिंग के प्रयास को विफल कर दिया.
उस घटना के बाद, इस टैंकर पर तुरंत एक रूसी झंडा देखा गया और जहाज को रूस की आधिकारिक शिपिंग रजिस्ट्री में जोड़ा गया. मॉस्को ने तब एक औपचारिक राजनयिक विरोध जारी किया,जिसमें वाशिंगटन से जहाज का पीछा बंद करने की मांग की गई थी.
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